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राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन

 
 

 

''Mamtamai Maa Kaali ki Jai"/ " Hare kei sahare ki jai"  / "Khatu wale Naresh ki jai'' 

इस वेबसाइट में लोगों की निरीक्षण संख्या  

''द्वेष ईर्ष्या व क्रोध  से ग्रसित व्यक्ति अफवाह को जन्म देते है, कुन्ठित-बुद्धिहीन व्यक्ति उसको फैलाते है और मुर्ख उसे सत्य मान लेते है'' 

'' जुल्म सहने वाला जुल्म करने वाले से ज्यादा बड़ा गुन्हागार है, क्योकि खामोशी से जुल्म सह कर वो गुन्हागार के हौसले और भी बुलन्द करता है ,जिससे प्रेरित हो गुन्हागार और भी बडे और भी घिनौने जुल्म करता है ''

''सम्विधा प्रथा केन्सर के समान एक गंभीर प्रशासनिक बीमारी है , जो आज भी आधुनिक भारत मे इन्सानो को गुलाम बनाने की घिनौनी पद्ध्ति है'' 

दिनांक 15/10/2014 :                                   SLP वापस लेने के सम्बन्ध में 

पूर्व में दी गयी जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में लगी हुई SLP को दिनांक 17 अक्टूबर शुक्रवार को वापस लिया जा रहा हैं जिसके लिए सरकार की और से रुची कोहली के स्थान पर उनके सीनियर सौरभ शमशेरी जी पैरवी कर सकते हैं l उम्मीद की जा रही हैं की आशातीत परिणाम प्राप्त होंगे l SLP वापस लेने की प्रक्रिया में भागीदारी लेने हेतु हमारी यूनियन की और से देवाराम चौधरी, अभिनीत भारद्वाज, भंवर लाल विश्नोई व अन्य साथी कल दिल्ली के लिए रवाना हो जायेंगे l जिसके बाद यदि SLP वापस हो जाती हैं तो यूनियन द्वारा सरकार पर जल्द लिस्ट जारी करने के लिए दबाव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी जिसके बारे में सावधानीवश फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती l

17 अक्टूबर को यदि SLP वापस हो जाती हैं तो अगले दो दिन शनिवार व रविवार को अवकाश होने के कारण सोमवार से सरकार पर जल्द ही भर्ती लिस्ट जारी किये जाने हेतु दबाव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी l

भर्ती प्रक्रिया के अन्तिम चरण 

  • सुप्रीम कोर्ट से SLP वापस लेना l
  • हाई कोर्ट के 15% बोनस अंको के आदेशानुसार भर्ती लिस्ट जारी करने हेतु सेवा नियमो (मेडिकल) के दो महत्वपूर्ण बिन्दुओ में आंशिक संशोधन l
  • 15% बोनस के आधार पर लिस्ट जारी करने हेतु आधिकारिक लिखित स्वकृति जारी करना l
  • भर्ती लिस्ट जारी करना l    

दिनांक 13/10/2014 :                                   यूनियन के अतिरिक्त संघर्षरत साथियों हेतु 

जब कभी भी यूनियन ने भर्ती से सम्बन्धित मन्त्रियों/मुख्यमंत्री/अधिकारियो से वार्ता की और नतीजे में उन्हें आश्वासन मिला या फिर कोर्ट में अटकी भर्ती से सम्बंधित कोई जानकरी मिली तो आप लोगो ने यूनियन की आलोचना की l और कुछ बहूत ही महत्वपूर्ण ठोस तथ्य दिए की -

  • सरकार से वार्ता क्यों करते हो सिर्फ आन्दोलन का आगाज़ करो भर्ती अपने आप हो जाएगी l
  • SLP की रट क्यों लगाते रहते हो सिर्फ आन्दोलन करो सरकार SLP का मुद्दा अपने आप हल कर देगी l
  • NRHM की सेलेरी की बात क्यों करते हो सिर्फ आन्दोलन करो नियमित नियुक्ति मिलते ही सेलेरी की समस्या अपने आप समाप्त हो जाएगी l

आपकी हर बात में दम था और इसी दम की वजह से बहुत से संविदाकर्मी तथा फ्रेशर आपसे प्रभावित हुए और इसी दिशा में आपने एक सार्थक व ठोस कदम उठाने की प्रसंशनीय कोशिश की 08 अक्टूबर को स्वास्थ्य भवन का घेराव करने का निर्णय लिया l और आपके इस निर्णय में आपकी टीम में 75% लोग फ्रेशर थे जिन्हें इस भर्ती के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं चाहिए था परन्तु क्या आपने अपने प्रयास को सार्थकता दी -

  • जिस दिन मुख्यमंत्री/भर्ती से सम्बंधित मंत्री व अधिकारी पूर्व सुचना के आधार पर जयपुर से बाहर थे उसी दिन इस महत्वपूर्ण कार्य को प्रायोजित क्यों किया गया l
  • जयपुर स्वास्थ्य भवन का घेराव नहीं किया गया l
  • एनआरएचएम कर्मियों के मानदेय में 10% बढोतरी की मांग की l 
  • SLP वापस लेने के सम्बन्ध में जानकारी ली l
  • फ्रेशर आयुर्वेद नर्सेज को समर्थन के रूप में मौखिक आश्वासन दिया l

सर्वाधिक महत्वपूर्ण -

  • जिन लोगो ने इस घटना जीवित रूप में प्रस्तुत किया उनके लिए जमीनी प्रयास का यह पहला अवसर था इसलिए महत्वपूर्ण यह नहीं हैं की आपसे यह गलतिया क्यों हुई बल्कि महत्वपूर्ण यह हैं की क्या ऐसी गलतियों को सुधारा नहीं जाएगा l
  • जब आप लोग अपने ऑनलाइन कमेंट्स में "करो या मरो" या "वार्ता नहीं अब रण होगा" जैसी बातें करते हो तो क्या ऐसा ही आप जमीनी आन्दोलन पर नहीं कर सकते l
  • जब यूनियन अपने तय मार्ग (न्यायिक प्रक्रिया फिर आधिकारिक प्रक्रिया व अंत में आन्दोलन) पर चल रही हैं तो क्या आप अपने तय मार्ग (पहले आन्दोलन फिर सारी प्रक्रियाए) पर नहीं चल सकते l
  • मेरे जैसे संविदाकर्मी व अन्य फ्रेशर जो आपके जोश से प्रभावित हैं आपसे यह उम्मीद नहीं करते की आप हमें SLP की सुनवाई की दिनांक या सरकार से मिले किसी आश्वासन या NRHM कर्मियों के मानदेय में वृद्धि के सम्बन्ध में जानकारी देंगे l
  • यह सच हैं की आपकी असली सोच और लक्ष्य सराहनीय हैं तो आप उसी के सम्बन्ध में सार्थक प्रयास की क्रियान्वियती क्यों नहीं करते l
  • इस बात में कोई शक नहीं हैं की यदि आप किसी आन्दोलन का सूत्रपात करते हैं तो लोग आपका साथ जरूर देंगे भले ही प्रथम दिवस आपको लोगो की संख्या कम नज़र आये पर धीरे धीरे लोग जुड़ते चले जायेगे बस आपको स्वयं पर विश्वास बनाये रखना होगा l
  • यूनियन गलत नहीं हैं वो अपने पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने प्रयास अनवरत कर रही हैं पर इस आन्दोलन को जोशीली प्रक्रिया की भी जरूरत हैं और वो आप लोग पूरी कर सकते हो तो क्यों नहीं जोरदार शुरुआत की जाए l
  • आचार संहिता के दौरान जोशीले आन्दोलन को बनाये रखने की रणनीति बनाये l   

वेब साईट द्वारा की गई आलोचना -

वेबसाइट ने आपके द्वारा किये गए कार्यो की आलोचनात्मक विवेचना की l भले ही इस प्रकार किसी की आलोचना करना मेरे व्यक्तिगत व्यक्तित्व में शामिल नहीं हैं परन्तु हमें लगता हैं की संविदा की नौकरी से मिलने वाली जिल्लत का दंश इस से कही अधिक तीक्ष्ण होगा इसलिए आपसे अनुरोध हैं की आप हम सभी लोगो के विश्वास पर खरा उतरने की भरपूर कोशिस करते रहे और आने वाले दिनों में आप लोगो ने अपनी जो छवि क्रांतिकारियों के रूप में ऑनलाइन बनाई हैं उसे जमीन पर भी यथार्थ रूप दे अन्यथा आपने हम लोगो में जो "मोदी" उम्मीदे जगाई हैं उसी के फलस्वरूप आने वाले दिनों में भी आपको वेब साईट की आलोचना का शिकार होना पड़ेगा तथा इसमें हमें और हमारे कीबोर्ड को कोई तकलीफ नहीं होगी l

अच्छे सलाहकारो का साथ ले, नियत सही रखे, कर्म प्रधान बने व स्वयं पर विश्वास बनाये रखे l


दिनांक 12/10/2014 :                           08/10/2014 को स्वास्थ्य भवन का घेराव (आन्दोलन या नौटंकी) 

पिछली स्ट्राइक के समाप्त होने के बाद 6 माह में एक बार भी जयपुर शक्ल नहीं दिखाने वाले ऑनलाइन आन्दोलनकारियो (फेसबुक, व्हाट्सएप इत्यादि) ने 08/01/2014 को स्वास्थ्य भवन का घेराव करने का निश्चय किया l आज तक सिर्फ यूनियन के कार्यो की बुराई करने वाले इन लोगो ने स्वयं के बूते पर आन्दोलन करने का एक सम्मानजनक फैसला कियाl परन्तु क्या सच में इस ऑनलाइन आलोचकों ने सच में जमीन पर खड़े हो कर आन्दोलन करना शुरू किया l चलिए इसकी जानकारी लेते हैं कुछ तथ्यों के आधार पर -

  • देवाराम चौधरी के साथ यूनियन के कुछ ख़ास व्यक्ति जब हर सप्ताह जयपुर आ कर मुख्यमन्त्री, स्वास्थ्य मन्त्री व भर्ती से सम्बंधित अधिकारियो से मिलते तो इसके लिए यूनियन द्वारा किसी भी प्रकार का प्रचार नहीं किया जाता और इसे किसी आन्दोलन से भी नहीं जोड़ा जाता तब भी कभी भी किसी भी सोमवार को 200 से कम लोग जयपुर में इकठ्ठा नहीं हुए और जब कभी पूरे राजस्थान को किसी साधारण मीटिंग के लिए जयपुर बुलाया गया तब कभी भी 1500-2000 से कम लोग जयपुर इकठ्ठा नहीं हुए l और जब किसी विशेष प्रयोजन के लिए लोगो को जयपुर बुलाया गया तो कभी भी 4000-5000 से कम लोग जयपुर इकठ्ठा नहीं हुए  ................. तो क्या एक विशेष प्रयोजन के लिए पूरे राजस्थान के लोगो को जयपुर बुलाये जाने पर मात्र 200 लोगो का जयपुर आना अभी तक की न्यूनतम संख्या नहीं हैं l और इस न्यूनतम संख्या को एतिहासिक सफलता बताना हास्यप्रद नहीं हैं l
  • स्वास्थ्य भवन का घेराव करने का निर्णय लेने वाले व्यक्तियों में क्या इतनी भी अक्ल नहीं की जिस दिन मुख्यमन्त्री, स्वास्थ्य मंत्री व भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारी जयपुर से बाहर जाने की घोषणा कर चुके हो उसी दिन जयपुर में इनसे वार्ता करने का निर्णय लिया गया या तो इसका निर्णय लेने वाला व्यक्ति बेवकूफ हैं या फिर भाजपा का एजेंट l
  • और जब तय दिनांक को जब 200 लोग जयपुर पहुच भी गए तो क्या उनका लक्ष्य स्वास्थ्य भवन के गेट पर खड़े हो कर फोटो खिचवाना था या फिर मीडिया आ कर सुर्खिया बटोरना था l जब वह तक पहुच ही गए थे तो तय कार्यक्रम के अनुसार मानव श्रंखला बना कर स्वास्थ्य भवन का घेराव क्यों नहीं किया गया l या फिर ये घेराव करना ही नहीं चाहते थे l
  • ये लोग जिन्होंने इस दिन से पहले 6 महीने तक कहा थे क्यों एक दिन भी जयपुर नहीं आये l और आज से पहले भी इन लोगो ने यही किया हैं जब भी कभी यूनियन इस भर्ती को किसी नतीजे तक पहुचाने लगती हैं तो इनके चमचे यूनियन की गतिविधियों में इन लोगो को शामिल करने का आव्हान करने लगते हैं और यदि यूनियन इसके लिए राजी नहीं होती है तो ये यूनियन के कार्यो में दखल देने लगते हैं और यदि यूनियन राजी हो जाती हैं तो असफलता का ठीकरा ये लोग यूनियन के सर पर फोड़ देते हैं l
  • इन्होने फ्रेशर को आन्दोलन करने के लिए जयपुर बुलाया पर इन्होने फ्रेशर को बेवकूफ बनाया और कोई आन्दोलन नहीं किया l
  • समस्त संविदा कर्मियों व फ्रेशर का सिर्फ एक ही लक्ष्य हैं इस भर्ती को पूरा करना तो फिर क्यों इन्होने चिकित्सा विभाग के सर्वोच्च अधिकारी को एनआरएचएम नर्सेज के 10 प्रतिशत इन्क्रीमेंट का ज्ञापन दिया l
  • पिछले आन्दोलन में जिन लोगो ने एक दिन कार्य का बहिष्कार नहीं किया उसे आपने अपना मुखिया बना कर अधिकारी के सामने पेश क्यों किया जबकि वह व्यक्ति मौका पड़ने पर अपने आन्दोलन को समाप्त करने के लिए कभी भी सरकार की पैरवी कर सकता हैं l
  • जब यूनियन ने बहूत पहले ही मुख्यमन्त्री, स्वास्थ्य मन्त्री व सभी अधिकारियो से मिल कर यह जानकारी ले ली की 13 अक्टूबर को SLP वापस ले सकती हैं तो आपने 8 अक्टूबर को क्या किया l
  • क्या आप जानते हैं की आप लोगो ने क्या किया यूनियन ने अपनी पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार शान्ति से कार्य करने का निर्णय लिया जिसका फायदा यह होता की लिस्ट जारी नहीं होने तक 4000-5000 लोगो का एक सशक्त आन्दोलन जयपुर में जारी रखा जा सकता था पर आप लोगो के शोर मचाने की पुरानी आदत के कारण सब कुछ गड़बड़ हो गया l
  • क्या आपको यह जानकारी नहीं थी की आपके शोर मचाने से आयुर्वेद नर्सेज फ्रेशर यूनियन को मिलने वाली परमिशन से कितने लोगो को महीनो तक धरने पर बैठाया जा सकता था परन्तु आपके अधिक बोलने व कम करने की रणनीति की वजह से उन्हें मिलने वाली परमिशन को बदल दिया गया l
  • यूनियन में सक्रीय एक व्यक्ति को जिसे सारा प्लान पता था उसने यूनियन का सारा प्लान इन ऑनलाइन फेकू लोगो को बता दिया और इन लोगो ने अपने अल्प विकसित दीमाग से उस प्लान को कॉपी कर लिया l और सारा प्लान गड़बड़ कर दिया इन लोगो ने सारे कार्य का श्रेय लेने के लिए यूनियन के प्लान को खुद के नाम से सार्वजानिक कर दिया और पूरा प्लान बिगाड़ दिया l मेरे आदरणीय बड़े भाई यदि आपको किसी को प्लान बताना ही था तो किसी समझदार को बताते, नाम के लोभी इन मूर्खो को क्यों बता दिया यही कारण हैं की ना चाहते हुए भी हमें आपसे कई महत्वपूर्ण बातें छुपानी पड़ती हैं l  
  • यह प्लान तभी पूरा हो सकता था जब इसे गोपनीय रखा जाता पर यदि आप लोग ऐसा करते तो आप लोगो को वाह वाही लूटने का मौका कैसे मिलताl
  • यूनियन का प्लान था की SLP वापस लेते ही लिस्ट जारी होने तक के लिए आन्दोलन किया जाए और इसके लिए चुपचाप सभी संविदाकर्मियो व फ्रेशर (आयुष सहित) को शामिल किया जाए इस प्लान की जानकारी मिलते ही इन झूठे लोगो ने सब कुछ उगल दिया वाहवाही तो इन्हें मिल गयी पर इन्होने एक बड़े आन्दोलन को होने से रोक लिया l यूनियन का आन्दोलन तो बिगाड़ा ही आयुष नर्सेज का भी बिगाड़ आये l 
  • फ्रेशर आयुष नर्सेज के साथ धरने पर बैठने की जगह आप उनके साथ फोटो खिचवा कर आ गए भाई इन कुछ चीजो जैसे ऑनलाइन आलोचना, ऑनलाइन बातें , फोटो और मीडिया के द्वारा नाम कमाने का नशा छोड़ो और धरातल पर कुछ करने का सोचो l सबसे पहले तो नियत सही करो तब काम अपने आप सही होंगे l 
  • आलोचना करना काफी आसान हैं और संघर्ष जारी रखना उतना ही मुश्किल अब देखते हैं आप 14 को क्या करते हो जो भी करो समझदारी से करनाl

यूनियन के 2 लक्ष्य हैं -

  1. SLP वापस करवाना l
  2. भर्ती की लिस्ट जारी करवाना l

इन मूर्खो के भी दो लक्ष्य हैं

  1. यूनियन की आलोचना करना l
  2. स्वयं का नाम करना l

अभी भी यदि आप लोग कोई और बेवकूफी करना चाहे तो मेरा आप से हाथ जोड़ कर अनुरोध हैं की थोडा दिमाग का प्रयोग करे और यदि आप कुछ नहीं करना चाहे तो कृपया कर शान्ति बनाये रखे जिस से यूनियन लिस्ट जारी होने तक एक विशाल जन आन्दोलन का संचालन कर सके l

 - अग्रिम शुभकामनाओ सहित राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन l        


दिनांक 12/10/2014 :                                       SLP पर सुनवाई होगी 17 अक्टुबर को 

SLP वापस लेने के लिए होने वाली सुनवाई दिनांक 13 अक्टूबर के स्थान पर दिनांक 17 अक्टूबर को होगी l दिनांक 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में अधिक केस होने के कारण अपने केस को सुनवाई हेतु तैयार कि गयी सारिणी में स्थान नहीं मिल सका हैं l अब यदि 17 अक्टूबर को SLP वापस ली जाती हैं तो सरकार पर इतना दबाव जरूर होना चाहिए की वो 2 - 4 दिनों में ही जोइनिंग लिस्ट जारी कर सके और यदि सरकार ऐसा नहीं करती हैं तो इसका सीधा सीधा अर्थ यही होगा की सरकार इस भर्ती को रद्द करना चाहती हैंl 


दिनांक 02/10/2014 :                                       यूनियन वेब साईट का उद्देश्य 

एक बात बिलकुल साफ़ हो जानी चाहिए की इस वेब साईट का उद्देश्य लोगो को जानकारी देने या किसी अन्य प्रकार की पत्रकारिता करने का नहीं हैं इस वेब साईट का उद्देश्य मात्र संविदा नर्सेज का नियमितीकरण हैं l इस उद्देश्य की प्राप्ति सिर्फ इस वेब साईट को देखने से नहीं होगी वरन यहाँ दिए गए निर्देशों की ऑफलाइन पालना करने से और ऑफलाइन संकल्प करने से ही होगी l इस प्रयास में हर बार सिर्फ यूनियन ही अपनी भागीदारी देती हैं और बाकी लोगो से यह अपेक्षा रखती हैं की वे धरातल पर (ना की इन्टरनेट पर) इस संघर्ष में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे l

प्रत्येक बार की तरह इस बार भी यूनियन फिर से आप सभी संविदा/फ्रेशर नर्सेज से यह अनुरोध करती हैं की इस संघर्ष में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेl

  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l
  • कलेक्टर/विधायक/सांसद को SLP वापस ले कर इलेक्शन से पूर्व जोइनिंग लिस्ट जारी करवाने हेतु ज्ञापन दे l

 

जब ऊपर दिये सभी कार्य बहूत ही अर्जेंट समझ कर किये जाने हैं l इनकी पालना हर जिले में शीघ्र अति शीघ्र होनी चाहिए ताकि इस आन्दोलन का अगला चरण शुरू किया जा सके l यदि आप उक्त निर्देशों की पालना नहीं कर सकते तो किसी भी प्रकार की उम्मीद किसी से भी ना रखे संघर्ष करने से आन्दोलन होगा चैटिंग (ऑनलाइन पटेलाईयां) करने से नहीं l  


दिनांक - 30/09/2014 :             चिकित्सा मन्त्री व अधिकारियो से हुई मुलाक़ात : 13 अक्टूबर को होगी SLP की सुनवाई 

आज हमारे प्रतिनिधि मण्डल ने देवाराम चौधरी की अध्यक्षता में चिकित्सा मन्त्री जी व भर्ती से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अधिकारियो से वार्ता की l इस वार्ता से पूर्व ही यूनियन द्वारा वार्ता का एजेंडा तय कर लिया गया था l इस वार्ता के लिए दो सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिन्दुओ का चयन किया गया l 

  • सरकार चिकित्सा विभाग से जुडी SLP के वापस लेना सुनिश्चित करे l
  • SLP वापस लेने के बाद सरकार जल्द ही लिस्ट जारी करना सुनिश्चित करे (आचार सहिंता में भी) l

आज हमारे प्रतिनिधि मण्डल ने सुबह चिकित्सा मन्त्री जी के निवास पर उनसे मुलाक़ात की पर वहा पर स्थानान्तरण की सिफारिश लेकर बहूत से लोग आये हुए थे l उनकी संख्या इतनी अधिक थी की वहा पर मंत्री जी से अच्छी तरह से बातचीत करना संभव ही नहीं था इसलिए हमारे प्रतिनिधि दल से उनसे उनके स्वास्थय भवन स्थित ऑफिस में मिलने की ख्वाहिश जाहिर की l इस मीटिंग के लिए मंत्री जी ने देवाराम जी को दोपहर को ऑफिस में वार्ता हेतु आने का निमन्त्रण दिया l

इसके बाद हमारे प्रतिनिधि दल ने अति. निदेशक जी से मुलाक़ात कर उनसे SLP के आज तक वापस नहीं लिए जाने का कारण पूछते हुए उन्हें कहा की इतने समय बाद भी यदि SLP वापस नहीं ली जा सकी हैं जबकि फरवरी में आन्दोलन के समय उन्होंने 3 दिन में भर्ती किये जाने का आश्वासन दिया था l प्रत्युत्तर में उन्होंने कहा की SLP वापस लेने में आ रही अडचनों के कारण आगे की कार्यवाही उच्च अधिकारियो द्वारा की जा रही इसलिए आप लोगो को उनसे मिलना चाहिए l

इसके बाद हमारे प्रतिनिधि मण्डल ने सयुंक्त सचिव चुन्नी लाल कायल जी से मुलाक़ात की l उन्होंने अपना काफी देर तक वार्ता की व वार्ता के एजेंडे के अनुसार बात करने पर उन्होंने कहा की सरकार चिकित्सा विभाग की SLP वापस ले कर जल्द ही भर्ती करना चाहती हैं और इसके लिए सभी तैयारिया सरकार द्वारा की जा चुकी हैं अब तो सिर्फ SLP वापस लेने तक का ही इन्तजार हैं l आचार संहिता में जोइनिंग लिस्ट जारी किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा की यदि SLP वापस हो जाये तो आचार संहिता में लिस्ट जारी करने का अधिकार विभाग के अधिकारियो के पास हैं l

इसके बाद स्वास्थय भवन में चिकित्सा मन्त्री जी से मुलाक़ात की गयी जहा उनसे पूर्व निर्धारित एजेंडे पर ही बात की गयी पर उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी और उन्होंने कहा की आप प्रमुख स्वास्थय सचिव दीपक उप्रेती जी से बात करे वो आपको खुशखबरी देंगे l मंत्री जी से आश्वस्त किया की बहुत जल्द ही आप लोगो का काम पूरा कर दिया जायेगा l

प्रमुख स्वास्थ्य सचिव दीपक उप्रेती जी से मुलाक़ात करने पर उन्होंने काफी देर तक वार्ता की उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारीया देते हुए बताया की आपकी SLP वापस लेने के लिए ही मुख्य सचिव राजीव महर्षि जी ने दिल्ली जा कर सोली सोराब जी से वार्ता की और उनसे इस केस की समस्त पेचीदगिया दूर करने का आग्रह किया l अब 13 अक्टूबर को सोली सोराब जी सुप्रीम कोर्ट से चिकित्सा विभाग की SLP वापस लेंगे l

 यूनियन के विचार :-

  •  जरूरी नहीं हैं की चिकित्सा मन्त्री जी व समस्त अधिकारी जैसा बोल रहे हैं वैसा वो करे l मतलब यह की उनकी कथनी की जानकारी आप सभी बन्धुओ को दी गयी हैं परन्तु इस बात की कोई गारन्टी नहीं हैं की उनकी करनी भी वैसी ही हो l यह कोई प्रपंच भी हो सकता हैं परन्तु आचार संहिता और SLP दोनों ही बिन्दु बहूत अधिक महत्वपूर्ण होने के कारण मंत्री जी व अन्य सभी अधिकारियो से वार्ता करते रहना बहूत अधिक महत्वपूर्ण हैं l 
  • यूनियन अपना काम कर रही हैं इसका यह अर्थ कदापि नहीं हैं की अब किसी और को संघर्ष करने की कोई जरूरत नहीं नहीं हैं l यदि कोई व्यक्ति अपने स्वयं के तरीके से इस संघर्ष को गति देना चाहता हैं तो उसे अपना संघर्ष जारी रखना चाहिए l हमारा बस इतना ही निवेदन हैं की अपने निर्धारित एजेंडे से बाहर की कोई बात ना करे l
  • जैसा की पूर्व में सभी लोगो को सूचित किया जा चूका हैं की सभी जिलो के कलेक्टर, विधायक, भाजपा जिला प्रमुख व सांसद को अपने निर्धारित एजेंडे के सम्बन्ध में ज्ञापन दे जिस से सरकार पर इस चुनाव से पहले ही अपनी मांग पूरा करने का दबाव बने l
  • यह भी संभव हैं की SLP वापस नहीं ली जा सके और सरकार हमेशा की तरह उसके पीछे न्याय पालिका से जुडा कोई कारण सामने रख दे l
  • यह भी संभव हैं की सरकार SLP तो वापस ले ले पर लिस्ट जारी ना करे और यदि सरकार ने जल्द ही लिस्ट जारी नहीं की तो फिर इस भर्ती के रद्द होने का खतरा भी काफी हैं l इसलिए अभी से ही सरकार पर जितना अधिक हो सके दबाव बनाना होगा l
  • यह भी संभव हैं की सरकार सच में हमारे पक्ष में काम कर रही हो पर अपने पुराने अनुभव के आधार पर तो ऐसा कहना सही नहीं होगा अतः हमारे पास सिर्फ एक ही रास्ता बचता हैं और वो हैं सरकार पर दबाव बनाने का तो साथियों अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकल कर सभी विधायको, कलेक्टर, जिला प्रमुखों, भाजपा जिला अध्यक्षों समेत सांसदों पर दबाव बनाये और उन्हें इस इलेक्शन में हमसे मिलने वाले फायदे व नुकसान की जानकारी भी दे l 


दिनांक - 24/09/2014 :                                  SLP वापसी का सम्पूर्ण घटनाक्रम 

24/08/2014 को हमारे केस ऑफिसर (SLP) प्रताप सिंह दुग्गड़ दिल्ली गए और वह जा कर उन्होंने हमारे AAG (अति. महाधिवक्ता) शिव मंगल शर्मा जी को SLP वापस लेने सम्बन्धी शपथ पत्र सौपा l शिव मंगल शर्मा जी ने दुग्गड़ साहब को SLP वापस लेने हेतु आवश्यक अन्य दस्तावेजो की मांग रखी 

26/08/2014 को दुग्गड़ साहब राजस्थान वापस आये l

अति. महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा जी ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ साहब को SLP वापस लेने हेतु आवश्यक पहलुओ की जानकारी दी l जिसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री जी ने उदयपुर में सरकार के दौरे के दौरान कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमन्त्री जी द्वारा प्रस्ताव पास किये जाने तक का समय लिया l

सरकार ने उदयपुर दौरे के समय कैबिनेट मीटिंग में SLP वापस लेने का निर्णय लिया फिर सभी विधानसभा के उप चुनावो में व्यस्त हो गए l

16/09/2014 को इलेक्शन के बाद वोटो की गिनती व इलेक्शन के नतीजे के दिन अति. महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा जी के अधीनस्थ सौरभ शमशेरी जी ने SLP वापस लेने हेतु दस्तावेज पेश किये l

17/09/2014 को SLP वापस लेने की फाइल की शेष रही अतिरिक्त प्रक्रिया/दस्तावेजो को पूरा कर लिया गया l

18/09/2014 को SLP की फाइल सुप्रीम कोर्ट में रजिस्ट्रार ऑफिस में लगा दी गयीl

महत्वपूर्ण तथ्य - हमारे SLP वापस लेने के केस की सुनवाई सिर्फ एक जज वाली बेंच में ही होगी परन्तु सुप्रीम कोर्ट में अधिकतर केस में दो जज व केस विशेष में 3 जज बैठते हैं l 3 जज वाली बेंच में बैठने वाले अतिरिक्त एक जज द्वारा अपने केस की सुनवाई की जाती हैं परन्तु सुप्रीम कोर्ट में रूटीन से एक जज वाली बेंच कार्य नहीं करती हैं इसलिए अपने केस की सुनवाई होने की तारीख पूर्व निर्धारित नहीं हो पा रही हैं        

22/09/2014 को IA न. मिला व केस दर्ज हुआ l

26/09/2014 को सिंगल बेंच में न्यायाधीश ए. के. सीकरी जी ने 8 न. चैम्बर में सुनवाई की l इसी बेंच में अपने केस की सुनवाई भी की जानी थी परन्तु अपनी फाइल में दो केस टैग थे नरेगा व चिकित्सा विभाग का जिसमे से सिर्फ चिकित्सा विभाग की ही SLP वापस ली जानी थी इस फाइल को जज साहब ने नहीं देखा व अगली सुनवाई में देखने का निर्णय लिया l

महत्वपूर्ण तथ्य - दिनांक 28 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट की छुट्टिया हैं जिसके कारण 7 अक्तूबर तक SLP वापस नहीं ली जा सकती फिर 8 से 10 अक्टूबर के दिन कार्य दिवस तो होगा परन्तु यदि उस दिन सिंगल बेन्च नहीं लगी या फिर अपने केस की सुनवाई नहीं हुई तो क्या होगा क्यों की 10 अक्तूबर से राजस्थान में आचार संहिता लग जाएगी ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट ने SLP निरस्त भी कर दी तब भी सरकार अपनी लिस्ट जारी नहीं कर पायेगी और आचार संहिता के लागू रहने तक ना ही सरकार हमारे लिए कुछ कर पायेगी और ना ही अधिकारीगण l

 

                        अर्जेंट - 29 सितम्बर से 7 अक्तूबर तक सभी विधायको, सांसदों और कलेक्टर को ज्ञापन देना

अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैं की यदि 8 से 10 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट SLP ख़ारिज कर भी देती हैं तो भी फिलहाल तो सरकार पर हमारा ऐसा कोई दबाव नहीं हैं और ऐसे कोई आसार नहीं हैं की सरकार उसी दिन हमारी लिस्ट जारी कर देगी इसके लिए जरूरी यह हैं की पूरे प्रदेश के सभी जिलो के संविदा कर्मियों को अब सिर्फ एक ही काम करना हैं की अपने क्षेत्र के सभी विधायको, सांसदों व कलेक्टर को जल्द ही ज्ञापन दिया जाये जिस से SLP ख़ारिज होने से पहले ही पूरे राजस्थान के हर विधायक, सांसद और कलेक्टर पर अपनी लिस्ट जल्द जारी करने का भारी दबाव हो l जो भी अपने ज्ञापन दे वो अपने ज्ञापन देते हुए का फोटो या ज्ञापन की कॉपी nrhm.rajasthan.union@gmail.com व jagonurses@gmail.com पर जरूर मेल करे l


दिनांक 25/09/2014 :                                       SLP वापस लेने का मायाजाल 

भर्ती प्रक्रिया को अटकाना - यदि प्रत्येक संविदाकर्मी इस बात को समझ ले तो बहुत अच्छा होगा की वर्तमान सरकार इस SLP का बहाना बना कर इस भर्ती प्रक्रिया को अटकाना चाहती हैं l SLP तो कोई मुद्दा हैं ही नहीं l आखिर सरकार केस किस से लड़ रही हैं जो कभी कोर्ट ही नहीं आया और जिसके अस्तित्व के वास्तविक होने पर भी संदेह हैं l SLP मात्र कांग्रेस सरकार का रचा हुआ मायाजाल था जिसका उपयोग हमारी वर्तमान भाजपा सरकार एक सर्वश्रेष्ठ बहाने के रूप में कर रही हैं और कुछ भी नहीं l 

 

SLP वापस लेने की वास्तविक प्रक्रिया - SLP वापस लेना एक बहुत ही साधारण सी प्रक्रिया हैं l यदि सरकार सच में SLP वापस लेना चाहती हैं तो इसके लिए सरकार को लिखित में अपने सम्बंधित अधिवक्ता जनरल को कुछ साधारण से डाक्यूमेंट्स उपलब्ध करवाने होंगे जिसके  अधिकतम 15 दिन बाद हमारी SLP वापस ली जा सकती हैं l

 

SLP वापस लेने की सरकारी प्रक्रिया - SLP वापस लेने का निर्णय लेने के लिए सरकार ने दो समितिया गठित की जिन्होंने कई माह बाद SLP वापस लेने का फैसला किया l फिर सरकार ने इसके लगभग एक माह बाद अपने केस ऑफिसर को खाली हाथ SLP वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट भेजा जिस से कभी भी कोई SLP वापस नहीं ली जा सकेगी l अब दो दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट में सभी डाक्यूमेंट्स जमा कराये जाने थे परन्तु मुझे पूरी उम्मीद हैं की कोई ना कोई कमी जरूर रही होगी और यदि नहीं भी रही हो तो भी हमें इस सम्बन्ध में जानकारी जरूर लेनी चाहिए l 

मन के हारे-हार है 
मन के जीते जीत ।

Nrhm के कर्मियों से निवेदन जिस प्रकार से देवली जैसे एक एरिया जो की जिला भी नही है वहा के कर्मठ क्रांतिकारियों ने स्वत: प्रेरित हो मंत्री महोदय को ज्ञापन दिया है , ज्ञापन को पड़े तो आपको पता चलेगा कितना सख्त यह ज्ञापन । शत-शत वंदन सभी देवली के क्रांति करियो को।

 

 

सवाल एन.आर.एच.एम कर्मियों से :-

1. अब क्या इस आन्दोलन के लपटे फैलेगी राजस्थान में हर तहसील में , हर गाव में ?

2. क्या हम इन मंत्रियो का घेराव नही कर सकते , जहा जाए यह मंत्री क्यों नही धेर सकते? सवाल पूछो 265 में क्यों नही की slp वापस ?

3. क्या मंत्रियो / mla साहबो जागो का पोस्टर ("जाग मामू सुबह हो गई ") लेकर इनके घरो के आगे सुबह-शाम ढोल नही पीट सकते ?

साफ-साफ बोलो अगर आप हमारा साथ दो हर चुनाव में हम भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगे , नही तो गाव में हर आने-जाने वाले पेशेंट को भाजपा के खिलाफ बुराई कर सत्ता से बाहर क्र देंगे, जैसा पूर्व सरकार के धोखे के जवाब में हमने किया ।


दिनांक 23/09/2014 :

आप सब लोग जानते है गहलोत सरकार पहले 3 साल तक आराम मोड़ में रहे , आखरी के 2 साल में योजनाए बनाकर क्रियान्वन का नाटक किया , पर ढीला व अकर्मण्य स्वास्थ मिनिस्टर , व ढीला सरकारी सिस्टम , zero रिजल्ट रहा , नतीजा कांग्रेस आउट।

मौजूदा सिस्टम -
मित्रो विधानसभा उप चुनाव से स्पस्ट है की इन 255 दिनों बीजेपी सरकार ने सिर्फ गोलिया दी काम कुछ नही किया,
आज भाजपा भी उसी ढर्रे पर चल रही है जिस पर गहलोत सरकार चली , 
255 दिन का कार्यकाल zero काम !!!
सिर्फ "बोल-बच्चन" !!!

सवाल :- 
1. क्या 255 दिन में SLP वापस नही ली जा सकती थी?
2. क्या 255 दिन में SLP वापस लेकर लिस्ट नही निकल सकती थी ?
मित्रो यह कार्य मात्र 30 दिन मय बिलंब समेत हो सकता था , पर कुछ नही हुआ ।

हम सविधा नर्सेज की स्थिती- 
NRHM में हमें तो आज 8 साल हो चुके है , इस BPL सेलेरी में अपने बच्चो को आधा पेट खिलाते हुए , अब तो हम किसी भी राज्य के सरकारी सेवा हेतु पात्र एज लिमिट भी क्रॉस कर चुके है , आने वाले 3-4 साल बाद 2016-17 में सभी संविदा नर्सेज 10 साल गुलामी पूरी कर चुके होंगे ,
फिर तो एक मात्र सहारा कोर्ट का ही रह जाता है कोर्ट से हम वैसे भी केस जीत कर रेगुलर हो जाएगे , फिर हमे भाजपा को क्या जरूरत हैं वोट देने की ।

क्या हो सकते है दूरगामी परिणाम -
कोई भी योजना बनाने मात्र से जनता खुश नही होती न ही वोट देती है, जब तक की उसका क्रियान्वयन सम्पूर्ण रूप से नही किया जाता , उसका पूर्ण लाभ नही मिलता जनता वोट नही देती । योजना को धरातल पर फैलने में समय लगता है , इसमें प्रमुख 2 मुख्य बाधक पहला हमारे चुने गए प्रतिनिधियों का दोगला चाल-चरित्र व व्यक्तित्व , दूसरा आज का लचर सरकारी सिस्टम :- (उदाहर्ण-अगर के सरकारी अफसर को आज बोला जाए की भाई प्यास से मर रहा हु पानी दो , पानी तब आएगा जब मौत की पहली बरसी होगी । )
आज राजनेता यही भूल करते है की इलेक्शन से जस्ट पहले योजनाओ की झड़ी लगा दो , मुर्ख जनता वोट दे देगी , यह तो वही बात हुई देशी घी में 56 भोग तो बना दी साहब , जोर-जोर से ढोल पीट-पिट कर मुनादी भी करवाई , पर एक रोटी का टुकड़ा भी नही मिली , एसी 56 भोग का बनना न बनना एक समान ।

एक साल तो आपने ख़राब कर दिया सिर्फ बोल बच्चन के साथ , बचे मात्र 4 साल 90 दिन है , अब भी वक्त है सरकार के लिए ऐसा करो की सबसे ज्वलंत मुद्दे (रेगुलरआईजेसन) का कियांवन करे, अगर सरकार अब भी न चेती फिर 2018 में विधानसभा + लोकसभा दोनों से आउट होगी, क्योकि जनता विश्वासघात को नही भूलती उसका सबक निश्चित रूप से देती है।

नर्सेज नेत्रत्व व नर्सेज क्या करे :- 

1. अगर घर बैठे फेसबुक में टैग कर के आप रेगुलर होने का सोच रहे है तो 60 साल तक इंतिजार कर ले । अगर रेगुलर होना है तो हर जिले में मीटिंग की जावे , व NRHM नर्सेज को भी अब अपने अपने जिलो में मंत्रियो + MLA का घेराव कर , उनको प्रेशर करना है , इतना प्रेशर करो की नींद में भी MLA + मंत्री को NRHM नर्सेज ही दिखाई दे । 

2. जयपुर में 33 जिलो की मीटिंग बुलाकर तुरंत रणनीति बनाई जावे और आन्दोलन की रूप रेखा बनावी जावे ।


 

दिनांक 05/09/2014 :                                       भर्ती पर सरकार का रुख 

भर्ती पूरी करने हेतू आधिकारिक घोषणा ना करना - वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही आज दिनांक तक किसी एक दिन भी सरकार द्वारा वर्तमान में लम्बित भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण किये जाने हेतु आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी हैं ..... ना ही किसी जन सभा में (भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर) और ना ही सुचना एवं जन सम्पर्क विभाग, राजस्थान द्वारा l

किसी अधिकारी या नेता द्वारा संविदा कर्मियों के प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से ही यह जानकारी मिलती रही हैं की संविदाकर्मियो को नियमित किया जा रहा हैं .......... परन्तु यदि सच में ऐसा किया जाता तो क्या सरकार इतना बड़ा कदम उठाने से पहले अपनी वाह वाही लूटने के लिए इसका प्रचार नहीं करती l

भर्ती/न्यायिक प्रक्रिया को बेवजह लम्बा खीचा जाना :- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इस भर्ती का शीघ्र ही निस्तारण किया जाना चाहिए परन्तु सरकार ने आज तक किसी भी सुनवाई में अपना पक्ष तक नहीं रखा वरना किसी ऐसे व्यक्ति से केस जितना कौन सा बड़ा काम हैं जिसने इस केस को लड़ने के लिए ना तो आज तक अपना वकील किया हो और ना ही अपना पक्ष रखने कभी सुप्रीम कोर्ट आया हो l इस से तो यही पता लगता हैं की सरकार अपनी नियत से मजबूर हो कर इस केस को लम्बा खीच रही हैं l

समाचार पत्रों में मिथ्या सकारात्मक खबरो का प्रकाशन :- जैसा की हम पहले भी यह जानकारी दे चुके हैं की समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली हर एक सकारात्मक न्यूज़ का कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं हैं l फिर जब सरकार की और से इस प्रकार की कोई सकारात्मक न्यूज़ आधिकारिक रूप से नहीं दी गई तो समाचार पत्रों को यह न्यूज़ कहा से प्राप्त हो रही हैं और क्यों समाचार पत्र ऐसी अनाधिकृत खबरों का प्रकाशन कर रहे हैं l

विशेष अनुमति याचिका (SLP) ना उगल सकते ना निगल सकते :- यदि सरकार की नियत इस भर्ती को पूरा करने की हैं तो सरकार को SLP वापस ले कर इस भर्ती को पूरा करना होगा पर यदि सरकार की मंशा इस भर्ती को रद्द करने की हैं तो उसके लिए भी सरकार को पहले SLP वापस लेनी होगी तभी सरकार इस भर्ती को नियमानुसार नहीं मानते हुए कानूनी अड्चनो का हवाला देते हुए इसे रद्द कर सकती हैं l सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वैसे भी सरकार इस भर्ती को सुप्रीम कोर्ट में लंबित नहीं रख सकती हैं इसलिए सरकार भर्ती को पूरा करना चाहे या रद्द करना चाहे इस SLP को तो वापस लेना ही होगा l

आन्दोलन का आंकलन :- यदि सरकार इस भर्ती को पूरा नहीं करती हैं तो निश्चित रूप से संविदा नर्सेज को उग्र आन्दोलन करना होगा परन्तु एक सफल आन्दोलन के लिए अधिक से अधिक लोगो का आन्दोलन में भाग लेना जरूरी होता हैं बस यही हम लोगो मात खा जाते हैं

समस्या यह हैं की हमें सारी लड़ाई जमीन पर लड़नी हैं जबकि हमारी वायु सेना की हवा से हवा में मार करने की मारक क्षमता बहूत शानदार हैं l पर जमीन पर लड़ने के लिए हमारे पास लोगो की भारी कमी हैं l जो लोग आन्दोलन का समर्थन कर रहे हैं वो आन्दोलन में भाग नहीं लेते और जो लोग आन्दोलन में भाग लेते हैं वो लोग पिछली पिछली बार के वायु सेना के छलावे से त्रस्त हैं और आन्दोलन का समर्थन नहीं कर रहे हैं l

इस बार भी वही सब हो रहा हैं जिन्हें जयपुर में धरना स्थल तक आना भी नहीं हैं वो आन्दोलन की मांग कर रहे हैं मैं आपको एक बात के लिए आश्वस्त करना चाहूँगा की यदि इस बार भी कोई आन्दोलन होता हैं और यदि वह सफल नहीं होता हैं तो उसका एक मात्र कारण होगा जयपुर धरना स्थल पर लोगो का ना आना l यही एक मात्र कारण हैं की आन्दोलन की रणनीति सिर्फ ऐसे लोगो के साथ ही बनाई जाएगी जिन्होंने पिछले आन्दोलन में जयपुर में रह कर अथक प्रयास किये ना की गृह जिले में रह कर सरकार पर हवाई (ऑनलाइन) हमले किये l                


दिनांक 23/08/2014 :                                  स्ट्राइक से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य 

पहली ही लाइन मैं आपको बताना चाहूँगा की यह लेख स्ट्राइक के विरोध में नहीं अपितु स्ट्राइक के सही स्वरुप के समर्थन में हैं l वर्तमान समय में सोशल मीडिया से जुड़े लोगो में स्ट्राइक एक महत्वूपर्ण मुद्दा बन कर सामने आ रहा हैं l जिसे कुछ नहीं पता उसे भी यह पता हैं की स्ट्राइक होनी चाहिए l इन अज्ञानी लोगो को तो यह तक लगता हैं की यूनियन स्ट्राइक करना ही नहीं चाहती हैं l और जब यूनियन स्ट्राइक की घोषणा करेगी तब ऐसे ही अज्ञानियों का हुजूम आपस में एक दुसरे को बधाई भी देगा और इन लोगो को यह लगेगा की इनके दबाव में यूनियन को स्ट्राइक का फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ाl तो आज का यह लेख ऐसे ही बुद्धिहीन लोगो को समर्पित हैं जो फर्जी लोगो को अपना शुभ चिन्तक मान लेते हैं l

स्ट्राइक करने का फैसला कौन लेगा - 

  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जो संविदा कर्मचारी ही नहीं हैं l
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जो राजस्थान के ही नहीं हैं l
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जिनका नर्सिंग कैडर से कोई लेना देना ही नहीं हैं l  
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जिनका अपनी भर्ती से कोई लेना देना ही नहीं हैं l
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जो स्ट्राइक में किसी प्रकार का महत्वपूर्ण योगदान दे ही नहीं सकते l
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जिन्हें आन्दोलन के नाम पर सिर्फ ऑनलाइन रहना ही आता हैं l
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जिनकी क्षमता जयपुर में धरना स्थल का टेन्ट लगाने तक की भी नहीं हैं l
  • क्या अब स्ट्राइक करने का फैसला ऐसे लोग लेंगे जो सरकार से वार्ता से अधिक भरोसा अपने निकम्मे साथियों के साथ मिल कर कर्मठ लोगो पर आरोप लगाते रहते हैं l ऐसे लोगो को मेरा एक मेसेज हैं की आप लोगो से निवेदन हैं की आप मेरे व्यक्तित्व के बारे में जानकारी कर ले l मैं किसी भी राजनैतिक दल का समर्थक नहीं हु l पर फिर भी मैं यह जानता हु की यदि यह भर्ती पूरी होगी तो सिर्फ सरकार की इच्छा से ही होगी l राजस्थान में आज से पहले इतनी मजबूत सरकार कभी नहीं बनी l और हमारी मुख्यमन्त्री वसुन्धरा राजे के बारे में भी आपको यह जानकारी तो होगी ही की उन्होंने यदि कहा हैं की मैं आपकी भर्ती पूरी करुँगी पर समय लगेगा तो इसका एक मात्र अर्थ यह हैं की हमारी भर्ती जरूर पूरी होगी l और यदि किसी को यह गलत फहमी हो की वह वसुन्धरा से पंगा ले कर इस भर्ती को पूरा कर सकता हैं तो अच्छा यही होगा की वो अपना यह फितूर दिमाग से निकाल दे यदि सरकार इस भर्ती को पूरा नहीं करती हैं तो ही हमें आन्दोलन की राह लेनी होगी l 
  • स्ट्राइक करने का फैसला सिर्फ उन लोगो के साथ मिल कर ही लिया जायेगा जिनका संगठन में भरोसा हो l और जो पिछली बार जयपुर धरना स्थल पर अपना अमूल्य योगदान दे चुके हो l
  • जो व्यक्ति अपने घर से या अपने जिले से बाहर नहीं निकलता हो उस घटिया व्यक्ति को हम प्रतिनिधि तो क्या कार्यकर्त्ता भी नहीं मानते हैं l इसलिए इस स्ट्राइक के लिए ऐसे लोगो की टीम बनाई जाएगी जिनमे समर्पण का भाव हो नेतागिरी का नहीं l जो स्ट्राइक में निस्वार्थ भाव से योगदान दे किसी दल विशेष की कार्य योजना सिद्ध करने के लिए नहीं l
  • कई लोगो के लिए स्ट्राइक सिर्फ पैसा कमाने का जरिया हैं उन पर लगाम लगाने के लिए प्रत्येक जिले के या प्रदेश के पैसो का हिसाब इस वेब साईट पर ऑनलाइन देना होगा l 1000 रुपये से अधिक के खर्च के लिए सभी जिले से न्यूनतम दर की बोली ली जाएगी जैसे - 1000 रुपये से अधिक का व्यय यदि किया जाता हैं तो जो प्रतिभागी सबसे कम दर पर व्यवस्था का इंतजाम करवा पायेगा उसे ही यह जिम्मेदारी दी जाएगी l और यदि कोई जिला/प्रदेश कोषाध्यक्ष अपनी जानकारी इस वेब साईट पर नहीं देना चाहता हो तो उसका क्या करना हैं इस सम्बन्ध में भी संगठन को सोचना होगाl 
  • जिला स्तर पर सिर्फ समाचार पत्रों व मीडिया में न्यूज़ देने का काम ही रहेगा बाकी सारे मूवमेंट जयपुर से ही किये जायेंगे l
  • जिस व्यक्ति ने पिछले आन्दोलन में जयपुर धरना स्थल पर एक रात भी नहीं गुजारी उस व्यक्ति की कोई भी सलाह महत्वपूर्ण नहीं मानी जाएगी और अब की बार होने वाले आन्दोलन में भी जो व्यक्ति जयपुर धरना स्थल पर दिन रात उपस्थित नहीं होगा उसे किसी भी प्रकार का महत्त्व नहीं दिया जाएगा और ना ही जिला/प्रदेश कार्यकारिणी में रखा जायेगा l
  • पिछले आन्दोलन में जिस व्यक्ति ने जयपुर धरना स्थल पर कम से कम चार दिन नहीं गुजारे उसके सभी पद बर्खास्त किये जायेंगे और स्ट्राइक करने से पूर्व नयी जिला/प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जायेगा l  इस संघर्ष को कामचोरो, फ़ालतू नेताओ की नहीं बल्कि कर्मठ कार्यकर्ताओ की आवयश्कता हैं l 
  • अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात यह की इस स्ट्राइक की घोषणा और क्रियान्वयन सम्बन्धी निर्णय सिर्फ और सिर्फ वो लोग ही लेंगे जिन्होंने पिछले आन्दोलन में जयपुर रह कर सशरीर उस आन्दोलन में अपना अमूल्य योगदान दिया था जिनकी लिस्ट इस वेब पर शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी l
  • आन्दोलन इस बार भी पूर्व की ही भाति विभिन्न चरणों में किया जाना प्रस्तावित हैं जिस से की मुख्य आन्दोलन से पूर्व ही पूरा राजस्थान इस आन्दोलन में शामिल को सके l

समझ में यह नहीं आता की जब आन्दोलन करना ही जिम्मेदार लोगो को हैं तो फ़ालतू लोग बेवजह ही श्रेय लेने के लिए आन्दोलन का आवाहन क्यों करते रहते हैं l अब शांति से यूनियन को अपना काम करने दे और यदि नेतागिरी के कुछ कीड़े ज्यादा ही किलबिला रहे हो तो अपनी बातें नहीं अपना दम दिखाए और स्वयं के दम पर आन्दोलन शुरू करे .............. जो भी करना हो करे पर सिर्फ बातें नहीं करे l       


दिनांक 22/08/2014 :                             22 अगस्त : सुप्रीम कोर्ट सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय :-  आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई से हमें बड़ी निराशा हुई l जैसा की आज तक की घटनाओ के अनुसार पूर्वानुमान लगाया जा रहा था सब कुछ वैसा ही हुआ l आज की सुनवाई में SLP वापस नहीं ली गयी और ना ही भर्ती से जुडा कोई अहम् फैसला लिया गया l सुनवाई की अगली तारीख 19 नवम्बर 2014 को रखी गई हैं l

आला अधिकारी का स्पष्टीकरण :- आज की सुनवाई के पश्चात फिर से लगा की यह सरकार संविदा कर्मियों के हित में कोई कदम उठाना ही नहीं चाहती हैं l SLP वापस लेने के लिए जिम्मेदार अधिकारी से फ़ोन पर हुई वार्ता में उन्होंने जानकारी दी की आज किसी कारण से SLP वापस नहीं ली जा सकी हैं परन्तु अगले सप्ताह प्रथम सोमवार को ही SLP वापस लेने हेतु सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया जायेगा l जिस से रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जा सकेगी l

संविदा कर्मियों की मनोस्थिति :- हर बार की तरह इस बार भी संविदा कर्मियों को कुछ हासिल नहीं हुआ l वर्षो से मिलते आ रहे आश्वासनों का पुलिंदा भी अब आकार में काफी बड़ा हो गया हैं l और इतने बड़े पुलिन्दे को ढोना भी अब संविदाकर्मियो के बस में नहीं रहा हैं l बेबस संविदाकर्मी हर बार अगली तारीख का इन्तजार करते रहते हैं पर यह सब और अधिक समय तक नहीं चल सकता l अगले सप्ताह भी यदि कुछ नहीं होता हैं तो उसके लिए संविदा कर्मियों को अपनी रणनीति तुरन्त ही बना लेनी चाहिए l       


दिनांक 14/08/2014 :                             16 अगस्त से 24 अगस्त : उदयपुर संभाग  

आज हमारे लिए दिनांक 19 अगस्त एवं दिनांक 22 अगस्त से अधिक महत्वपूर्ण तिथि और कोई भी नहीं हैं और इन महत्वपूर्ण तिथियों के दौरान सरकार मेवाड़ की पावन धरा पर होगी l 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में अटकी हुई हमारी भर्ती से सम्बंधित कुछ विशेष फैसले लिए जा सकते हैं व उसके बाद दिनांक 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हमारी भर्ती से सम्बंधित कोई निर्णायक फैसला लिया जा सकता हैं l इसलिए सरकार को उदयपुर संभाग में घेरे रखना बहुत ज्यादा जरूरी हैं l   

आज मुख्यमंत्री महोदया जी उदयपुर पहुच चुकी हैंl कल वे उदयपुर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उदयपुर में ध्वजारोहण करेंगी l इसके बाद सरकार 16 अगस्त से 24 अगस्त तक उदयपुर संभाग के दौरे पर रहेगी l इसलिए उदयपुर संभाग के प्रत्येक जिले उदयपुर, चित्तोडगढ, राजसमन्द, डुंगरपुर और बांसवाडा  के प्रत्येक संविदाकर्मी की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती हैं की इस अति महत्वपूर्ण मौके पर वे अपने पूरे सामर्थ्य का प्रयोग करे व सरकार को दिनांक 19 अगस्त को ही किसी निर्णायक फैसला लेने पर मजबूर करे l और वैसे भी मेवाड़ का इतिहास पूरे राज्य में सर्वाधिक संघर्षशीलता का परिचायक रहा हैं l अब मेवाड़ की वर्तमान पीड़ी को यह साबित करना होगा की हद के पार जाकर संघर्ष करने की परम्परा महाराणा प्रताप के साथ ही दिवंगत नहीं हुई हैं l इतिहास की जितनी जानकारी मुझे हैं उसके हिसाब से .......................... यदि मेवाड़ संघर्ष नहीं कर सकता तो पूरे प्रदेश में कोई संघर्ष नहीं कर सकता l 

हम जानते हैं की आप संघर्ष करोगे और जरूर करोगे बस इतनी सी गुजारिश हैं की आप अपनी वही एक मांग सरकार के सामने रखे इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं l मुझे उम्मीद हैं की जोश और जूनून के साथ साथ एक निश्चित रणनीति पर काम किया जायेगा l और रणनीति होनी चाहिए की 19 अगस्त को व व अपनी सुनवाई के एक दिन पहले 21 अगस्त को लक्ष्य बना कर अपनी एक पूर्वनिर्धारित सारिणी बना कर उस पर अमल किया जाए l इन महत्वपूर्ण तिथियों से पहले पहले अपना सारा जोश और जूनून एक तयशुदा रणनीति के अनुसार काम में लिए जाये तभी कोई नतीजा प्राप्त किया जा सकता हैं वरना यदि इन महत्वपूर्ण तिथियों पर कुछ हासिल नहीं हुआ तो हमारी सभी उम्मीदों को भारतीय न्यायिक विभाग की जटिल प्रक्रिया में एक लम्बे समय के लिए उलझा दिया जायेगा l

कुछ तुच्छ सुझाव -

  • हर बार एक ही मांग रखे l
  • हर बार ज्ञापन में एक सी भाषा का प्रयोग हो उदाहरणlर्थ (Gyapan) l
  • ज्यादा से ज्यादा लोगो को शामिल करे ........... हो सके तो आस पास के जिले के लोगो को भी l
  • भीड़ ज्यादा हो पर वार्ता कोई एक व्यक्ति ही करे l
  • स्थानीय नेतागण से सहयोग ले l
  • मीडिया में बने रहे l उदयपुर संभाग के अतिरिक्त जयपुर मीडिया में भी आने की कोशिश करे l अपनी न्यूज़ जयपुर भी पहुचाये l आप चाहे तो जयपुर में न्यूज़ देने के लिए यूनियन की मेल आई डी nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर अपनी प्रेस न्यूज़ मेल करे l      

 

अब सारा दारोमदार आप पर हैं ......

कल दिनांक 15 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौर साहब चुरू में ध्वजारोहण करेंगे तो चुरू जिले के समस्त संविदा नर्सेज व फ्रेशर से करबद्द निवेदन हैं की वे भी राठौर साहब से वार्ता कर उन्हें 19 अगस्त व 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सकारात्मक निर्णय लेने हेतु प्रेरित करे l          


दिनांक 09/08/2014 :                             समाचार पत्रों में जारी भर्ती जल्द पूरी करने की सुचना : एक भ्रम 

यूनियन की अग्रिम पंक्ति के संघर्षरत संविदाकर्मियों ने वर्षो से नियमित नियुक्ति पाने हेतु अनवरत संघर्ष किया हैंl भले ही अधिकतर लोग इस बात की परवाह नहीं करते हो पर यह सच हैं की इस संघर्ष में उन्होंने अपना काफी पैसा, काफी समय और काफी श्रम लगाया हैंl ऐसे में यदि कभी भी भर्ती पूरी होने की कोई उम्मीद नज़र आती हैं तो उन्हें ही सबसे ज्यादा ख़ुशी होती हैंl परन्तु आज तक प्राप्त हुई सभी उम्मीदे हमारा भ्रम ही साबित हुई हैंl यह बात किसी का हौसला होड़ने के लिए नहीं कही जा रही हैंl पर सच तो यही हैंl

आज अजमेर के सभी समाचार पत्रों में भर्ती संविदा कर्मचारियों/ फ्रेशर की बहुत समय से चल रही भर्ती जल्द ही पूरी किये जाने की खबरे प्रमुखता से प्रसारित (प्रचारित) की गईl आज से पहले भी कई बार ऐसी खबरे समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाती रही हैंl परन्तु कभी भी ढूंढने पर भी हमें इन खबरों की प्रमाणिकता प्राप्त नहीं हो सकी हैंl समाचार पत्रों में जारी खबरे व सुचना व जन संपर्क विभाग द्वारा जारी सुचना सर्वदा ही भिन्न रही हैं और इनकी मूल भिन्नता भर्ती से सम्बंधित खबर में ही पाई जाती रही हैंl

सुचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा कभी भी भर्ती/ SLP/ बोनस अंक का जिक्र तक नहीं किया गयाl आज भी नहींl आज जहा सभी समाचार पत्रों में भर्ती जल्द पूरी करने की सुचना प्रसारित की गई वही सरकार द्वारा जारी मूल सूचना में भर्ती का कोई जिक्र नहीं थाl मूल सूचना में मात्र सफाई व्यवस्था व पंखे व कूलर की उपलब्धता ही सुनिश्चित की गईl

इस से सरकार द्वारा भर्ती जल्द पूरी किये जाने के दावे पर संशय बन जाता हैंl हम हमारे अग्रिम पंक्ति के संघर्षरत संविदा कार्मिको की मेहनत में कभी कोई कमी नहीं निकल सकते परन्तु सरकार की नियत पर तो संदेह किया ही जा सकता हैंl यूनियन ने गत दिवस के क्रिया कलापों के दौरान यह भी तय किया था की 22 अगस्त को सरकार द्वारा भरोसा दिलाये जाने पर भी यदि SLP वापस नहीं ली जाती हैं तो हमें सरकार के विरोध स्वरुप कुछ कदम उठाये जाने चाहिए इस सम्बन्ध में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष देवाराम चौधरी जी द्वारा 1 अगस्त को सरकार को लिखित चेतावनी भी दी थीl यूनियन को सरकार द्वारा नकारात्मक कदम उठाये जाने पर विरोध की कार्यवाही हेतु अपनी नीतियों के निर्धारण हेतु जल्द ही मीटिंग भी कर लेनी चाहिए और यदि सरकार इस भर्ती को सच में जल्द ही पूरा करती हैं तो हम आजीवन सरकार के आभारी रहेंगेl                         


दिनांक 07/08/2014 :                    भर्ती हेतु गठित मंत्री मण्डलीय उप समिति की निर्णायक बैठक 

साथियों जैसा की आप सभी को दिनांक 05/08/2014 जानकारी दी गयी थी की देवाराम चौधरी जी की अध्यक्षता में हमारा प्रतिनिधि मण्डल स्वास्थ्य मंत्री जी से मिला थाl और आपको यह भी बताया गया था की मंत्री जी ने हमारे प्रतिनिधि दल को एक निश्चित समय पर आने को कहा थाl तब मंत्री जी ने हमारे प्रतिनिधि दल को आज दिनांक 7 अगस्त को मीटिंग के लिए बुलाया थाl इसलिए हमारे प्रतिनिधि दल के सभी सदस्य परसों से जयपुर में ही रुके हुए थेl आज हमारे प्रतिनिधि दल में देवाराम चौधरी, अभिनीत भरद्वाज, मनफूल पूनिया, मनीराम, कैलाश शर्मा, सुरेन्द्र (सिरोही), सीताराम चौधरी, मूल शंकर, ऋषि राज एवं अन्य साथीगण शामिल थेl

आज सुबह 7 बजे हमारा प्रतिनिधि मण्डल राजेंद्र राठौर साहब से उनके निवास स्थान पर मिलने गएl जहा उन्होंने शाम को 7 बजे मंत्री जी के ऑफिस में मीटिंग करना निश्चित कियाl जहा मंत्री जी ने कहा की जहा आपने इतने दिन इन्तजार किया हैं वही आप शाम तक और इंतजार कर लो आपको पुख्ता जानकरी दी जाएगीl

मंत्री जी से शाम को 4 बजे मीटिंग का समय ले कर हमारे प्रतिनिधि दल ने अधिकारियो ने मंत्रणा करने का निर्णय लियाl सबसे पहले जोइन्ट सेक्रेटरी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) चुन्नी लाल जी कायल जी से मुलाक़ात की गयीl फिर इसके बाद में प्रमुख स्वास्थ्य सचिव दीपक उप्रेती जी से मुलाक़ात की गयीl इन दोनों ही अधिकारियो ने जो सुचना दी उसकी शत प्रतिशत पुष्टि शाम को राठौर साहब ने अपनी मीटिंग में कर दीl

शाम को 4 बजे मंत्री जी ने मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक लीl इस बैठक में राठौर साहब के अतिरिक्त युनुस खान साहब (सार्वजनिक निर्माण विभाग), को-ऑपरेटिव मंत्री अजय किलक जी व अलोक गुप्ता(सचिव, कार्मिक विभाग) भी उपस्थित थेl इस बैठक में के समय हमारा प्रतिनिधि दल भी वही मौजूद थे और अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थेl

शाम को 7 बजे मंत्री जी ने अपने प्रतिनिधि दल के देवाराम चौधरी जी व अभिनीत भरद्वाज जी से व्यक्तिगत रूप से अपने ऑफिस में बुला कर वार्ता कीl इस वार्ता से हमें निम्न जानकारिया प्राप्त हुयीl

  • आज ही मंत्री जी को भर्ती के लिए श्याम एस अग्रवाल जी की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमे समिति ने SLP वापस ले कर नर्सेज की भर्ती 15% पर किये जाने का प्रस्ताव दियाl
  • इस प्रस्ताव के प्राप्त होने के बाद मंत्री जी ने मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक में भी इस प्रस्ताव को पास कर दियाl अतः अब उम्मीद की जा सकती हैं की SLP वापस ले ली जाएगीl
  • मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक में SLP वापस लेने के प्रस्ताव के पास होते ही कार्मिक विभाग के सचिव अलोक गुप्ता जी को केस से सम्बंधित फाइल का हस्तान्तरण किया गयाl अब इसके पश्चात SLP वापस लिए जाने की कार्यवाही की जाएगीl
  • चुन्नी लाल जी कायल व दीपक उप्रेती जी ने भी इसी प्रकार की जानकारी दी थीl

जिस समय देवाराम जी व अभिनीत जी राठौर साहब से वार्ता कर रहे थे उस समय मनफूल जी पूनिया व ऋषि राज जी ने को-ऑपरेटिव मंत्री अजय सिंह जी किलक साहब से मुलाकात की और उनसे मीटिंग में हुई वार्ता की जानकारी लीl सभी लोगो के सामान इन्होने भी SLP वापस लेकर जल्द भर्ती पूरी करने की जानकरी दीl

हमारे प्रतिनिधि दल ने वर्षो के अथक प्रयासों से यह परिणाम प्राप्त किये हैं फिलहाल इन्हें परिणाम कहना तो उचित नहीं होगा परन्तु हमारे साथियों की मेहनत पर किसी प्रकार का शक नहीं किया जा सकता हैंl परन्तु इसके बाद भी यदि कोई परिणाम प्राप्त नहीं होता हैं तो यह हमारे साथियों की मेहनत में कमी की वजह से नहीं बल्कि राजनैतिक दुराचार के कारण होगाl हमारे प्रतिनिधि मण्डल ने अब यह भी तय किया हैं की यदि 22 अगस्त को SLP वापस नहीं होती हैं तो उसके पश्चात सरकार को चेतावनी देने हेतु कुछ प्रयासों को अंजाम देना होगाl उम्मीद हैं यूनियन जल्द ही एक मीटिंग कर इन प्रयासों के सम्बन्ध में कोई फैसला लेगीl                   


दिनांक 06/08/2014 :              पाली : स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र सिंह जी राठौर एवं नीरज के. पवन से की मुलाकात 

कल स्वास्थ्य मंत्री जी के साथ नीरज के पवन जी का पाली जिले का दौरा थाl जहा नरेश जी की अध्यक्षता में राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन, पाली के प्रतिनिधि दल ने उनसे मुलाकात कीl नरेश जी ने राठौर साहब को ज्ञापन सौप कर उन से जल्द भर्ती पूरी करने का आश्वासन लिया l वही आशुतोष गोस्वामी जी ने राजेंद्र राठौर जी से दो अति महत्वपूर्ण सवाल किये l

  1.    इस भर्ती का क्या होगा, भर्ती कब तक पूरी होगी ?
  2.    क्या वास्तव में कुछ होगा या इस बार भी हर बार की तरह ही ......... ?

 इसके जवाब में मंत्री जी ने कहा की सरकार ने यह सोच लिया हैं की SLP वापस ले कर भर्ती इसी माह में पूरी की जाएगी l दुसरे प्रश्न के जवाब में मंत्री जी ने कहा की वास्तव में इस बार भर्ती पूरी होगी l

इसी प्रकार कैलाश भटनागर जी ने भी नीरज के पवन जी से पूछा की क्या सच में 22 अगस्त को SLP वापस ले ली जाएगी और यह भर्ती कब तक पूरी होगी जिसके जवाब में नीरज के पवन जी ने कहा की यह पक्का हैं की 22 अगस्त को SLP वापस ले कर इसी माह भर्ती पूरी कर दी जाएगी l

पाली की टीम ने अच्छा काम किया और मंत्री जी व नीरज के पवन जी ने उन्हें आश्वस्त भी किया परन्तु इसी प्रकार के आश्वासन हमें पिछले कई वर्षो से प्राप्त होते रहे हैंl यूनियन किसी भी प्रकार से आश्वस्त नहीं होना चाहती हैं हमें तो तभी यकीन होगा जब वास्तव में जोइनिंग लिस्ट जारी हो जाएगी परन्तु तब तक संघर्ष जारी रखना होगा l          


दिनांक 05/08/2014 :                             ज्ञापन (click here to download JPGclick here to download Doc 

कल दिनांक 06 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री जी पाली जिले के दौरे पर रहेंगे जहा उन्हें हमारे प्रतिनिधि ज्ञापन सौप कर जल्द भर्ती पूरी करने का आग्रह करेंगे इस भर्ती को पूरा करवाने के लिए संघर्ष करने के इच्छुक सभी साथियों से आग्रह हैं की वे ज्ञापन को डाउनलोड कर इसकी प्रति अपने लैटर हेड पर ले कर अधिक से अधिक जन प्रतिनिधियों को देने का प्रयास करे और बाकी लोग नेट पर या फ़ोन पर इस भर्ती के बारे में बातो का संघर्ष तो कर ही रहे हैंl 

पाली के जिला अध्यक्ष गजेन्द्र राठौर जी व नरेश जी ने कल स्वास्थ्य मंत्री जी से मिलने की पूरी तैयारी कर ली हैंl आगे की जानकारी कल उनसे प्राप्त होगीl    


दिनांक 05/08/2014 : यूनियन के प्रतिनिधि दल ने अभी अभी स्वास्थ्य मंत्री जी राजेंद्र राठौर साहब से एक मीटिंग की हैं इस मीटिंग में हमारे प्रतिनिधि दल में देवाराम चौधरी, अभिनीत भारद्वाज के अतिरिक्त रिटायर्ड आई जी ग्वाला साहब भी उपस्थित हैं.

ग्वाला साहब वही व्यक्ति हैं जिन्होंने स्ट्राइक में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. आज उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जी से सवाल किया की मेरी जिम्मेदारी पर यह स्ट्राइक समाप्त की गयी थी और यह भर्ती अब इन बच्चो के भविष्य के साथ साथ मेरी साख का प्रश्न भी हैं तो क्या सच में आपकी नियत इस भर्ती को पूरा करने की हैं? ..... और क्या सच में आप एसएलपी वापस ले रहे हैं? ........... इस पर मंत्री जी ने कहा की इस सम्बन्ध में आज उनकी चार मीटिंग हैं इसके बाद जब भी ग्वाला साहब और स्वास्थ्य मंत्री जी निर्धारित समय पर (मीटिंग के समय की जानकारी नहीं दी जा सकती) राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन के साथ वार्ता कर उन्हें भर्ती से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण सवालो के सही जवाब देंगे.

कुछ दिनों में होने वाली इस मीटिंग में कोई अड़चन ना आये इसलिए हम आपको मीटिंग की जानकारी नहीं दे सकते हैं पर हाँ यदि कोई लीकेज हो जाये तो अलग बात हैं. बहुत जल्द आप लोगो को तथ्यात्मक जानकारी दी जाएगी. 


दिनांक 05/08/2014 : यूनियन वेब साईट के आराम करने के आनंदायक सुनहरे पल अब समाप्त हुए. अब सिस्टम ठीक हो चूका हैं अतः अब आप सभी साथियों को इस वेब साईट पर पूर्व की भांति सटीक जानकारिया प्राप्त होती रहेंगी. पर इस दौरान सोशल मीडिया ने जो अनर्गलन जानकारिया अब तक आप को दी हैं उन सभी के लिए में आपसे क्षमा प्रार्थी हु. जैसा की आप सभी जानते हैं की नर्सेज यूनियन की और से मात्र कुछ विशेष प्रतिनिधियों से ही बड़े पदों पर आसीन सरकारी अधिकारी और सम्बंधित मंत्रीगण वास्तविक वार्ता करते हैं. बाकी के सभी लोगो को यही जानकारी दी जाती हैं की भर्ती शीघ्र ही पूरी होने वाली हैं.

इसलिए यदि कभी भी आप लोगो को यह जानकारी दी जाये की भर्ती शीघ्र ही पूरी होने वाली हैं तो इसमें कभी भी सूचना देने वाले व्यक्ति की गलती नहीं समझनी चाहिए. और एक बात ..... अन्य सभी प्रकार के अधिकतर सोशल मीडिया का कार्य लोगो को अधिक से अधिक जानकरी देना हैं जबकि हम सिर्फ भर्ती पूरी कराने के लिए संघर्ष करते हैं. जैसे - हम कभी भी यूनियन के प्रतिनिधि दल की किसी से भी की जाने वाली वार्ता की सुचना को वार्ता होने से पूर्व प्रकाशित नहीं करते. क्यों की ऐसा करने से कई ऐसे लोगो को भी जानकारी प्राप्त हो जाती हैं जो भर्ती के वर्तमान पैटर्न (15% बोनस) के समर्थन में नहीं हैं और ये लोग गुट बना कर हमारी मांग का खण्डन करने के लिए सम्बंधित मंत्री/अधिकारी के समक्ष पहुच जाते हैं. इसलिए कई बार कई महत्वपूर्ण सूचनाओ की जानकारी इस यूनियन की साईट पर प्रकाशित नहीं की जाती हैं. हमारा ध्येय श्रेय लेना नहीं अपितु भर्ती प्रक्रिया को येन केन प्रकारेण पूर्ण करवाना हैं. परन्तु फिर भी काफी सावधानी रखने के बाद भी मानवीय आकांशाओ के कारण लीकेज हो ही जाता हैं.

हम नहीं जानते की वेकेंसी कब पूरी होगी .... या पूरी होगी भी या नहीं. हम इस बात की कोई गारन्टी नहीं देते की हम आप के सवालो के जवाब नेट पर या फोन पर देंगे या नहीं .... क्यों की हमारा काम बातचीत करने का नहीं हैं. बातचीत करने के लिए और आप के सवालो के जवाब देने के लिए आपको कई फ़ालतू लोग नेट पर कुकुरमुत्तो के सामान मिल जायेंगे पर हम सिर्फ इतनी गारन्टी दे सकते हैं की जयपुर में धरना स्थल पर कम से कम 5 दिन (24x7) उपस्थित रहे प्रत्येक व्यक्ति को उसके सभी सवालो के जवाब दिए जायेंगे और जब तक नियमित नियुक्ति नहीं मिलती हम संघर्ष जारी रखेंगे.

जो लोग 15% से भर्ती का विरोध कर रहे हैं हम कभी भी उनका विरोध नहीं करेंगे क्यों की हमें सिर्फ हमारी भर्ती से मतलब हैं उनकी भर्ती से नहीं. ईश्वर करे की वे लोग भी किसी प्रकार हमारे साथ ही नियमित हो. कोई भी संविदाकर्मी नियमितीकरण से वन्चित ना रहे.    


दिनांक 23/07/2014 : Download Font (ArjunSujas)  

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दिनांक 06/07/2014 :                             लिस्ट इन वेटिंग : स्ट्राइक इन वेटिंग 

गत माह से ही इस भर्ती से जुड़े लोगो द्वारा दो चीजो का बड़ी ही बेसब्री से इन्तजार हो रहा हैं. जोइनिंग लिस्ट का और स्ट्राइक की घोषणा का. आइये जाने दोनों ही महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े तथ्य.  

लिस्ट इन वेटिंग : 28 जून से कभी भी जारी हो सकने वाली लिस्ट एक दम से कही गायब हो गई. जानकार सूत्रों से पता चला की जारी होने के लिए पूरी तरह से तैयार लिस्ट को मुख्यमंत्री महोदया जी या स्वास्थ्य मंत्री जी  के मौखिक आदेश पर रोका गया हैं. इसलिए 1 जुलाई से ही यूनियन के प्रतिनिधि स्वास्थ्य मंत्री जी से व्यक्तिगत मीटिंग करने की जुगत लगा रहे हैं. व्यक्तिगत मीटिंग के लिए पहले मंत्री जी ने 3 जुलाई का समय दिया फिर 4 जुलाई का पर दिल्ली से जयपुर आने के प्रोग्राम में बदलाव के कारण दोनों की दिन की मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा कैंसिल कर दि गयी. अब जल्द की किसी दिन यूनियन के मात्र 2 प्रतिनिधि स्वास्थ्य मंत्री जी से व्यक्तिगत मुलाक़ात कर दो टुक प्रशन करेंगे की लिस्ट जारी करने की अल्प अवधि की नियत समय सीमा का आश्वाशन दिया जाए ताकि नियत समय सीमा के बाद संविदाकर्मियो द्वारा किये जाने वाले आन्दोलन की जिम्मेदारी सरकार की हो.

स्ट्राइक इन वेटिंग : यूनियन का नजरिया स्ट्राइक के प्रति बिलकुल साफ़ हैं. हमारी लिस्ट जारी होते होते रुकी हैं यदि सरकार चाहती हैं की इस लिस्ट को बजट में की जाने वाली घोषणा के स्वरुप पूरा किया जाये तो यूनियन को लिस्ट का इन्तजार करने से कोई परहेज नहीं हैं. परन्तु यदि किसी अन्य को लिस्ट से ज्यादा स्ट्राइक की जल्दी हो तो उसे यूनियन की और से स्ट्राइक करने के लिए पूरा सहयोग मिलेगा.

यूनियन के अतिरिक्त यदि कोई और स्ट्राइक की जिम्मेदारी लेने को तैयार हो तो यह तो हमारे लिए बहूत ही ख़ुशी की बात होगी. हम दो अलग अलग टीम में बट कर काम कर सकते हैं. ऐसी परिस्थिति में निम्नानुसार कार्य बाट दिए जायेगे.

टीम यूनियन : समस्त कूटनैतिक प्रयासों द्वारा अटकी हुई लिस्ट जारी करवाना.

टीम स्ट्राइक : निम्न स्तर पर स्ट्राइक की तैयारी करना.

  • प्रदेश के संविदाकर्मियो को स्ट्राइक के लिए तैयार करना.
  • जयपुर में उचित धरना स्थल का चुनाव करना व परमिशन लेना.
  • जयपुर के धरना स्थल पर उपस्थित रहने हेतु लोगो का इंतजाम.
  • प्रदेश/जिला/ब्लाक के धरना स्थल हेतु परमिशन.
  • प्रदेश/जिला/ब्लाक के धरना हेतु आर्थिक व्यवस्थता (सर्वाधिक महत्वपूर्ण)
  • अधिकारियो से लगातार वार्ता का इंतजाम
  • स्वास्थ्य मंत्री जी/ मुख्य मंत्री महोदया जी से वार्ता का प्रबंध/ मध्यस्थ की भुमिका
  • प्रिंट मीडिया व डिजिटल मीडिया से सहयोग (अति महत्वपूर्ण) 

दिनांक 29/06/2014 :                             बदलते परिवेश : बदलती रणनीति

जैसा की सभी साथियों को आभास हुआ होगा की पिछले 3 दिनों में जो अनापेक्षित घटनाक्रम हुए हैंl उसे देखते हुए हमें लगभग हर प्रकार की परिस्थिति के लिए शीघ्र ही स्वयं को तैयार करना होगाl इस बदलते हुए परिवेश में यूनियन ने अपनी गतिविधियों को बदलने की रणनीति तैयार की हैंl  जिसमे आप सभी साथियों के सहयोग की अपेक्षा रखी जा रही हैंl

आवश्यक कार्यो की प्रकृति के अनुसार हम अपने प्रयासों को कुछ टीम में विभक्त करने जा रहे हैंl

  1. जयपुर : अभिनीत भारद्वाज एवं साथी - जयपुर से सम्बंधित सभी कार्य जैसे सचिवालय एवं स्वास्थ्य भवन में अपनी भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मिल कर हर पल की खबर लेना व भर्ती से सम्बंधित अडचनों को समझना जिस से उनका निवारण किया जा सकेl इसके अतिरिक्त इस टीम का एक महत्वपूर्ण कार्य यह भी हैं की यदि किसी प्रकार के अनिष्ठ की आशंका हो तो तुरन्त आपात टीम को रिपोर्ट करना जिस से प्रतिक्रिया स्वरुप आन्दोलन का सूत्रपात किया जा सकेl फिलहाल अभी तक जो सूचना हमें अधिकारियो द्वारा दि गई हैं उसके अनुसार भर्ती की लिस्ट तैयार हैं व slp वापस लेते ही जुलाई माह में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दि जाएगीl  
  2. जोधपुर : भंवर लाल विशनोई एवं साथी - इस टीम के भी दो कार्य होंगेl पहला कार्य होगा पूर्व आई जी दुआ साहब से मिल कर राजेंद्र राठौर साहब से व्यक्तिगत मुलाक़ात के लिए समय तय करनाl ज्ञात रहे की पूर्व आई जी दुआ साहब की मध्यस्थता से ही संविदा कर्मियों की स्ट्राइक समाप्त की गई थीl कल उनसे इस सम्बन्ध में बात भी की गयी हैंl उनका कहना हैं की क्यों की उनके कारण ही स्ट्राइक समाप्त की गयी थी तो अब यह उनकी इज्जत का प्रशन हैंl और वे इस बाबत सरकार से ठोस नतीजा निकलवा कर ही रहेंगेl                                                                               इस टीम का दूसरा कार्य प्रतिकुल परिस्थितियों के लिए अधिवक्ता यशपाल खिलेरी से मिल कर हाल ही में उनके द्वारा न्यायालय में 10 वर्षो की संविदा नौकरी के पश्चात नियमितीकरण के जारी किये गए आदेश का हवाला देते हुए इस बात का पता करना हैं की क्या किसी प्रकार यह आदेश 3-5 साल तक संविदा का दंश झेल चुके कार्मिको पर भी लागु करवाया जा सकता हैं अथवा किसी अन्य प्रकार के न्यायिक पक्ष की संभावना तलाश करनाl
  3. आपात टीम : मनफूल पुनिया एवं साथी - अनिष्ठ की आशंका होने पर या भर्ती प्रक्रिया के संपन्न ना होने की परिस्थितियों में सम्पूर्ण राजस्थान के संविदाकर्मियो/ फ्रेशर को आन्दोलन के लिए तैयार रखनाl इनकी तैयारी इस स्तर की होनी चाहिए की जिस दिन परिस्थितिया प्रतिकुल नजर आये उसके अगले दिन ही जयपुर में लोगो को इकठ्ठा किया जा सकेl आन्दोलन की परिस्थिती में पहले दिन से ही कन्ट्रोल रूम (साथियों को फोन पर जानकारी देने हेतु) से सम्बंधित समस्त जिम्मेदारी जी आपात टीम की ही होगीl   
  4. मैनेजमेंट टीम : देवाराम चौधरी एवं साथी - सभी टीम अपने अपने स्वयं के कार्य की जानकारी व निर्देशो के सम्बन्ध में मैनेजमेंट टीम से संपर्क बनाये रखेगीl इसके अतिरिक्त वेब को समस्त जानकारी प्रदान करने की जिम्मेदारी भी मैनेजमेंट टीम की ही होगीl   

दिनांक 29/06/2014 :                     संविदाकर्मियो के मामले में जवाब का अन्तिम मौका  

राजस्थान उच्च न्यायलय, जोधपुर ने 10 वर्ष से अधिक अवधि से कार्यरत संविदाकर्मियो के मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाव पेश करने का अन्तिम मौका दिया हैंl उच्च न्यायलय के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास ने कहा की राज्य सरकार जवाब नहीं देती हैं तो वह मामलो को बिना किसी जवाब के अन्तिम रूप से तय कर दिया जायेगाl बीकानेर निवासी बिंद्रा व अन्य की और से दायर याचिका में कहा गया की की उनको वर्ष 2002 में राज्य सरकार की और से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता के पद पर निर्धारित चयन प्रक्रिया अपनाकर नियमानुसार नियुक्त किया गया थाl नियुक्ति तिथि से वह लगातार बिना किसी अवरोध के नियमित ड्यूटी कर रही हैl उनकी नियुक्ति डयूटी चार्ज व पद दायित्व नियमित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता के सामान हैंl मात्र वेतन के अलावा सब कुछ सामान हैं l नियमितीकरण के अभाव में उनका भविष्य अधरझूल में हैं और वे सेवा परिलाभ से वंचित हैंl याचिगण वर्ष 2002 से मात्र 3500 रुपए प्रतिमाह पर अपनी संतोषप्रद सेवाए दे रही हैंl

राज्य सरकार की हठधर्मिता और शोषण निति के कारण संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा हैंl याचिकाकर्ताओ के अधिवक्ता यशपाल खिलेरी के तर्कों से सहमत होते हुए हाई कोर्ट ने गत सुनवाई पर अतिरिक्त महाधिवक्ता को नोटिस थमाते हुए जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थेl लेकिन जवाब पेश नहीं किये जाने पर हाई कोर्ट ने 8 जुलाई को अन्तिम सुनवाई करने के निर्देश दिए हैंl  

शीर्ष अदालत ने दिए थे निर्देश - गौर तलब हैं की सुप्रीम कोर्ट ने 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके अस्थाई कर्मचारियों को एक साथ नियमित करने के लिए उमा देवी बनाम केरल राज्य मामले में अहम् फैसला दे रखा हैंl पूर्व में उच्च न्यायलय ने भी सुप्रीम कोर्ट की सवैधानिक पीठ के आधार पर राज्य सरकार को इन संविदाकर्मियो को दो माह में नियमित करने के निर्देश दिए थेl

चिकित्सा विभाग में भी हलचल - उधर उच्च न्यायलय के अंतरिम आदेश के बाद राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल हुई हैंl चिकित्सा विभाग के अति. निदेशक (प्रशा.) ने राज्य के समस्त प्रमुख चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आदेश जारी कर विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मियों, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, नर्स ग्रेड-ll, पीएचएन, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नाम व संख्या भेजने के लिए निर्देशित किया हैंl

राज्य सरकार जब कोर्ट से निर्देश प्राप्त होने पर भी संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति नहीं दे रही हैं तो शेष संविदाकर्मियो के लिए राज्य सरकार ने शायद ही कुछ भला सोचा होl मेरा मानना यह हैं की यदि सरकार हमें नियमित करना ही चाहती तो उसे संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमो में किये जा रहे बदलाव जैसी बड़ी प्रक्रिया के बारे में यूनियन से कुछ भी छुपाने की आवयश्कता ही नहीं थीl परन्तु जिस प्रकार राज्य सरकार रणनीति तैयार कर रही हैं बहुत संभव हैं की राज्य सरकार यदि हमें नियमित नहीं करती हैं तो हमें भी उक्त कोर्ट केस के आधार पर राज्य सरकार पर नियमितीकरण हेतु केस कर देना चाहिएl                      


दिनांक 29/06/2014 :                     जेएनवीयू में अनुबंध पर लगे 200 कर्मचारियों को हटाने का फैसला 
bhaskar news|Jun 29, 2014, 06:54AM IST 

जेएनवीयू में अनुबंध पर लगे 200 कर्मचारियों को हटाने का फैसला
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय प्रशासन ठेके पर लगे 200 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर चुका है। बजट फाइनलाइजिंग कमेटी की सिफारिश पर एक जुलाई से स्वीकृत पदों के बजाय आवश्यकता के आधार पर लगाए गए ठेकाकर्मियों की छुट्टी कर दी जाएगी। इससे केंद्रीय कार्यालय के विभागों से लेकर परीक्षा व गोपनीय शाखा की व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी। वहीं हॉस्टलों में सफाई, मैस व अटेंडेंट के कार्यों के संचालन पर भी असर पड़ेगा। हालांकि विवि प्रशासन ठेकाकर्मियों को हटाए जाने के बाद व्यवस्थाएं बिगडऩे पर राज्य सरकार को अवगत करवाकर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कर्मचारी लगाने की बात कह रहा है। इसमें भी नए कर्मचारियों को अनुभव नहीं होने से व्यवस्थाएं ढर्रे पर लाने में मुश्किल होगी।

संकाय सुनाने लगे 30 जून से कॉलेज नहीं आने का फरमान

विवि की ओर से जारी आदेशों के आधार पर विभिन्न संकायों की ओर से अपने यहां ठेके पर लगे कर्मचारियों को 30 जून के बाद नौकरी पर नहीं आने के लिए कहा जाने लगा है। संकायों के अलावा चीफ वार्डन व केंद्रीय कार्यालयों में लगे ठेका कर्मचारियों को भी हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। कुलसचिव के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश पर इस प्रक्रिया में करीब दो सौ से अधिक ठेकाकर्मी हटाए जा रहे हैं। इसके बाद जहां व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी, वहां के लिए राज्य सरकार को लिखकर भेजेंगे और स्वीकृति मिलने पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे। उधर, ठेकाकर्मियों को हटाए जाने के संबंध में गठित कमेटी की शनिवार को कुलसचिव कार्यालय में बैठक हुई। इसमें सिंडीकेट के दो सदस्यों की गैरमौजूदगी की वजह से अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। अब अगली बैठक सोमवार को होगी, जिसमें इस निर्णय पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

यूनिवर्सिटी के सभी विभागों में व्यवस्थाएं गड़बड़ाने की आशंका

परीक्षा शाखा: 65 में से 40 से अधिक ठेकाकर्मियों के हटने से बिगड़ेगी व्यवस्था विवि परीक्षा शाखा के कुल 65 कर्मचारियों में से 40 से ज्यादा ठेकाकर्मी हैं। इन कर्मचारियों को हटाए जाने से परीक्षा संचालन का सबसे महत्वपूर्ण काम प्रभावित होना तय है। हटाए जाने वाले कर्मचारियों को वर्षों का अनुभव है। रिशफलिंग में आने वाले कर्मचारियों में अनुभव की कमी होने से बिगड़े हालात में सुधार मुश्किल होगा।

केंद्रीय कार्यालय: एकल खिड़की पर काम करने वालों सहित 50 से अधिक ठेकाकर्मी
केंद्रीय कार्यालय के विभागों में 50 से अधिक ठेकाकर्मियों को आवश्यकता के आधार पर लगाया गया है। एकल खिड़की पर सेवाएं देने वाले कर्मचारी भी स्वीकृत पदों पर नहीं लगे हैं। विभागों के अनेक महत्वपूर्ण काम भी इनके भरोसे हैं। 

गोपनीय शाखा: कॉपियां लाने-ले जाने वाले ड्राइवर हटने से प्रभावित होगा कामकाज
गोपनीय शाखा व कुलपति के पास लगे ड्राइवरों में से कुछ ठेकाकर्मी हैं। विवि में आयोजित परीक्षाओं के परिणाम अभी घोषित किए जाने हैं। ऐसे में गोपनीय शाखा के कर्मचारियों को हटाने से इस काम पर भी असर पड़ेगा। कॉपियां लाने-ले जाने सहित अन्य अनेक कार्यों में भी ड्राइवर अपनी सेवाएं देते हैं।

हॉस्टल: सफाई, मैस व अटेंडेंट का
काम होगा प्रभावित

सभी हॉस्टलों में सफाई, मैस व अटेंडेंट का कार्य संभालने वाले अस्वीकृत पदों पर लगे हैं। इनके हटने से हॉस्टल की व्यवस्थाएं बिगड़ेंगी। खासतौर से गल्र्स हॉस्टल में छात्राओं को आने व जाने से पहले स्वीकृति लेनी होती है। यह व्यवस्था संभालने वाले भी हटेंगे।

आगे क्या

शेष बचे कर्मचारियों की रिशफलिंग होगी
स्वीकृत पदों में से खाली पड़े पदों पर जिन ठेका कर्मचारियों को रखा जाएगा, उनकी रिशफलिंग कर जरूरी स्थानों पर लगाया जाएगा। इसके बाद जितने कर्मचारियों की जरूरत होगी, उसकी सरकार से स्वीकृति मांगी जाएगी।
- गोविंदसिंह चारण, कुलसचिव, जेएनवीयू

संभाग स्तरीय विवि बनने के बाद स्टाफ बढ़ाने की बजाय घटाने का निर्णय

जेएनवीयू में स्वीकृत ठेकाकर्मियों के पद एक आवासीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर हैं। ये पद उस समय स्वीकृत किए गए थे जब जेएनवीयू केवल जिला स्तरीय विवि हुआ करता था। दो साल पहले जेएनवीयू को संभागीय विवि का दर्जा दे दिया गया, जिससे 25 हजार विद्यार्थियों की स्ट्रेंथ बढ़कर आज 1.50 लाख विद्यार्थियों की हो चुकी है। ऐसे में स्टाफ बढ़ाने की आवश्यकता थी, जबकि बीएफसी के निर्णय पर स्टाफ घटाना समझ से परे है। इससे विवि का कामकाज प्रभावित होगा।


दिनांक 28/06/2014 :                 क्या यह सच में खुश खबरी हैं या फिर कुछ और ???????????????? 

संविदा कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सरकारी कर्मचारियों जैसी मिलेंगी सुविधाएं

bhaskar news|Jun 28, 2014, 00:34AM IST

 

जयपुर. राज्य तथा केंद्र सरकार की योजनाओं में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को अब नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। इस आदेश से वर्ष 2007 से कार्यरत करीब एक लाख से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अब तक एनआरएचएम, नरेगा और अन्य योजनाओं में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को सिर्फ यात्रा भत्ता और साल में 15 दिन का अवकाश मिलता था। नए संविदा नियुक्ति नियमों में छुट्टियां 15 से बढ़ाकर 20 की गई है। इसके अलावा यात्रा भत्ते में भी इजाफा किया गया है। इसके अलावा पीएफ, मेडिक्लेम, जीपीएफ और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं पहली बार दी जाएंगी। 
वसुंधरा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में संविदा कर्मियों के लिए मॉडल गाइडलाइन तैयार की थी। लेकिन इसके बाद आई गहलोत सरकार ने 2011 में इस पर रोक लगा दी। उस दौरान नियमित भर्ती पर ज्यादा जोर दिया गया और एनआरएचएम और अन्य कई सरकारी योजनाओं में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित सेवा में नियोजित किया गया। शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से जारी परिपत्र में यह भी कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के संचालन में जहां निजी क्षेत्र की कुशलता की जरूरत महसूस होगी वहां ठेका श्रमिकों की भर्ती की जाएगी। इसका एक मतलब यह भी है की मौजूदा सरकार नियमित भर्तियों की जगह कम समय के लिए ठेका कर्मियों की भर्ती से ही काम चलाएगी।

यह फायदा मिलेगा
> मेडिक्लेम, पीएफ, यात्रा भत्ता, ग्रेच्युटी, साल में 20 दिन छुट्टी और 180 दिनों का मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
> 1 लाख से ज्यादा संविदा कर्मियों को होगा लाभ

2012 से नहीं मिला इंक्रीमेंट

इधर राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए नियम और शर्तें तो जारी कर दी। लेकिन एनआरएचएम और नरेगा में काम कर रहे करीब 35 हजार संविदा कर्मचारियों को 2012 से इंक्रीमेंट नहीं दिया गया है।

मेरी राय - जहा सभी लोगो द्वारा यह उम्मीद लगायी जा रही थी की जल्द ही हमारी भर्ती पूरी हो सकती हैं वही लिस्ट के स्थान पर कल राजस्थान राज्य सरकार के वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष गर्ग जी के द्वारा गहलोत सरकार द्वारा यूनियन के साथ समझोते में तय किये गए संविदा कर्मियों के लिए सेवा नियमो का संशोधित स्वरुप प्रस्तुत कर दिया गया. इस घटनाक्रम से निम्न आशंकाए जन्म लेती हैं.

  • कल दिनांक 27/06/2014 को वित्त विभाग द्वारा सेवा नियमो में जो बदलाव किये गए ये अनायास ही नहीं हो सकते इसके लिए एक बहूत ही जटिल प्रक्रिया की गयी होगी. बिलकुल वैसी ही जैसी बहूत दिनों से हम अपनी लिस्ट जारी होने के बारे में सुन रहे थे. की अभी फाइल यहाँ हैं या वहा हैं. ... अब फाइल इसके पास जाएगी. फिर उसके पास जाएगी. ................ भर्ती से सम्बंधित इस प्रकार की प्रक्रिया के बारे में हम वर्षो से परिचित रहे हैं.
  • स्ट्राइक के बाद से ही स्वास्थ्य भवन व सचिवालय में भर्ती से सम्बंधित अधिकारियो से लगातार संपर्क बना कर रखा गया था. ऐसे में हमें संविदाकर्मियो के विषय में होने वाली प्रत्येक हलचल की जानकारी प्राप्त होती रहती हैं. 
  • तो अब सवाल यह उठता हैं की जब हमें अपनी भर्ती से सम्बंधित फाइल के बारे में पल पल की जानकारी थी तो फिर यह कैसे संभव हुआ की वित्त विभाग द्वारा संविदाकर्मियो के सेवा नियमो में किये गए इतने बड़े बदलाव के बारे में हमें कोई जानकारी ही प्राप्त नहीं हो सकी.
  • सबसे ज्यादा ख़ास बात तो यह हैं की हमारे किसी अधिकारी या मंत्री जी ने भी इतनी बड़ी बात हमें नहीं बताई.
  • ऐसा नहीं हैं की यूनियन इस कार्य से सदा अनभिज्ञ रही हैं परन्तु इस समय स्ट्राइक के बाद से ही ऐसे किसी भी कार्य की जानकारी हमैं किसी भी सरकारी सूत्र से प्राप्त नहीं हो सकी.
  • मुझे यह स्वीकार करने में तनिक भी परेशानी नहीं हो रही हैं की यूनियन की इतने बड़े सेवा नियम संशोधन से अनभिज्ञता का कारण अधिकारियो/मंत्री जी से जानकारी नहीं ले पाना हैं.
  • इसके अतिरिक्त यदि सरकार संविदाकर्मियो के सेवा नियमो में बदलाव हमें बता कर करती तो सरकार की नियत पर विश्वास भी किया जा सकता था. परन्तु सरकार ने जिस प्रकार सभी से छुपा कर ख़ुफ़िया तरीके से इन नियमो में संशोधन किया हैं जिस कारण सरकार की नियत पर शक किया जा सकता हैं. हो सकता हैं की सरकार की भर्ती को किसी बहाने से उलझा दे.  

दिनांक 22/06/2014 :                              भर्ती प्रक्रिया के सम्बन्ध में   

सरकार का भर्ती पूरा करने का दावा - जैसा की आप सभी जानते हैं की सरकार दावा कर रही हैं की वो जल्द ही इस भर्ती को पूरा कर देगी. इसके लिए भर्ती की समस्याओ के निस्तारण हेतु गठित की गई स्थाई समिति ने दिनांक 18/06/2014 को श्याम एस अग्रवाल जी की अध्यक्षता में एक मीटिंग की गई. इस मीटिंग में भर्ती हेतु कुछ ठोस निर्णय भी लिए गये थे.

DOP में भर्ती नियम संसोधन - फिलहाल DOP से किसी भी प्रकार के निर्देश जारी नहीं हुए हैं. और रही उम्मीदों की बात तो वो तो हमने पिछले एक साल से भी अधिक समय से लगा ही रखी हैं. अब देखना यह हैं की DOP में भर्ती नियमो में संसोधन कब तक होता हैं.

SLP वापस लेना - फिलहाल अपनी SLP भी सुप्रीम कोर्ट से वापस नहीं ली गई हैं. जिस दिन भी सुप्रीम कोर्ट में slp वापस लेने के लिए एफिडेविट देंगे उस के 4 से 5 दिन में slp वापस हो जाएगी.

जब DOP व slp का काम हो जायेगा उसके एक हफ्ते में ही लिस्ट निकाली जा सकती हैं परन्तु फिर भी सब कुछ सरकार की नियत पर ही निर्भर होगा.

बीकानेर संभाग से अनुरोध - बीकानेर संभाग (चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर)के सभी संविदा कर्मचारियों/ फ्रेशर से अनुरोध हैं की वे सरकार से अधिक से अधिक संपर्क बनाने व जल्द से जल्द इस भर्ती प्रक्रिया के निस्तारण करने हेतु निवेदन करे. इसके अतिरिक्त हमारी एक टीम जयपुर में भी SLP व DOP से सम्बंधित सभी क्रिया कलापों पर बराबर नजर रखे हुए हैं व जल्द ही वे जयपुर में सभी सम्बंधित अधिकारियो से मिल कर उनसे भर्ती के सम्बन्ध में अब तक हुए क्रिया कलाप की जानकारी ले कर भर्ती प्रक्रिया को गति देने का प्रयत्न करेंगे.   

आन्दोलन - उम्मीद होने के बाद भी हमें एक बात बिलकुल नहीं भूलनी चाहिए की यदि सरकार एक निर्धारित समय तक भी लिस्ट नहीं निकालती हैं और यदि अनिश्चितता के आसार तैयार हो तो हमें भी आन्दोलन के लिए तैयार रहना होगा.


दिनांक 19/06/2014 :                     कल की बैठक का असर : क्या हमें खुश होना चाहिए????  

कल श्याम एस अग्रवाल जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूनियन द्वारा की गयी मांग के अनुसार ही निर्णय लिया गया. 15% बोनस अंको द्वारा भर्ती किये जाने की खबर ने सभी संविदा नर्सेज/फ्रेशर में बधाई देने का सिलसिला शुरू कर दिया. तो क्या सच में संकट की घडिया समाप्त हो चुकी हैं ?????????????

दिनांक 18/06/2014 की बैठक का नतीजा - नर्सेज यूनियन की मांगो के अनुरूप 15% बोनस अंको पर भर्ती को मिली मंजूरी.

भर्ती हेतु प्रस्तावित अग्रिम कार्यवाई  -

  • सुप्रीम कोर्ट से विभिन्न विभागों द्वारा SLP वापस लेने हेतु निर्देश दिए गए.
  • भर्ती की फाइल को DOP (Department of Personal) भेजा जायेगा जहा पर उच्च न्यायलय जोधपुर के 15% बोनस अंको के फैसले के अनुरूप अपने भर्ती नियम के पैर 18 व 19 में आंशिक संसोधन किया जायेगा.
  • सुप्रीम कोर्ट से SLP वापस लेने व DOP में भर्ती नियम संसोधन के बाद 15% बोनस अंको के आधार पर भर्ती शुरू कर दि जाएगी.

संशय - सरकार द्वारा लिए गए उक्त फैसलों से सभी संविदा/फ्रेशर नर्सेज में ख़ुशी की लहर हैं. परन्तु ऐसा पहले भी कई बार हो चुका हैं की किनारे पर आते ही हमारी नौका को कोई सरकारी लहर डूबा देती हैं.  

  • 15% बोनस अंको पर भर्ती की मांग सिर्फ नर्सेज की थी तो कैसे सरकार बाकी सभी कैडर की भर्ती 15% से कर सकती हैं.
  • जब तक सुप्रीम कोर्ट में SLP थी तब तक इस भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता था परन्तु एक बार जब इस भर्ती से सम्बंधित SLP वापस ले ली जाएगी तब इसे रद्द दिया जा सकता है.
  • अब सब कुछ सरकार की नियत पर निर्भर हैं. और किसी संशय में वर्षो तक बैठे रहने से अच्छा हैं की जो होना हैं थोडा जल्दी से हो जाये.
  • साथियों संशय अभी भी हैं. भले ही सरकार हमे कितना भी आश्वस्त करे पर हमें अपनी पूरी तैयारी कर के रखनी हैं. ऐसे नहीं तो वैसे भर्ती तो पूरी करवा ही लेंगे.   

दिनांक 18/06/2014 :          कल बीकानेर आएगी सरकार, सरप्राइज विजिट करेंगी मुख्यमंत्री  

बीकानेर| सरकार 19 जून को बीकानेर संभाग के दौरे पर आ रही है लेकिन मुख्यमंत्री के मिनिट टू मिनिट प्रोग्राम का इंतजार हो रहा है। यह तय है कि मुख्यमंत्री मंत्री वसुंधराराजे अपने दस दिन के कार्यक्रम के दौरान सरप्राइज विजिट करेंगी लेकिन उनका अधिकृत कार्यक्रम अब तक जारी नहीं हुआ है। 
मुख्यमंत्री वसुंधराराजे 19 जून को दोपहर बीकानेर पहुंचेंगी। अपराह्न तीन बजे वेटनरी विश्वविद्यालय के सभा कक्ष में वे कार्यक्रम को लेकर मंत्री, प्रमुख सचिव, शासन सचिव, सचिवों व प्रमुख अधिकारियों को ब्रिफिंग देंगी। 20 जून से मंत्रियों के दौरे शुरू हो जाएंगे। सीएम का करीब चार-छह दिन बीकानेर प्रवास माना जा रहा है। इस दौरान संभवतया वे गजनेर पैलेस में ठहरेंगी और वहीं से संभाग की गतिविधियों पर नजर रखेंगी। सरप्राइज विजिट को देखते हुए संभावित स्थलों पर तैयारी रखी जा रही है। इसमें पीबीएम अस्पताल, चौखूंटी और पूगल रोड ओवर ब्रिज भी शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री ग्रामीण क्षेत्रों में भी जाएंगी। उनका श्रीडूंगरगढ़, लूणकरणसर और खाजूवाला जाने का कार्यक्रम बन सकता है। लूणकरणसर में सीएम 24 को जनसुनवाई कर सकती हैं। इसे देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मंत्री सभी पंचायत समिति क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और जनसुनवाई भी करेंगे। बीकानेर ब्लॉक की जनसुनवाई 23 जून को अरुण चतुर्वेदी डूंगर कॉलेज में करेंगे। 28 जून की रात तक सभी मंत्री बीकानेर पहुंच जाएंगे। 29 जून को वेटरनरी विवि में ही मुख्यमंत्री उनसे फीड बैक लेंगी। बैठक में केबिनेट नोट तैयार होगा। केबिनेट की बैठक 30 जून को रखी गई है।

सरकार के बीकानेर दौरे के दौरान सभी साथियों से निवेदन है की वे मुख्यमंत्री महोदया व चिकित्सा मंत्री जी से मिल कर अलग अलग मांगे न रख कर निर्धारित प्रारूप में सामान मांग पत्र (Click Here To Download) सौपे.


दिनांक 18/06/2014 :                             भर्ती हेतु गठित स्थाई समिति की बैठक  

आज श्याम एस. अग्रवाल जी की अध्यक्षता में अटकी हुयी भर्ती की समस्या के निराकरण हेतु बैठक का आयोजन किया गया. आज पूरे दिन सभी संविदाकर्मी बैठक के समाप्त होने का इन्तजार करते रहे. परन्तु बैठक की समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार के मीटिंग मिनट्स जारी नहीं किये गए. सूत्रों से जानकारी लेने पर पता चला की दिनांक 09/06/2014 को राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन, संविदा नर्सेज मेडिकल कॉलेज, जयपुर व बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन की अग्रिम पंक्ति के संघर्षशील लोग देवाराम चौधरी, रमाकांत शर्मा, महेश मीना, अभिनीत भारद्वाज, दीपक मीणा, साजन सियाग, शिवराज चारण, मनीराम चौधरी, मुकेश धाकड़, सीताराम चौधरी, प्रमोद मीणा व अन्य ने जयपुर जा कर चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र सिंह जी राठौर जी व इस भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मुलाक़ात कर जो मांगे मांगी थी उन पर सकारात्मक निर्णय लिया गया हैं.

इस बैठक के अतिरिक्त ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा एक आदेश भी जारी किया गया जिस से प्रतीत होता हैं की सरकार इस भर्ती की वरीयता सूचि उच्च न्यायलय, जोधपुर के आदेशानुसार 15% बोनस अंको द्वारा जारी की जा सकती हैं और पूर्व में 30 पर लगे लोगो की संख्या का आंकलन करना चाहती हैं. परन्तु जैसा की आपको बताया गया हैं इस बैठक के नतीजे के सम्बन्ध में किसी प्रकार के दस्तावेज प्राप्त नहीं किये गए हैं. उम्मीद हैं की आने वाले निकट समय में ही इस बैठक की समस्त कार्यवाही की जानकरी प्राप्त कर ली जाएगी.        

 


दिनांक 18/06/2014 :                         जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, अजमेर 

जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, अजमेर में urgent temporary basis पर लगे ऐसे नर्सेज जिन्हें नौकरी करते हुए एक वर्ष हो चुका हैं उन्हें नौकरी से निकालने के लिए एक आदेश जारी किया गया हैं.

प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक कार्यालय, जवाहर लाल नेहरु आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संलग्न चिकित्सालय, अजमेर द्वारा दिनांक 11 जून 2014 को जारी किये गए आदेश में सुबोध अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा द्वारा विडियो कांफ्रेंस के दौरान दिए गए निर्देशों को आधार माना गया हैं.

इस आदेश के अनुसार यदि किसी भी urgent temporary basis पर लगे ऐसे नर्सेज जिन्हें एक वर्ष का समय हो चुका हैं इनकी सेवाए समाप्त कर कर रिक्त पदों को नॉन गवर्मेंट आर्गेनाईजेशन के भरने का प्रस्ताव रखा गया हैं. इस समस्या के निस्तारण के लिए जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के दिनेश मीना ने अपने साथियों के साथ मिल कर जोधपुर हाई कोर्ट से स्टे की मांग कर रहे हैं. यदि किसी साथी को स्टे से सम्बंधित जानकारी लेनी हो तो वे अधिक जानकारी के लिए दिनेश मीना (7877301250) से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर ले.


दिनांक 14/06/2014 :                        आन्दोलन की रणनीति : पिछली गलतियों से सबक 

आन्दोलन की संभावित परिस्थितियों के मद्देनज़र हमें अपने अगले आन्दोलन की तैय्यारी शुरू कर देनी चाहिए. इसके लिए सबसे पहले पिछले आन्दोलन की गलतियों का विषलेक्षण कर उन्हें सुधारा जाना चाहिए. आन्दोलन संचालन हेतु प्रमुख रणनीतिकार के रूप में मुझसे बहूत बड़ी बड़ी गलतिया हुई हैं. और शायद मेरी ही कुछ बड़ी गलतियों के कारण हमें अभी तक नियुक्ति नहीं मिली हैं और इसकी समस्त जिम्मेदारी मेरी हैं. और भविष्य में इनकी पुर्न्राव्रत्ति ना हो इसके लिए इन गलतियों का विषलेक्षण किया जाना चाहिए.

गलतिया :-

  • आन्दोलन का विकेन्द्रीयकरण :- इस आन्दोलन हेतु जयपुर में सरकार से सिर्फ 40 के धरने की अनुमति ही प्राप्त की जा सकी. जिस से धरना व आन्दोलन जयपुर में केन्द्रित होने की अपेक्षा जिलो व ब्लाक स्तर पर विकेन्द्रित हो गया.
  • जयपुर आन्दोलन का कमजोर होना :- इस आन्दोलन के नतीजे सिर्फ और सिर्फ जयपुर में किये जाने वाले क्रिया कलापों से ही प्राप्त होने थे परन्तु जयपुर का आन्दोलन इतना मजबूत नहीं था की कोई स्पस्ट नतीजा दे सके. इसके विभिन्न कारण थे.
  • जयपुर धरने के लिए बैकअप ना होना :- जयपुर धरने की सबसे बड़ी लाचारी यह रही की जितने लोग शुरू में जयपुर धरने पर आये मुख्यतः वे ही अन्तिम दिन तक जयपुर धरने का हिस्सा बने रहे. बार बार बुलाने पर भी कोई जयपुर नहीं आया.
  • गुटबाजी :- बहुत कम लोगो को ही इस बात की जानकारी हैं की इस बार का आन्दोलन विशेष रूप से जयपुर का आन्दोलन पूर्णतः गुटबाजी से त्रस्त था. एक गुट विशेष के लोगो ने अपने संभाग/जिले/ब्लाक के लोगो को जयपुर से जान बुझ कर दूर रखा. इन लोगो ने जयपुर आन्दोलन में ओपचारिकतावश  मात्र सांकेतिक भुमिका ही निभाई थी. जिसका प्रभाव जयपुर धरने में जिलो की प्रतिभागिता, जयपुर धरना स्थल पर रात्रि विश्राम, धरना स्थल के रख रखाव सम्बन्धी क्रिया कलाप, स्वयं की सहमति से आन्दोलन समाप्ति के बाद भी दोषारोपण  व वित्तीय प्रबंधन में पूर्ण रूप से देखा गया.
  • वित्तीय प्रबंध (जयपुर) :- सभी जिलो में धरना होने के कारण जयपुर को अपने स्तर पर वित्तीय प्रबंध करने थे. परन्तु जयपुर के हालात बहुत कमजोर होने से जयपुर अपने स्तर पर वित्तीय प्रबंध नहीं कर सका. जिसकी सारी जिम्मेदारी यूनियन के ऊपर आ गयी. ऐसे में यूनियन ने प्रदेश एक सभी जिलो से वित्तीय सहायत की मांग की. ऐसे में एक गुट विशेष के सभी जिले पीछे हट गए. और जो शेष रहे उनकी मदद से जयपुर में आन्दोलन को जारी रखा गया.

प्रस्तावित सुधार :-

  • आन्दोलन का केन्द्रीयकरण :- इस बार इस आन्दोलन को पूर्णतः जयपुर में ही केन्द्रित किया जाना चाहिए. यदि कम लोगो की अनुमति भी मिले तो भी बारी बारी से संभाग/जिले द्वारा जयपुर में आन्दोलन का संचालन किया जाये. इसके अभ्यास के लिए अभी से ही संभाग/जिले वार हर सप्ताह जयपुर आ कर क्रिया कलापों का संचालन जाना चाहिए.
  • जयपुर आन्दोलन को मजबुती :- जिला स्तर के  ऐसे सभी क्रिया कलापों को नहीं करना चाहिए जिसमे सभी लोगो का भाग लेना जरूरी हो व जिसके लिए वित्तीय प्रबंध किये जाये जैसे धरना आदि. जिला स्तर पर मात्र कुछ लोगो द्वारा ज्ञापन आदि जैसे कार्यो का संपादन ही किया जाना चाहिए. इस प्रकार बहूत सारे लोगो को एक साथ अलग अलग जगह व्यस्त रखने से अच्छा हैं की बारी बारी से सभी जिले/संभाग जयपुर में आन्दोलन का संचालन करे.
  • जयपुर आन्दोलन के लिए बैकअप :- यदि जिला/ब्लाक स्तर पर धरने का आयोजन नहीं किया जाये तो बारी बारी से सभी जिले/संभाग जयपुर के आन्दोलन को बैकअप दे सकेंगे और इस प्रकार जयपुर का आन्दोलन कभी भी कमजोर नहीं पड़ सकता.
  • गुटबाजी :- गुटबाजी का मुख्य कारण होता हैं स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करना एवं गुटबाजी का मुख्य उद्देश्य होता हैं दुसरे को निचा साबित करना. यदि दो गुटों को एक साथ काम करने को मजबूर किया जाये तो वे दोनों गुट ही पूरे आन्दोलन को खोखला कर देते हैं. इसके लिए एक कार्य किया जा सकता हैं. की या दोनों गुटों को एक साथ बैठ कर काम ही ना करने दिया जाये. अर्थात एक पूरे कार्य की आंशिक जिम्मेदारी दोनों गुटों को देने से अच्छा हैं की किसी आंशिक कार्य की पूर्ण जिम्मेदारी ही गुट को दे दि जाये. इसका समाधान भी संभाग/जिला स्तर पर जयपुर के आन्दोलन का पूर्ण संचालन द्वारा किया जा सकता हैं.
  • वित्तीय प्रबंध (जयपुर) :- जयपुर आन्दोलन के दौरान यह सिद्ध हो चुका हैं की क्रिया कलापों का वित्तीय प्रबंध मात्र जयपुर से नहीं किया जा सकता हैं और गुटबाजी के चलते प्रदेश के सभी जिले जयपुर के लिए वित्तीय प्रबंध भी नहीं करेंगे. तो इसका यही उपाय हैं की जो जिला/संभाग जिस समय जयपुर के आन्दोलन का संचालन करेगा उस समय के संचालन व समस्त वित्तीय प्रबंध उन्हें ही करने होंगे. इस प्रकार सभी जिलो, संभागो व गुटों को अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने का पूरा पूरा मौका मिलेगा.

जयपुर में आन्दोलन व स्ट्राइक के लिए फ्रेशर सबसे ज्यादा उतावले हैं परन्तु स्ट्राइक का फैसला सिर्फ और सिर्फ संविदाकर्मियो को ही लेना हैं. अतः सभी संविदाकर्मियो से अपील हैं की वे इसके सम्बन्ध में www.facebook.com/jagonurses पर अपने विचार रखे. वो लोग भी आन्दोलन के संचालको पर प्रशन उठाते रहते हैं जिन्होंने आन्दोलन के दौरान जयपुर धरना स्थल की शक्ल तक नहीं देखी. तो इस प्रकार के फ़ोकट आलोचकों से विचलित न हो. अपितु आन्दोलन की रुपरेखा हेतु कर्मठ साथियों को इकठ्ठा करे. 


दिनांक 13/06/2014 : सोमवार को मंत्री जी से हुई मुलाक़ात में तुरन्त ही लिस्ट जारी करने के आदेश बनाने के सम्बन्ध में जो बात हुई थी उसका फीडबैक लेने पर पता चला की ऐसा कोई आदेश आज दिनांक तक नहीं बनाया गया हैं.

जबकि सोमवार को जितनी तत्परता से क्रिया कलाप हुए उस से तो यही लगता था की मंगलवार तक लिस्ट जारी करने सम्बन्धी आदेश जारी कर दिए जायेंगे. परन्तु इस बार फिर से हर बार की तरह वही हुआ. जयपुर से वापस आने के बाद जयपुर स्वास्थ्य भवन या निदेशालय में कोई काम हुआ हो ऐसी जानकारी प्राप्त नहीं हुई हैं. सभी लोगो से निवेदन हैं की बहुत ज्यादा आशावादी ना बने. जब तक लिस्ट जारी नहीं हो जाती स्वयं को संघर्ष हेतु तत्पर रखे. और प्रत्येक बार बुलाये जाने पर जयपुर आये. इस भर्ती का परिणाम जयपुर के संघर्ष से ही प्राप्त होगा.


दिनांक 12/06/2014 :                    20 जून से सरकार बीकानेर में : बीकानेर संभाग के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी  

जैसा की आप सभी साथियों को पता हैं की सरकार 20 जून से बीकानेर संभाग में होगी. इस दौरान बीकानेर संभाग के संविदा कर्मचारियों व फ्रेशर पर स्वतः ही अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी. अतः निम्न कार्यकारिणीयो में शामिल महानुभावो से निवेदन है की आपस में मिल कर या वार्ता कर के तुरंत ही अपनी रणनीति तैयार करे.

बीकानेर संभाग -

बीकानेर की जिला कार्यकारिणी

चुरू की जिला कार्यकारिणी (चिकित्सा मंत्री जी का गृह जिला होने के कारण विशेष ध्यान दे )

हनुमानगढ़ जिला कार्यकारिणी

गंगानगर की जिला कार्यकारिणी

बीकानेर मेडिकल कॉलेज की जिला कार्यकारिणी


दिनांक 10/06/2014 :                           कल की मीटिंग : एक उम्मीद भरा दिन  

बहुत दिनों तक इन्तजार करने के बाद भी जब संघर्ष करने के लिए कोई आगे नहीं आया तब कल दिनांक 09/06/2014 को राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन, संविदा नर्सेज मेडिकल कॉलेज, जयपुर व बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन की अग्रिम पंक्ति के संघर्षशील लोग देवाराम चौधरी, रमाकांत शर्मा, महेश मीना, अभिनीत भारद्वाज, दीपक मीणा, साजन सियाग, शिवराज चारण, मनीराम चौधरी, मुकेश धाकड़, सीताराम चौधरी, प्रमोद मीणा व अन्य ने जयपुर जा कर चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र सिंह जी राठौर जी व इस भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मुलाक़ात की.

कल सुबह ही सभी लोग चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौर जी के निवास पर इकठ्ठा हुए. जहा पर राजेंद्र सिंह जी राठौर साहब ने जैसे ही बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन के महेश मीना को देखा तो वे भड़क गए (महेश मीना ने उनके साथ कोई गलत सुलूक नहीं किया पर उनके रोज रोज आने से भी मंत्री जी नाराज हो गए थे परन्तु उनका रोज जाना भी बहूत जरूरी था) . उन्होंने किसी भी प्रकार की बातचीत करने से मना कर दिया. जिस से सभी लोगो में निराश हो गए. जिसके तुरंत बाद अभिनीत भारद्वाज व देवाराम चौधरी जी ने उनसे विनम्र निवेदन किया की आपके कहने से हमने स्ट्राइक तोड़ी थी. और हम यह जानने आये हैं की लिस्ट जारी करने के आपके वायदे को आप कब तक पूरा कर पाएंगे. जिसके जवाब में मंत्री जी ने भी विनम्र शब्दों का प्रयोग किया और कहा की अभी स्वास्थ्य भवन में एक मीटिंग हैं आप लोग भी 2 बजे स्वास्थ्य भवन में आ जाये जैसे ही मीटिंग ख़त्म होगी अपन लोग वही बैठ कर तसल्ली से बात करेंगे.

जिसके बाद सभी साथीगण स्वास्थ्य भवन व सचिवालय में अपनी भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मिले. जिनसे यही जानकारी प्राप्त हुई की यदि मंत्री जी आदेश बना दे तो तुरंत ही आपकी लिस्ट जारी की जा सकती हैं. इसके बाद मीटिंग के बाद मंत्री जी ने सभी से मुलाक़ात की और बात करते करते उन्होंने नीरज के. पवन जी को बुलवा लिया. नीरज के. पवन जी से उन्होंने कहा की जल्द से जल्द लिस्ट कैसे जारी की जा सकती हैं इस पर नीरज के. पवन जी ने कहा की इसके लिए आपको लिस्ट जारी करने का  आदेश बनाना पड़ेगा तब मंत्री जी ने दीपक उप्रेती जी को भी फोन कर कर वही बुलवा लिया व कहा की आज से ही लिस्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं. इस प्रकार मंत्री जी ने जल्द से जल्द लिस्ट जारी करने के लिए प्रक्रिया शुरू करवाई.

आज तक इस प्रकार के बहुत से आश्वासन हमें मिलते रहे हैं और प्रक्रियाओ में उलझाया गया हैं इसलिए जब तक लिस्ट जारी नहीं हो जाती तब तक हमें संघर्ष प्रक्रिया जारी रखनी होगी.

वे सभी नेतागण महोदय जो अपने अपने घरो व गृह जिलो से बैठे बैठे ही इस आन्दोलन का संचालन कर रहे हैं उन्हें भी अपने घरो से बाहर निकल कर जयपुर तक आना चाहिए. आप चाहे कोई सलाह देना चाहो, कोई आलोचना करना चाहो घर बैठे बहते इन्टरनेट या फ़ोन पर मत करो. यहाँ जयपुर आ कर करो.


दिनांक 07/06/2014 : स्ट्राइक समाप्त होने के कुछ समय बाद से ही यह महसूस किया जाने लगा था की भर्ती से सम्बंधित संघर्ष को आगे बढाने के लिए कुछ नए लोगो को आगे आना होगा. इसलिए आचार संहिता समाप्त होने के बाद जितने भी प्रयास यूनियन द्वारा किये गए उनके बारे में कभी किसी को बताया नहीं गया. इसके पीछे कारण यह था की जब लोगो को लगेगा की इस भर्ती पूरा करने के लिए को भी प्रयास नहीं कर रहा हैं तब कुछ संविदाकर्मी तो इतने गैरतमंद होंगे जो आगे बढ कर जयपुर तक इस आन्दोलन में अग्रणी भुमिका निभाएंगे और ऐसी परिस्थिति में अपना आन्दोलन और भी ज्यादा मजबूत हो जाता. 

परन्तु इस बार फिर से वही हुआ. लोग आगे आते तो हैं पर सिर्फ आलोचना करने, सलाह देने या फिर भर्ती से सम्बंधित खबर लेने. ऐसे में जो लोग थोड़ी बहुत लीडरशिप करते भी हैं तो वो अपने जिलो से बाहर नहीं निकलते हैं जबकि इस आन्दोलन को जयपुर में गति देना ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं.

ऐसे संविदाकर्मी जो जयपुर तक इस आन्दोलन को मजबूत बना सके उन सभी का इन्तजार हैं और जब तक यूनियन को ऐसे लोग नहीं मिल जाते तब तक क्रांतिकारियों की एक मात्र टीम का एक बार फिर से स्वागत हैं.

आचार संहिता के बाद के आन्दोलन के प्रथम चरण में कल सोमवार से सभी जिले के लोग यथासंभव अपने क्षेत्र के विधायको व सांसदों से मुलाक़ात कर उन्हें अपने ही स्तर पर इस भर्ती को पूरा करने हेतु ज्ञापन दे. जिले से योग्य व्यक्ति एक टीम के रूप में कार्य करे व जिन सांसदों व विधायको को ज्ञापन दिया जाये उनका ब्यौरा व ज्ञापन की कॉपी nrhm-rajasthan-union@gmail.com तथा jagonurses@gmail.com पर आवयशक रूप से मेल कर दे.

नोट -

ज्ञापन जिला कलेक्टर, विधायक, सांसद और भाजपा जिला अध्यक्ष को दिया जाये. 

ज्ञापन विधायक, सांसद के अतिरिक्त मुख्यमंत्री महोदय, चिकित्सा मंत्री जी आदि के नाम अनिवार्य रूप से दिए जाये.                


दिनांक 04/06/2014 :                           बहुत हो चुका आराम ............... अब और हरामखोरी नहीं

फरवरी में हुए आन्दोलन से हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ परन्तु इसका यह अर्थ नहीं हैं की हमारा आन्दोलन व्यर्थ रहा. जरूरत हैं तो सिर्फ उस आन्दोलन के परिणाम प्राप्त करने की.

आन्दोलन के समय जो विश्वास हमें दिया गया था. उसके बाद मुख्यमंत्री जी, चिकित्सा मंत्री जी सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकारियो से पूर्व की भांति मजबुत सामंजस्य बना कर इस भर्ती को पूरा करने के प्रयास किये जाने थे.

जिन लोगो के प्रयास के कारण इस भर्ती का प्रारूप तय हुआ. जिन लोगो के प्रयास के कारण हमारी भर्ती प्रक्रिया बनी. जिन लोगो के प्रयास के कारण हमारा वेरिफिकेशन हुआ. जिन लोगो के प्रयास के कारण इस भर्ती को रद्द नहीं किया जाने दिया गया. जिन लोगो के प्रयास के कारण इतने बड़े आन्दोलन का संचालन किया जा सका. जिन लोगो के प्रयास के कारण जयपुर जैसी जगह पर जहा बार बार बुलाये जाने के बाद भी 8200 संविदाकर्मियो में से मात्र 20 कर्मचारी ही 24X7 उपस्थित रहे उस स्थान पर दिन रात लगातार अपने गृह जिले से दूर रह कर आन्दोलन के केंद्र के रूप में संचालन किया जा सका. ऐसे लोगो से मेरा निवेदन हैं की वे जाग्रत हो. बाकी लोग आपको श्रम करते देख कर आपके अथक प्रयासों में कमिया ही निकाल सकते हैं.

भर्ती प्रक्रिया को पुनः जीवित करने के लिए अन्य निकम्मे लोगो को बहुत समय दिया जा चुका हैं परन्तु कोई अन्य व्यक्ति प्रयास करने का इच्छुक ही नहीं हैं. सभी को आदत हैं अपने घर बैठ कर मैच देखने की. और उस पर ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रतिक्रिया देने की.

मैं अपने राज्य के सभी कर्मठ संविदाकर्मियो व फ्रेशर भाइयो से पुनः आग्रह करता हु की वे इस महत्वपूर्ण समय में इस भर्ती को अकर्मण्य लोगो के भरोसे ना छोड़े. मुझे राजस्थान के सभी क्रन्तिकारी संविदाकर्मियो व फ्रेशर से यह पूरी उम्मीद हैं की वे हमें निराश नहीं करेंगे. आप सभी भाई यदि तैयार हो तो आगे की रणनीति पर अमल किया जा सकता हैं.    


दिनांक 12/05/2014 : आज एसएमएस अस्पताल के ऑडिटोरियम में अन्तरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौर जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे. जहा एनआरएचएम कर्मी अजय शर्मा (भीलवाडा) भी पूरे समय उपस्थित थे. चिकित्सा मंत्री जी ने 33 नर्सेज को श्रेष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने भाषण में नर्सेज के योगदान व चिकित्सकीय एवं सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में भी बताया परन्तु उनसे अटकी हुयी भर्तियो के बारे में पूछे जाने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

अपने पूरे भाषण में उन्होंने कही भी अटकी हुयी भर्तियो के संबंध में एक शब्द भी नहीं कहा ......... पूछे जाने पर भी नहीं. तो अब हम इसका क्या अर्थ निकाले ...... क्या मंत्री जी भूल गए की उन्होंने इतने लोगो के बिच एक नर्स बहन से सर पर हाथ रख कर क्या कसम खाई थी. या भाजपा भी कांग्रेस के सामान विकास कार्यो के रूप में मात्र निर्जीव निर्माण कार्यो को ही प्राथमिकता देगी. 

चिकित्सा मंत्री ने दी नर्सिंग निदेशालय की सैद्धांतिक सहमति

Surendra Swami|May 12, 2014, 17:45PM IST
 
चिकित्सा मंत्री ने दी नर्सिंग निदेशालय की सैद्धांतिक सहमति
 
जयपुर। चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार करके राजस्थान प्रदेश लगे बीमारु का कलंक हटाया जाएगा। सुधार के लिए प्रयास तेज कर दिए है। वे सोमवार को एसएमएस अस्पताल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
 
राठौड़ ने नर्सिंग संवर्ग के लिए अलग से स्वास्थ्य निदेशालय खोलने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। उन्होंने राज्य की सरकारी नर्सिंग संस्थानों में इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मापदंडों को पूरे करने के लिए भवन, छात्रावास के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति दी है।
 
इस मौके पर चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ.बी.आर.मीणा, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुभाष नेपालिया, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) दिनेश जांगिड़, एसएमएस अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ.मानप्रकाश शर्मा, राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार जोगेन्दर शर्मा समेत अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

इन्हे मिला राज्य फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड :
चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने नर्सिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय व सराहनीय कार्य के लिए फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड दिया गया। जिसमें स्निग्धा थोमस (जयपुर), देवी सिंह ( चूरू), भैंरु प्रकाश मीणा (बूंदी), अशोक डिन्डोर(डूंगरपुर), अब्दुल जब्बार(चित्तौडगढ), भरत कुमार यादव (बांसवाड़ा), अशोक कुमार शर्मा (झालावाड़), चंद्र प्रकाश शर्मा( बांरा), दिनेश कुमार शर्मा (टोंक), अनिल कुमार अरोड़ा ( गंगानगर), कैलाश चंद्र शर्मा (हिंडोन सिटी), परमेश्वर कुमार (अजमेर), आइदान राम चौधरी (सिरोही), नाना लाल कुमावत ( राजसमंद), मुरलीधर शर्मा (जोधपुर), कौशल्या दैवी( जालौर), गुरुदयाल सैनी( झूंझुनू), नरेश निनामा ( प्रतापगढ़), रविन्द्र जीत सिंह भाटिया (कोटा), मंगलाराम विश्नोई (बाड़मेर), गौरी सक्सेना ( दौसा), अनिता बोई ( हनुमानगढ़), बुलाकी राम सैनी (भरतपुर), निर्मला देवी (सवाईमाधोपुर), फूलवती मीणा (धोलपुर), सरोज स्वामी ( बीकानेर), रमेश चंद्र यादव (सीकर), अफाक अहमद नकवी (जयपुर), रामधन बारठ (जैसलमेर), उत्सव सोमानी ( भीलवाड़ा), नवल किशोर शर्मा (अलवर), भूपेन्द्र शक्तावत (उदयपुर) एवं अचंबा थोमस (पाली)। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


दिनांक 02/05/2014 : राज्य में आचार संहिता में राहत मिलने के साथ ही अब हमें फिर से अपनी अटकी हुई भर्ती को पूरा करने के प्रयास करने होंगे.

> प्रत्येक जिले के ऐसे लोग जो संघर्षशील हैं व जिन्होंने फरवरी के आन्दोलन में सराहनीय योगदान दिया था. उन्हें फिर से इकट्ठा करना होगा.

> ऐसे लोगो से ध्यान हटाना होगा जो अपने गृह जिले या घर में ही बैठे रह कर मोबाइल फोन या इन्टरनेट द्वारा ही आन्दोलन में अपना योगदान देना चाहते हैं.

> पिछले आन्दोलन में अपने घर से दूर जयपुर में दिन रात सड़क पर पड़े रह कर इस आन्दोलन को असली गति देने वाले क्रांतिकारियों को इस बार आगे आ कर नेतृत्व करना होगा.

> सबसे पहले वार्ता का दौर फिर से शुरू करना होगा.

- जिले वार वार्ता में जिले के लोगो को जिले के विधायको, CMHO, जिला कलेक्टर आदि के माध्यम से ज्ञापन देने होंगे.

- प्रदेश स्तरीय वार्ता में मुख्यमंत्री महोदया, प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियो, विधायको, प्रशासनिक अधिकारियो को ज्ञापन देने होंगे.

- हर बार ज्ञापन दे कर इस भर्ती को पूर्ण करने सम्बन्धी मुद्दों को शीघ्रता से निस्तारण करने का आग्रह करने के बाद न्यूज़ पेपर में भी प्रेस नोट दे. प्रिंट मीडिया के अतिरिक्त राष्ट्रिय अथवा प्रादेशिक न्यूज़ चेनल में भी अपनी न्यूज़ देनी होगी.

फिलहाल आन्दोलन में भाग लेने हेतु सक्षम लोगो को उनके पिछले आन्दोलन में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर चयनित किया जा रहा हैं. शीघ्र ही इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा. 


दिनांक 30/04/2014 : आज सुप्रीम कोर्ट में हमारे केस की सुनवाई हुई. परन्तु जैसा की आज तक होता आया हैं आज भी कोर्ट में कुछ नहीं हुआ. और इसी प्रकार आने वाली तारीख पर भी कुछ होने की उम्मीद नहीं हैं. अब जब की आचार संहिता से पर्याप्त राहत मिल चुकी हैं. अब यदि सरकार चाहे तो कुछ हो सकता हैं. परन्तु हमारे प्रयास के बिना सरकार हमें कुछ भी नहीं देगी. इसलिए प्रत्येक वह साथी जिसे लगता हैं की इस आन्दोलन को नए नेतृत्व की जरूरत हैं नई दिशा की जरूरत हैं वो आगे आये.

वे सभी संविदाकर्मी/फ्रेशर जो अपने घरो व जिलो में बैठे रह कर बातें करने के अलावा भी कुछ करना चाहते हैं वे nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर अपना विस्तृत परिचय दे. सरकार से लगातार वार्ता का दौर बनाये रखना होगा अन्यथा सब कुछ हमारे साथ से निकल जायेगा और यह भर्ती सिर्फ ख्वाबो में ही रह जाएगी.  

ITEM NO.85 REGISTRAR COURT.1 SECTION XV

            S U P R E M E   C O U R T   O F   I N D I A
                         RECORD OF PROCEEDINGS

                   BEFORE THE REGISTRAR SANJIV JAIN

Petition(s) for Special Leave to Appeal (Civil) No(s).32008-32009/2013

STATE OF RAJASTHAN & ORS                          Petitioner(s)

                 VERSUS

ARCHANA ETC.                                      Respondent(s)
(With prayer for interim relief and office report)
WITH SLP(C) NO. 3026 of 2014
(With office report)
SLP(C) NO. 33653 of 2013
(With prayer for interim relief and office report)
SLP(C) NO. 34246 of 2013
(With prayer for interim relief and office report)
SLP(C) NO. 39720 of 2013
(With prayer for interim relief and office report)

Date: 21/02/2014  These Petitions were called on for hearing today.


For Petitioner(s)
                        Mr. Shiv Mangal Sharma, Adv.
                        Mr. Akshat Anand, Adv.
                     Ms. Ruchi Kohli,Adv.
                        Mr. S.S. Shamshery, Adv.
                     Mr. Sarad Kumar Singhania, Adv.
                        Ms. Sanjoli Mittal, Adv.
                     Ms. Aishwarya Bhati, Adv.


For Respondent(s)


           UPON hearing counsel the Court made the following
                               O R D E R

SLP(C) No.32008/2013
        Notices issued to both the respondents have not been received  back.
 Fresh steps be taken for service on respondent  Nos.1  and  2  through  the
concerned District Court besides other postal means.
SLP(C) NO. 34246 of 2013
        Respondent No.2 has been served  but  none  has   appeared  nor  any
steps have been taken on his behalf.
Item No.85                              -2-

        Respondent Nos.1, 3 and 4 are yet to  be  served.   Fresh  steps  be
taken for service on the said respondents
through the concerned District Court besides other postal means.
SLP(C) NO. 39720 of 2013
        Respondent Nos.1 to 3 have been served.
        The learned Advocate, Mr. Akshat Anand, appearing on behalf  of  Ms.
Ruchi Kohli, Advocate-on-Record seeks four weeks' time to  file  vakalatnama
and counter affidavit in respect  of  respondent  Nos.1  to  3  -  State  of
Rajasthan. Vakalatnama be filed.  Counter affidavit  be  filed  within  four
weeks thereafter.
        Respondent Nos.4 to 9 are yet to be served.  Fresh  steps  be  taken
for service on the said respondents through  the  concerned  District  Court
besides other postal means.
SLP(C) NO. 33653 of 2013
        The office report indicates that process fee and spare  copies  have
not been filed.  Let it be filed within two weeks.  Notice be issued to  the
respondents thereafter.
SLP(C) NO. 3026 of 2014
        Service report in respect of all the five respondents is awaited.
        List again on 30.4.2014.


|                             |               |(SANJIV JAIN)                    |
|                             |               |REGISTRAR                        |


rd  

दिनांक 17/04/2014 :                     हो गया मतदान ................ अब भर्ती का क्या ????? 

28 फरवरी को सरकार द्वारा भर्ती पूरी किये जाने का आश्वाशन दिए जाने के पश्चात समस्त विभागों के संविदा कर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त की. जिसके बाद आचार संहिता लागू हो गई. इसके काफी समय बाद आज मतदान का दिवस भी आ गया. परन्तु हमारी अटकी हुई भर्ती से सम्बंधित कुछ सवाल हैं जिनका कोई जवाब अभी तक नहीं मिल पा रहा हैं.

> 28 फरवरी को स्ट्राइक टूटने के बाद आज दिनांक तक इस भर्ती को पूरा किये जाने के लिए क्या प्रयास किये गए?

> जिन लोगो ने 28 फरवरी को स्ट्राइक टूटने को उचित ठहराया था उन्होंने स्ट्राइक टूटने के बाद भर्ती पूरी करने के लिए क्या किया?

> जिन लोगो ने स्ट्राइक टूटने का विरोध किया था उन्होंने इस भर्ती को पूरा करने के लिए क्या किया?

> क्या किसी ने भी 28 फरवरी के बाद इस भर्ती के संबंध में किसी अधिकारी से या किसी राजनेता से मुलाक़ात की?

> क्या अब किसी के पास आगे की कार्य योजना हैं. ........ क्या अब "क्या नहीं करना हैं" के स्थान पर "अब क्या करना हैं" के विषय में बात कर सकते हैं.

> मेरा व्यक्तिगत विचार यह हैं की इस आन्दोलन को कुछ ऐसे लोगो की आवश्यकता हैं जो की गुट निरपेक्ष हो या फिर किसी भी गुट के हो, आरोप प्रयारोप के इस दौर में शामिल हो या ना हो, एनआरएचएम में हो या मेडिकल कॉलेज में हो या फिर फ्रेशर हो  .....  जिन्होंने इस आन्दोलन में अपना सर्वस्व दिया हो. ध्यान दे की यहाँ आन्दोलन स्थल से दूर बैठ कर इन्टरनेट पर या फ़ोन पर क्रांतिकारी बातें करने वाले लोगो की बात नहीं की जा रही हैं बल्कि उन लोगो की बातें की जा रही हैं जिन्होंने सशरीर उपस्थित हो कर आन्दोलन में अपना योगदान दिया था.

> वे लोग जो आन्दोलन के दौरान धरना स्थल पर अधिकतम रात को रुके हो, बुलाये जाने पर जयपुर आये हो, जिन्होंने रक्त दान किया हो. अधिकतम समय धरना स्थल पर उपस्थित रहे हो, धरने की व्यवस्था सँभालने में विशेष योगदान दिया हो. ......... ऐसे लोगो को अकर्मण्य लोगो से अलग रख कर अधिकारियो व नेताओ से लगातार संवाद स्थापित कर कर भर्ती को पूरा कराया जा सकता हैं.

> मैं माणिक मुखर्जी आप सभी से ऐसे कर्मण्य लोगो की जानकारी चाहता हु जिन्होंने कम से कम 80% दिनों तक धरना स्थल पर उपस्थित रह कर इस आन्दोलन में अपना अमूल्य योगदान दिया. ऐसे जिम्मेदार लोगो के साथ मिल कर इस भर्ती को पूरा करने के प्रयास किये जायेंगे जो संविदाकर्मियो के दोनों गुटों की राजनैतिक गतिविधियों से अलग रह कर अपना आन्दोलन चला सके. अपने जिले के ऐसे लोगो की सूचि nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर मेल करे. 


दिनांक 16/04/2014 :                      कल दिनांक 17/04/2014, मतदान का दिन 

कांग्रेस - कांग्रेस के पास हमें परमानेंट करने के लिए पर्याप्त समय व संसाधन थे. परन्तु हमारे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झूठ बोलने की व धोखा देने की सभी हदे पार कर दी. जिन लोगो को जानकारी नहीं हैं उनकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे की हमारी वेकेंसी के कोर्ट केस की सुनवाई से तुरंत पहले अशोक गहलोत जी की अनुकम्पा से एक वरिष्ठ न्यायाधीश महोदय का स्थानांतरण उच्च न्यायालय, जोधपुर किया गया. हमारी भर्ती से सम्बंधित केस की सुनवाई भी उन्ही से कराई गयी. अशोक गहलोत साहब के काफी करीबी रहे इन न्यायाधीश महोदय ने इस भर्ती को विकट परिस्थितियो में उलझा दिया. जिससे यह वेकेंसी आज तक अटकी ही हुई हैं. निवेदन हैं की कांग्रेस को वोट दे कर देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करे.

भाजपा - भाजपा के पास भी हमारी भर्ती को पूरा करने का पर्याप्त समय था. भाजपा ने अपनी घोषणाओ के अनुरूप कोई भी कार्य नहीं किया इस से सिद्ध होता हैं की भाजपा भी मात्र सत्ता के लालच के लिए ही घोषणाए करती हैं. यथार्थ में इनके क्रिया कलाप का इनकी घोषणाओ से कोई लेना देना नहीं हैं. ठीक इसी प्रकार देश के प्रधानमंत्री पद के सबसे सशक्त प्रचारित उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी जी से भी लोगो ने कई काल्पनिक उम्मीदे लगा रखी हैं जिनके पीछे किसी भी प्रकार की वास्तविकता नहीं हैं.

आप - आम आदमी पार्टी को वोट देने या ना देने से शायद देश को कोई फर्क पड़े पर इतना कन्फर्म हैं की हमारी भर्ती पर कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला हैं. आम आदमी पार्टी ने सच में बहूत तेजी से प्रसिद्धि पाई हैं. और मुझे ऐसा लगता भी हैं की हो सकता हैं की आने वाले समय में यह पार्टी कांग्रेस व भाजपा के लिए एक बड़ी चुनोती पेश करेगी. परन्तु फिलहाल आप के पास भी हमारी अटकी हुई भर्ती को सुलझाने का विकल्प नहीं हैं.

निष्कर्ष - इस समय हमारी भर्ती भाजपा के हाथ में हैं. हमारा भला या बूरा जो भी होगा भाजपा के द्वारा ही होगा. परन्तु मन में एक संशय यह भी हैं की यदि भाजपा को यह भर्ती पूरी करनी ही होती तो वो हल हालत में लोकसभा चुनाव से पहले ही इस भर्ती को पूरा कर चुकी होती. कम से कम नर्सेज की भर्ती पूरा करने का आसान विकल्प तो भाजपा के पास था. ................ चुनाव चाहे कोई भी जीते पर अपनी भर्ती तो भगवान् भरोसे ही हैं.


दिनांक 16/04/2014 :          नर्स ग्रेड (द्वतीय) मामले में सरकार को प्रतिवेदन दे : हाई कोर्ट

हाई कोर्ट ने नर्स ग्रेड (द्वतीय) भर्ती 2013 में आरक्षित वर्ग को दोहरे आरक्षण लाभ सहित बोनस अंक के लिए अनुभव गणना की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2013 तय करने के मामले में सरकार को प्रार्थियो के प्रतिवेदन का निपटारा तीन महीने में तय करने के निर्देश दिए थे. न्यायाधीश मोहम्मद रफ़ीक ने यह आदेश हेमंत कुमार व अन्य की याचिका पर दिया. अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया की प्रार्थी 12 जुलाई 2010 को एनआरएचएम स्कीम में संविदा पर जीएनएम नियुक्त हुआ. सरकार ने इन्हें नियमित करने के लिए 26 जुलाई 2013 को नर्स ग्रेड (द्वतीय) के 15,773 पदों की भर्ती निकाली. चिकित्सा विभाग ने बोनस अंक में अनुभव की गणना के लिए अंतिम तिथि 28 फरवरी 2013 तय की. ऐसे में जब भर्ती प्रक्रिया लंबित हैं तो अंतिम तिथि तय करना गलत हैं. इससे अभ्यार्थियों के अनुभव की गणना सही नहीं होगी.

 

Date of query : 16/4/2014 Time : 8:23:07 PM
CW'4144' of 2014 - R 9851/2014
Petitioner : SUDHIR KUMAR SHARMA AND ORS
Respondent: STATE (MEDICAL AND HEALTH)ANR
Petitioner Advocate: PRADEEP MALIK G SHARMA
Respondent Advocate:  
Class Code : 0516 Registered on : 10/4/2014
Bench : SB Stage :
Listed in court No. 5 on 16/04/2014

Department Details

Dept Type Dept Code Dept Name
S 52 Medical and Health

 निम्न लोगो को जोइनिंग दिनांक के आधार पर 2 साल का ही बोनस मिला हैं इन्होने मिल कर यह यह केस दायर किया की इनके अनुभव की गणना अंतिम काउंसलिंग की दिनांक यानी 26 अगस्त 2013 तक की जाए. इस  केस से वे लोग ही लाभान्वित हो पाएंगे जिन्होंने यह केस दायर किया हैं.   

S.

C.NO.

APP. I.D.

CAT.

NAME

FATEHER  NAME

 

D.O.B

PARMANENT ADDRESS

POSTING PALCE

MOBILE NO.

EXP. ON DATE 27/02/2013

1

1241

06020013187

OBC

SITA RAM CHOUDHARY

BHANWAR LAL CHOUDHARY

 

16-04-82

A-10 KIRTI NAGAR BEHIND DEV NAGAR TONK ROAD JAIPUR-32018

S/C-DELWA PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9680828128

02-06-28

2

1186

06020016858

GEN

SUDHIR KUMAR SHARMA

DHARMENDRA KUMAR SHARMA

01-10-84

BRAHMANO KA MOHAKKA,VILL-AAMLODA,TEH-SHAHPURA.POST-DHAWALI DISST-JAIPUR-303806

S/C- JAISALASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9785074290

02-07-05

3

1148

06020016463

GEN

YUVRAJ SHARMA

OMPRAKASH SHARM

 

 

10-07-80

VPO-BHOJPURA KALAN VIA-JOBNER,TEH-PHULERA,DIST-JAIPUR-303328

S/C-LALASAR PHC-TOLIASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9983663555

02-07-00

4

1731

06020021089

GEN

AJAY KUMAR SHARMA

KAILASH CHANDRA SHARMA

20-08-80

MAIN MARKET,VILL-JATWARA,TEH-BASSI,DIST-JAIPUR-303305

S/C-BHINJHASAR PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

8094630009

02-07-02

5

4350

06020035382

OBC

HEMANT SAHU

BABU LAL SAHU

06-07-81

NEAR MIDDLE SCHOOL LAXMANGARH,TEH-LAXMANGARH,DIST-ALWAR-321607

S/C-JAJOTA PHC-BHADDUN,BLOCK-KISHANGARH  DIST-AJMER

8058862287

02-07-01

6

2635

06020021991

OBC

JITENDRA KUMAR

ATTAR SINGH YADAV

11-10-78

VILL-JAITPUR,POST-PARTAPUR,TEH-NEEMRANA,DIST-ALWAR-301704

S/C-KHAJPURAPHC-BHADDUN,CHC-KISHANGARH  DIST-AJMER

9413844623

02-06-29

7

1722

06020016556

OBC

SAHENDRA SINGH YADAV

MADA RAM YADAV

20-01-76

VILL-KALYANPURA,POST-KAMKAR DOPA,TEH-BEHROR,DIST-ALWAR-301701

S/C-KHANDACH PHC-HARMADA,CHC-KISHANGARH  DIST-AJMER

9950550626

02-07-00

8

7651

06020025786

OBC

PREM KUMARI BAGARIA

RAM SINGH BAGARIA

01-03-1981

WARD NO.1 KISHANGARH RENWAL,TEH-PHULERA,DIST-JAIPUR-303603

S/C-SATLERA,PHC-BIGGA,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9602930950

02-06-28

9

1838

06020021952

GEN

RISHI RAJ SINGH

RAM SINGH

25-08-80

VILL-TOLAWAS,POST-BAMANWAS KANKAR,TEH-THANAGAZI,DIST-ALWAR-301024

S/C-BUDIYA WAS PHC-NANGALWARI,CHC-THANAGAZI DIST-ALWAR

9672248151

02-07-03

10

2201

06020025107

GEN

SUMIT KUMAR

SUBHASH CHAND

25-07-83

VILL &,POST-MOTHUKA,TEH-KISHANGARAH BASS,DIST-ALWAR,301405

S/C-KEHRANI PHC-BHIWADI,BLOCK-TIJARA  DIST-ALWAR

9667827579

02-07-09

11

2129

06020019026

OBC

REWANT RAM SAHU

MEGHA  RAM SAHU

30-01-78

VILLKUNTA SAR,POST-SRIDUNGARGARH,TEH-SRIDUNGARGARH,DIST-BIKANER-331803

S/C-LODERA,PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

8848093577

02-06-11

12

1028

06020022773

GEN

ANJANA PAREEK

RAMESH CHAND PAREEK

01-12-85

VILL-ATABARA,POST-SOJAT CITY,TEH-SOJAT CITY,DIST-PALI-306104

CHC-SOJAT CITY  DIST-PALI

941322517

02-07-12

13

1941

06020022831

GEN

AVINASH CHANDRA SHARMA

PRAKASH CHANDRA SHARMA

06-07-79

SHEETAL MANDIR KE PASS,POST-KARULI,TEH-KARULI,DIST-KARULI-322241

CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9929006105

02-07-02

14

1496

06020015019

OBC

SUBHASH CHAND MEHTA

HANUMAN SINGH YADAV

04-08-79

DHANI-BHOMSING WALI VILL-MAHRUMPUR RAJPUT,POST-MOHANPURA,TEH-KOTPUTLI,DIST-JAIPUR-303108

S/C-AMRITWASI PHC-BIGGA,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9982051661

02-07-06

15

1337

06020017918

GEN

SHEKH AYAZ MOHAMMAD

JAMIL MOHAMMAD

27-04-1984

VILL-IMAM SAGAR JAIL ROAD,POST-JHALAWAR,TEH-JHALRAPATAN,DIST-JHALAWAR-326001

CHC-JHALRAPATAN DIST-JHALAWAR

9785714714

02-07-10

16

918

06020014277

GEN

SANJAY TIWARI

SURESH CHANDRA TIWARI

30-11-1983

64,MAHAVEER NAGAR 1 st DURGAPUR,TONK ROAD ,DIST-JAIPUR-302018

PHC-BILWA,CHC-SANGANER DIST-JAIPUR

9251631329

02-07-10

17

1929

06020017778

OBC

JAI PRAKASH SAINI

GOVIND RAM SAINI

07-08-1979

PUROHIT JI KI DHANI,NEAR THE WATER TANK,WARD NO.37,DIST-SIKAR-332001

S/C-MANKARASAR PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9799525577

02-06-28

18

4965

06020041419

OBC

MAHENDRA BHUKAR

RAMLAL BHUKAR

04-12-1981

BALRAM NAGAR WARD NO.36,BEHIND OF POLICE LINE,DIST-SIKAR-332001

,CHC-KUDALDIST-SIKAR

9772166000

02-07-11

19

2608

06020021854

OBC

GHANSHYAM SWAMI

PURAN MAL SWAMI

02-05-83

VILL-DUNGA KA BAS,POST-KOLAHERA,TEH-THANAGAZI,DIST-ALWAR-301024

S/C-DWARAPUR,PHC-THANAGAZI,DIST-ALWAR

7665713513

02-07-10

20

3362

06020026921

OBC

RAMJAN MOHAMMED PINJARA

MUBARIK HUSSAIN

20-09-85

NEAR MAJSIDVILL-BHALTA,POST-BHALTA,TEH-AKLERA,DIST-JHALAWAR-326039

S/C-BORAKADI GUJRAN PHC-BHALTA,CHC-BAKANI  DIST-JHALAWAR

963667102

02-07-09

21

3134

06020025374

OBC

TEJPAL PATEL

MANI LAL PATEL

19-09-85

VILL-KALAL MOHLA,POST-KHAMERA,TEH-GHATOL/KHAMERA,DIST-BANSWARA-127027

S/C-MANDVADA,CHC-PINDWARA  DIST-SIROHI

9982590121

02-06-25

22

1270

06020013396

OBC

NITESH KUMAR SUMAN

BHAIRU LAL SUMAN

10-06-78

75,DHAKAR MOHALLA,DUNGERPURTEH-SANGOD,DIST-KOTA-325807

S/C-AMRIT KUWA PHC-KUNDANPUR,CHC-SANGOD  DIST-KOTA

8107496460

02-06-27                                              

23

1302

06020013641

OBC

PANKAJ SAINI

BHAIRAV PRAKASH

06-06-83

3-B-16 DADABARI EXT.,,DIST-KOTA-324009

S/C-GARDANA PHC-BALUHERA,CHC-SANGOD  DIST-KOTA

9928755080

02-06-27

24

844

06020013368

GEN

ARVIND KUMAR PARASAR

KAILASH CHAND PARASHAR

12-02-80

HOUSE NO.1219 CHOPRA FARM GALI NO.5 DADWARA KOTA JUNCTION,DIST-KOTA-324002

S/C-MANDAP PHC-KUNDANPUR,CHC-SANGOD  DIST-KOTA

9214304015

02-06-26

25

2285

06020026128

GEN

HIRENDRA GOUTAM

SATYA NARAYAN GOUTAM

10-08-80

VILL-GUJARO KA MOHALLA,PHOLAI,POST-PHOLAI,TEH-KESHAV RAI PATAN,DIST-BUNDI-323803

S/C-CHARANDA KHURD,PHC-SUMERGANJ MANDI,CHC-KAPREN  DIST-BUNDI

9829818787

02-07-12

26

1749

06020021272

GEN

NAVNEET KUMAR SHARMA

RAMGOPAL SHARMA

23-06-80

VILL-JALWAS VIA KARWAR,,TEH-NAINWAS,DIST-BUNDI-301024

S/C- CHOTRA KA KHEDAPHC-JALI JI KA BARANA,CHC-KAPERAN  DIST-BUNDI

9460175674

02-07-13

27

1288

06020013583

OBC

RAJESH  YADAV

RAMJI LAL YADAV

06-12-84

VILL-BICHPURI,POST & THE.-BEEJWAR NARUKA,,DIST-ALWAR-301406

 PHC-BAGSURI,CHC- PISANGAN DIST-AJMER

8696156207

02-07-10

28

1295

06020013615

OBC

RAJESH KUMAR

VISHMABHAR AHIR

10-07-80

VILL-,PATAN AHIR POST&,TEH-KOTKASIM,NANGAL SALIYA,DIST-ALWAR-301712

S/C-BHAWANI KHERA PHC-BAGSURI,CHC-  PISANGAN,DIST-AJMER

9166057592

02-07-08

29

2327

06020020158

OBC

PAWANENDRA KUMAR

KIRORI MAK

15-07-83

VILL-MAINPUR,POST-BASS MAINPUR,TEH-MUNDAWAR,DISTALWAR--301407

PHC-FATEHGARH,CHC-ARAIN  DIST-AJMER

9166282528

02-06-18

30

2876

06020023624

OBC

LAXMI NARAYAN KUMAWAT

BADRI LAL KUMAWAT

04-01-1985

VILL-RATHANJANA,POST-RATHANJANA,TEH-PRATAPGARH,DIST-PRATAPGARH-312623

S/CKAJLIKHEDA PHC-BARADIA,BLOCK-PRATAPGARH DIST-PRATAPGARH

9929257568

02-06-28

31

2621

06020021919

OBC

BABU LAL CHARAN

KANHYA LAL CHARAN

12-06-82

PATWAR GHAR KE PASS,VILL-GARWARA VIA BAKANI,,TEH-JHALRAPATAN,DIST-JHALAWAR-326022

S/C-THODIYA KHURD CHC-BAKANI, DIST-JHALAWAR

9983885747

02-07-08

32

1417

06020018466

GEN

SUJIT KUMAR LODHA

SAMPAT SINGH LODHA

01-11-1985

252 SADAR BAZAR,BISHNIYA,VILL-BISHNIYA,TEH-KOTRI ,DIST-BHILWARA-311702

S/C-DANTRA PHC-BISNIYA,CHCKOTRI-  DIST-BHILWARA

8502064913

02-07-05

33

851

06020009743

OBC

MAHENDRA KUMAR

KANARAM

01-07-80

HOUSE NO.24 B JOSHIYON KA BASS,VILL-KHOKHERA,TEH-SOJAT CITY,DIST-PALI-301024

S/C- JINAARDI,PHC-KANTALIYA,CHC-  KHARCHIDIST-PALI

9928270596

02-06-00

34

2483

06020028413

GEN

YOGESH SHARMA

PRAHLAD DUTT SHARMA

12-06-87

VILL-TITPURI,POST-TITPURI,TEH-KATHMAR,DIST-ALWAR-321605

S/C-SALWARI PHC-KALWARI,BLOCK-KHERLI  DIST-ALWAR

9799361110

02-07-10

35

2822

06020023290

OBC

DEMA RAM CHOUDHARY

HAPPA RAM

20-07-77

VILL-VERA NAVTARR,VIA-,POST-PARLU,TEH-PACHPADRA,DIST-BARMER-344027

S/C-SATTO,PHC-MAYAJLOR,DIST-JAISALMER

7568681850

02-07-02

36

3820

06020030518

OBC

ANDA RAM

NENA RAM

07-07-82

37,BERA BHADARAWAVILL-KHAKHARLAL,,POST-MELI,TEH-SIWANA,DIST-BARMER-344044

S/C-PHALSOOND BLOCK-POKHRAN  DIST-JASALMER

9001424225

02-07-04

37

1866

06020022228

GEN

RATAN SINGH NARUKA

HARI SINGH

26-06-77

VILL-MOKLEHERI,POST-GANDURA,TEH-LAXMANGARH,DIST-ALWAR-301021

S/C-GHAT PHC-BARODA MEO,BLOCK-LAXMANGARH-  DIST-ALWAR

7742834946

02-07-11

38

935

06020021115

GEN

REKHA JAIMINI

DAYA KRISHAN

27-06-85

NEAR WATER TANK SUMERGANJ MANDI,POST-INDERGARH,TEH-,INDERGARHDIST-BUNDI-323614

CHC- LAKHERI BLOCK-KAPREN.DIST-BUNDI

9887597131

02-07-11

39

1805

06020021760

GEN

PRADEEP KUMAR JOSHI

KAILASH CHANDRA JOSHI

28-09-82

10,NEAR PATWAR GHAR JOSI MOHALLA,TEH-JHALRAPATAN,DIST-JHALAWAR-326022

CHC-BAKANI  DIST-JHALAWAR

9414570946

02-07-09

 


दिनांक 06/04/2014 :                 कोर्ट केस के संबंध में महत्वपुर्ण तथ्य

SLP (Civil) 32008-32009 /2013 स्टेट ऑफ़ राजस्थान एवं अन्य बनाम अर्चना व अन्य में सरकार की और से रूचि कोहली इस केस की पैरवी कर रही हैं. जबकि अर्चना की और से आज तक कोई भी वकील पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं पंहुचा हैं. ठीक इसी प्रकार स्टेट ऑफ़ राजस्थान एवं अन्य बनाम महेंद्र कुमार व अन्य के केस में भी महेंद्र कुमार की पैरवी करने के लिए कोई भी वकील उपस्थित नहीं हो रहे हैं जिस कारण सुप्रीम कोर्ट की और से इस केस का नतीजा नहीं आ पा रहा हैं और हमारी भर्ती पूरी नहीं हो पा रही हैं.

सभी साथियों से अनुरोध हैं की यदि आप में से किसी को अर्चना या महेंद्र कुमार की जानकारी हो तो कृपया कर यह महत्वपुर्ण जानकारी उपलब्ध कराये. जिस से उन दोनों से मिल कर उनकी राय ली जा सके व इस केस की अग्रिम तारीख 30 अप्रेल 2014 को इस केस का निस्तारण करवाया जा सके. यदि ऐसा होना संभव होता हैं तो इस केस के निस्तारण के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को इस भर्ती को शीघ्र ही पूरा किये जाने के संबंध में नोटिस भी जारी करवाया जा सकता हैं.  

अर्चना व महेंद्र कुमार के संबंध में शीघ्र ही 9828438990 पर जानकारी देने का प्रयत्न करे. इसके साथ ही nrhm.rajasthan.union@gmail.com व jagonurses@gmail.com पर भी सुचना उपलब्ध करवाने का प्रयत्न करे. 


दिनांक 22/03/2014 :                    इतना सन्नाटा क्यों हैं भाई ...........

स्ट्राइक करने का मकसद अभी भी अधुरा हैं और जब तक यह पूरा नहीं हो जाता मन्त्रियों व अधिकारियो से वार्ता का क्रम टूटना नहीं चाहिए. परन्तु जब से स्ट्राइक टूटी हैं कोई ख़ास हलचल नहीं हो रही हैं. और जब से आचार संहिता लगी हैं तब से तो जैसे सन्नाटा ही छा गया हैं. सभी नेता व अधिकारी भी यही चाहते हैं की कोई भी कर्मचारी उन्हें तंग ना करे. आप सभी को अच्छी तरह से याद होगा की जब तक हम अपनी फाइल का पीछा करते हैं सिर्फ तभी तक हमारी फाइल चलायमान रहती हैं और जैसे ही हम चुपचाप बैठते हैं तो फाइल की चाल भी रूक जाती हैं.

तो सभी साथियों से निवेदन हैं की चाहे हमें नतीजा कुछ भी मिले हमे अपने प्रयासों को विराम नहीं देना चाहिए. कोशिश करते रहना होगा. और एक ख़ास बात आज कल सोशल मीडिया पर कुछ फ्रेशर यूनियन भी अपना अस्तित्व दर्शा रही हैं. हो सकता हैं की आचार संहिता में हम संविदाकर्मियो पर कुछ बन्दिशे लग जाती हो पर फ्रेशर के लिए तो ऐसी कोई भी मजबूरी नहीं हैं. तो यदि संविदाकर्मी कुछ भी नहीं कर सकते तो उन्हें इस भर्ती को पूरा कराने की लिए फ्रेशर यूनियन का भरपूर साथ देना चाहिए.


दिनांक 21/03/2014 :                                स्ट्राइक तो टूटी ............... पर हम क्यों टूटे.

यदि आप के परिवार पर या आप के परिवार के प्रतिष्ठित व्यक्ति पर कोई बहूत ही गलत आरोप लगा दे. तो आप क्या करेंगे. ........ क्या आप उस आरोप को स्वीकार कर लेंगे. या उसकी सफाई देंगे. जाहिर तौर पर आप सफाई ही देंगे और प्रत्येक वह व्यक्ति जिस पर गलत आरोप लगाये जाते हैं उसके पास यह अधिकार हैं की वह अपनी सफाई दे. भले ही सभी को उस पर पूरा भरोसा हो.

कितने संगठन थे जिन्होंने समान परिस्थितियों में समान मौखिक आश्वासन पर स्ट्राइक तोड़ी.

नर्सेज

नरेगा

फार्मासिस्ट

लैब सहायक

आयुष चिकित्सक

आयुष नर्सेज

कंप्यूटर ऑपरेटर

                        तो क्या सभी संगठनो के शीर्ष नेतृत्व ने कुछ गलत किया. इतना बड़ा फैसला बगैर सोचे समझे ही ले लिए होगा. और यदि सभी ने एक जैसा फैसला लिया सभी सदस्यों की सर्व सम्मति से ही स्ट्राइक तोड़ी गयी तो सिर्फ नर्सेज के शीर्ष नेतृत्व में शामिल 7 लोगो में से सिर्फ एक पर ही ऐसे फिजूल के आरोप क्यों लगे.

आज इस आरोप के प्रमुख सूत्रधार अजय मेहरा (कोटा) नाम के व्यक्ति के बारे जानकारी साझा करते हैं. इस व्यक्ति की एक ही खासियत हैं. की झूठ बोलने में ना तो इसकी जुबान लडखडाती हैं और ना ही इसे झूठ बोलने में किसी प्रकार की शर्म महसूस होती हैं.

स्वयं को बहूत बड़ा  नेता समझने वाला यह व्यक्ति इस भर्ती को पूरा करने के लिए कुछ नहीं करता बल्कि जो कुछ करता हैं वह मात्र न्यूज़ पेपर में अपने नाम के लिए, संस्था/यूनियन में अपने पद के लिए, मीडिया में आने के लिए ही करता हैं. यह व्यक्ति पुरे वर्ष निष्क्रिय पडा रहता हैं. कितना भी बुलाया जाए किसी मीटिंग में नहीं आता.

  • ना ही ईसने पल्स पोलियो में काली पट्टी बाँधने के प्रोग्राम में किसी भी स्तर पर सक्रीय योगदान दिया.
  • ना ही ईसने एक दिन के सामूहिक अवकाश के प्रोग्राम में किसी भी स्तर पर सहयोग किया.
  • ना ही इस व्यक्ति ने प्रदेश की सामूहिक महारैली के प्रोग्राम में किसी भी स्तर पर सक्रीय भूमिका निभाई.
  • ना ही यह व्यक्ति बुलाये जाने पर 8 फरवरी को जयपुर आया जहा पर एनआरएचएम के दोनों गुटों को एक कर के स्ट्राइक की कार्य योजना तय की जानी थी. जबकि इसके लिए तो ख़ास तौर पर इस व्यक्ति ने जयपुर आने के लिए आश्वश्त किया था.
  • और हद तो तब हो गयी जब 12 फरवरी को पूरे प्रदेश में स्ट्राइक करने के संबंध में इसने CMHO को लैटर दिए जाने के लिए बुलाये जाने पर इसने 4-5 सम्मानीय लोगो का नाम लेकर झूठ कहा की ये लोग तो तैयार ही नहीं हैं. धरना प्रदर्शन कर के क्या करेंगे. तब तुरंत में उन सभी लोगो से फ़ोन पर बात की गयी तब इस झूठे और मक्कार व्यक्ति की पोल खुली की सभी लोग तैयार थे परन्तु यही पीछे हट रहा था. और पीछे हटने का कारण यह था की इन महाशय को स्वयं के संभाग में खुद का नाम सबसे आगे रखना था. इसके बाद इस व्यक्ति से कहा गया की तुम अपने नाम से न्यूज़ पेपर में न्यूज़ लगाओ. अपने नाम को आगे रखो पर जब पूरा जिला/संभाग/प्रदेश स्ट्राइक करने को तैयार हैं तो तुम क्यों पसर रहे हो. इस प्रकार नाम का लालच देने पर व अन्य को पीछे रखने की शर्त पर यह महाशय साथ आने तो तैयार हुए. और बात सिर्फ सभी को साथ रखने की थी अन्यथा यदि इस एक आदमी को छोड़ भी देते तो भी इस आन्दोलन पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता.
  • और आन्दोलन में शामिल होने के बाद भी 24 फरवरी को इन महाशय को जयपुर बुलाया गया परन्तु इन्होने आने के लिए पक्का आश्वाशन देने के बाद भी यह नहीं आए. खैर इनके ना आने से कभी आन्दोलन को कोई फर्क नहीं पड़ा परन्तु बात यह हैं की जब इनको कही आना जाना ही नहीं होता तो झूठ बोलने की जरूरत क्या थी. अपने जिले में रात्रि कालीन धरना बंद कर के आमरण अनशन की घोषणा कर के खुद आमरण अनशन शुरू करने की जगह बिना बिलाए ही अपने एक "विशेष कर्त्तव्य" की पूर्ति के लिए जयपुर आ गया.
  • जब इसे पता चला की आचार संहिता से पहले की आखिरी बैठक सरकार के साथ होने जा रही हैं और यूनियन के सभी सदस्य तात्कालीन परिस्थितियों के मद्देनजर ज्वाइन करने की घोषणा करेंगे. और वह आकर यह व्यक्ति पूरे दिन की हर बैठक में काफी गंभीर सदस्य की भाँती शामिल भी हुआ. स्ट्राइक टूटने के एक दिन पहले ही इसे पता था की अगले दिन स्ट्राइक वापस ले ली जाएगी. परन्तु यह शांत रहा. फिर अगले दिन स्वास्थ्य भवन की वार्ता में कोर ग्रुप का मेम्बर ना होते हुए भी मीडिया के सामने आने के लिए मीटिंग में बैठ गया. जहा से इसे यह कह कर रवाना किया गया की भाई आप कौर ग्रुप में नहीं हो. इसलिए आपको मंत्री जी यहाँ बैठने नहीं देंगे जैसा की हर बार होता आया हैं.

बस इस बात पर ये महोदय भड़क गए और इन्होने वही से अपनी तैयार शुरू कर ली. मीटिंग के समाप्त होते ही जैसे ही स्ट्राइक वापस लेने की घोषणा हुयी ये साहब कहने लगे की सरकार ने देवाराम को बाड़मेर की रिफाइनरी दे दी हैं इसलिए देवाराम ने स्ट्राइक तोड़ दी.

इन महाशय का रिकॉर्ड ही कुछ ऐसा हैं. इन्हें करना धरना कुछ भी नहीं होता और हर बार स्ट्राइक वापस लेने पर ये देवाराम का नाम लेकर उस पर जो इच्छा हो वह आरोप लगा देते हैं.

  • जैसे की इन्होने 2011 की स्ट्राइक की समाप्ति की घोषणा पर कहा था की देवाराम को सरकार ने पेट्रोल पंप दे दिया हैं.
  • 2014 की स्ट्राइक वापस लेते ही बगैर देवाराम से बात हुए ही कह दिया की देवाराम को रिफाइनरी मिल गयी इसलिए स्ट्राइक वापस ले ली गई. इस व्यक्ति को स्वयं की राजनैतिक पहचान बनाने की इतनी महत्वकांक्षा हैं की क्ष्रम कर के, मेहनत कर के, सभी की सामूहिक योजना में भाग ले कर, सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा यह व्यक्ति सिर्फ झूठ और दोषारोपण कर कर ही अपनी राजनीती करना चाहता हैं.
  • इस महाशय ने स्ट्राइक के दौरान जुड़े किसी भी व्हाट्स एप्प ग्रुप पर कभी भी कोई मेसेज नहीं दिया परन्तु जैसे ही स्ट्राइक वापस ली गयी ये अपनी फॉर्म में आ गया और दिन रात लोगो को झूठ बोल बोल कर भड़काने में लगा रहा. 

अजय मेहरा जैसे लोगो की वजह से ही हम संगठित नहीं हो पाते. ऐसे लोगो की वजह से ही सभी को नकारात्मक सन्देश जाता हैं. जब तक हम नियमित नहीं हो जाते संघर्ष जारी रहेगा परन्तु ऐसे लोगो के कारण हमारा संगठित होना बहूत मुश्किल हो जाता हैं. और संघर्ष करना कठिनतम हो जाता हैं. आगे से यदि फिर कोई बड़ा कदम उठाने के लिए सभी को एक जुट होना पड़ा तो ऐसे लोगो का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा. 


दिनांक 16/03/2014 : 

 

 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुll  

सभी के पास खुशिया हैं, सभी के पास रंग हैंl 
मेरे पास संविदा का दंश हैं, परिस्थितिया भी तंग हैंl 
राज्य स्तरीय मेरिट में आकर, सोचा में बच गयाl 
7 साल से जूझ रहा हु, संविदा में ऐसा फस गयाl 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

नियमित होने की उम्मीद, लगभग हर साल आती हैंl
कर के मुझसे छल कपट, फिर लौट जाती हैंl
उनको हैं कुर्सी की चिंता, के चुनाव आने वाले हैंl
घर की व्यथा क्या कहू मैं, रोटी के भी लाले हैंl

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

मेरी ही नौकरी हैं ये, जो तुमसे मांग रहा हु मैंl 
विश्वासघाती का छोड़ा था दामन, अब तुम्हारा थाम रहा हु मैंl 
चाहे जीतो या हारो चुनाव में, तुम्हारा फिर भी मान होगाl 
जो न मिली नौकरी तो, किसे मेरे परिवार का ध्यान होगाl 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

जागो नर्सेज की विनती हैं तुमसे, सुनलो मेरी यह पुकारl 
ससम्मान जी सकू मैं, कर दो मुझ पर यह उपकारl 
वरना पहले भी रोष में थे हम, फिर वही आक्रोश होगाl 
अभी अभी बता चूका हु में, फिर न मेरा कोई दोष होगाl 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं 
हुl 
 
 


दिनांक 16/03/2014  

चुनाव की तैयारिया राजनैतिक दल भी करेंगे ..... 

सरकार भी करेगी ........ 

और हम भी करेंगे ।

नेताओ को उनके राजनैतिक दल से मतलब होगा , उनकी कुर्सी से मतलब होगा .... 

पर मुझे अपने परिवार का पेट पालना हैं, और जो राजनैतिक दल मुझे मेरे परिवार का पेट पालने नहीं देगा ....

उसके झूठे सच्चे प्रलोभन मेरे किसी काम के नहीं हैं. ..........

यदि मेरा कोई साथी किसी राजनैतिक दल का कर्मठ कार्यकर्त्ता हैं तो में आपसे क्षमा प्रार्थी हु की मेरे लिए इस वक़्त मेरा परिवार ही सब कुछ हैं.

और वैसे भी जो मेरा परिवार नहीं चला सकता वो देश क्या चलाएगा !!!!

मैं कौन सा भीख मांग रहा हु ! 

राजस्थान की स्टेट लेवल की मेरिट से संविदा पर लगा था !

7 साल से संविदा पर एक बिना पड़े लिखे बेलदार से कम मानदेय पर कार्य कर रहा हु !

जब की सरकार के पास 2 साल से अधिक संविदा पर कार्य करवाने का कोई अधिकार नहीं हैं !!!!

तो आज 7 साल गुजरने के बाद भी क्या मुझे मेरा हक मांगने का भी अधिकार नहीं हैं?

 


दिनांक 12/03/2014 : कल के लेख में झालावाड मेडिकल कॉलेज के वैभव जोशी जी के बारे में लिखा गया की उन्होंने स्ट्राइक टूटने से पहले ही ज्वाइन कर लिया था जबकि ऐसा नहीं था वैभव जोशी जी ने स्वयं जानकारी देते हुए बताया की उन्होंने स्ट्राइक टूटने के बाद दिनांक 1 मार्च को ही ज्वाइन किया था पहले ज्वाइन करने वाले लोगो के नाम पूछे जाने पर उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया हमें खेद हैं की हमने बगैर पुष्टि किये ही वैभव जोशी का नाम लिखा. आगे भविष्य में भी हम वैभव जोशी जी द्वारा इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा रखते हैं.


दिनांक 11/03/2014 :                                         स्ट्राइक क्यों तोड़ी   

आप सभी साथियों को यह बताना चाहूँगा की हमारी राजस्थान सयुंक्त संविदा नर्सेज संघर्ष समिति के सभी 7 प्रतिनिधि सदस्यों ने सामूहिक सहमति से यह स्ट्राइक क्यों तोड़ी.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी का भर्ती पूरी करने से साफ़ इन्कार - दिनांक 25 फरवरी को मुख्यमंत्री जी ने झालावाड में व दिनांक 26 फरवरी को बारां में मुख्यमंत्री जी ने हमारी प्रतिनिधियों को आचार संहिता से पहले भर्ती पूरी करने के बारे में साफ़ साफ़ शब्दों में कहा की आपका काम नहीं होने वाला आपको भलाई इसी में हैं की आप चुपचाप ज्वाइन कर लो.

कभी भी कोई राजनेता लोगो के काम करने से मना नहीं करता और चुनाव के वक़्त तो बिलकुल भी नहीं. फिर भी मुख्यमंत्री जी ने हमें साफ़ साफ़ शब्दों में मना कर दिया. इसलिए इस स्ट्राइक का विश्लेष्ण करना बहूत जरूरी हो गया था. और जब अपनी स्ट्राइक का विशलेषण किया गया तो हमारी स्ट्राइक की ऐसी बहूत सारी कमजोरिया सामने आई जिनके बारे में सरकार को बहूत अच्छी तरह पता था.

हमारी स्ट्राइक की कमजोरिया - हमारी स्ट्राइक में कुछ ऐसी कमजोरिया थी जिन के बारे में स्ट्राइक टूटने के डर से व लोगो के हतोत्साहित होने के डर से  लोगो को जानकारी नहीं दी जा रही थी जैसे.

  •  आचार संहिता -  सभी लोगो को यही जानकारी दी जा रही थी की हम आचार संहिता के बाद भी स्ट्राइक पर बने रहेंगे ताकि सरकार के पास हमारी तरफ से यही मेसेज जाये की हम आचार संहिता में भी तब तक स्ट्राइक पर बने रहेंगे जब तक की लिस्ट जारी नहीं हो जाती. परन्तु हकीक़त यह थी की वकील से हुई वार्ता के अनुसार यदि 16000 नर्सेज आचार संहिता के बाद भी स्ट्राइक पर बने रहे तो सरकार इन 16000 कर्मचारियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेगी. परन्तु यदि लोगो का टूटना शुरू हो गया तो आचार संहिता के बाद स्ट्राइक बिना किसी समझोता वार्ता के अपने आप समाप्त हो जाएगी जिसका सबसे बड़ा नुक्सान यह होगा की अगली बार कभी भी इस स्तर की स्ट्राइक नहीं हो पाएगी.
  • अनिश्चितकालीन धरने की सीमित परमिशन - भले ही हम लोगो ने अनिश्चितकालीन अवकाश की घोषणा की थी परन्तु हकीकत यह हैं की हमारे पास धरने पर बैठने के लिए सिर्फ 5 मार्च तक की ही परमिशन थी. सभी आला दर्जे के जानकार सूत्रों से यह जानकारी ली जा चुकी थी की आचार संहिता के चलते यह परमिशन किसी भी कीमत पर आगे नहीं बड सकती. मौजूदा अधिकारी बिगड़ती चिकित्सकीय व्यवस्थाओ व आचार संहिता का हवाला दे कर इस धरने व अनिश्चितकालीन अवकाश की परमिशन निरस्त कर देंगे. और ऐसा होते ही सभी संविदाकर्मी तुरंत ही ज्वाइन कर लेते जिस से यह आन्दोलन बगैर किसी समझौता वार्ता के ही समाप्त हो जाता और सरकार हमारी कमजोरी भांप कर फिर कभी हमारी भर्ती पूरी करने की चेष्टा भी नहीं करती और ना ही हम फिर से इतना मजबूत आन्दोलन खड़ा कर पाते.
  • मेडिकल कॉलेजो का स्ट्राइक से पीछे हटना - सरकार को एनआरएचएम कर्मियों की स्ट्राइक से इतना फर्क नहीं पड़ रहा था जितना की मेडिकल कॉलेजों की स्ट्राइक से. इसका कारण यह हैं की मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था बिगड़ने पर बात दबती नहीं हैं अपितु न्यूज़ पेपर की हेड लाइन बन जाती हैं जब की ग्रामीण क्षेत्रो में चिकित्सा व्यवस्था, टीकाकरण व्यवस्था बिगड़ने पर भी अधिकारी कागजो में झूठी रिपोर्ट पेश कर देते हैं की व्यवस्था सँभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई हैं. ऐसे में मेडिकल कॉलेजों के पीछे हटने से हमारी स्ट्राइक का सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता और आचार संहिता में 3 महीने तक हमारी कोई सुनवाई नहीं होने से निराश संविदाकर्मी अपने आप स्ट्राइक से पीछे हटते जाते. इसलिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों को स्ट्राइक में बना कर रखना एक चुनोतिपूर्ण कार्य हो गया था.
  1.  झालावाड मेडिकल कॉलेज - झालावाड मेडिकल कॉलेज के लोगो ने 25 फरवरी को ही ज्वाइन करने का मानस बना लिया व टर्मिनेशन आर्डर लोगो के घर पहुचने के बाद से ही  लोगो ने 26 फरवरी से ज्वाइन करना भी शुरू कर दिया. झालावाड मेडिकल कॉलेज के लोगो को  प्रतिनिधियों ने काफी समझाने का प्रयास किया. परन्तु उन्हें इस आन्दोलन से ज्यादा ज्वाइन करने की फ़िक्र थी. और 30 से 35 लोग अपनी स्ट्राइक टूटने से पहले ही ज्वाइन भी कर चुके थे.
  2. कोटा मेडिकल कॉलेज - कोटा मेडिकल कॉलेज तो अंत तक स्ट्राइक पर उतरा ही नहीं. उनका कहना था की उनका अनुबंध समाप्त हो चूका हैं और इसे प्रशासन द्वारा आगे बढाया भी नहीं जा रहा हैं. जिसके चलते वे फिलहाल रिकॉर्ड के अनुसार नौकरी पर ही नहीं हैं और यदि स्ट्राइक करते हैं तो प्रशासन द्वारा बगैर नोटिस दिए ही उनकी सेवा समाप्त की जा सकती हैं. परन्तु इसके बाद भी कोटा मेडिकल कॉलेज के वैभव गौतम जी ने इस स्ट्राइक में अपना सक्रीय योगदान दिया.
  3. जोधपुर मेडिकल कॉलेज - जोधपुर मेडिकल कॉलेज के संविदा नर्सेज एसोसिएशन के अध्यक्ष घमंडा राम जी दिनांक 25 फरवरी से ही किसी भी प्रकार की वार्ता में इस स्ट्राइक को समाप्त करने के प्रयास कर रहे थे. जब सभी प्रतिनिधि इस स्ट्राइक को सफल बनाने का प्रयास कर रहे थे तब घमंडा राम जी इस स्ट्राइक को येन केन प्रकारेण किसी भी प्रकार से समाप्त करना चाहते थे. उनका कहना था की जोधपुर मेडिकल कॉलेज का स्टाफ किसी भी कीमत पर स्ट्राइक पर रुकना नहीं चाहता हैं. और काफी स्टाफ तो ज्वाइन भी कर चूका था.
  4. अजमेर मेडिकल कॉलेज - अजमेर मेडिकल कॉलेज के अर्जेंट टेम्परेरी बेसिस पर लगे लोगो को बोनस अंक का लाभ नहीं मिलने के कारण वे लोग भी आचार संहिता से पहले ज्वाइन करने का मानस बना चुके थे.
  • गद्दार संविदाकर्मी - एक बार आप सभी से गद्दार संविदाकर्मियो की लिस्ट मांगी गयी थी जिसके प्रत्युत्तर में हमें हर जिले के ऐसे लोगो की सूचि प्राप्त हुई जो सामूहिक अवकाश पर नहीं थे. इन गद्दार लोगो की संख्या इतनी ज्यादा थी की हम सभी चकित हो गए. इस लिस्ट को सार्वजानिक किये जाने पर लोगो के उत्साह भंग होने का डर से कभी इस लिस्ट को वेब पर प्रकाशित नहीं किया गया. इसके अतिरिक्त पल्स पोलियो के अभियान में भी लगभग 5 से 10 संविदाकर्मियों ने सक्रीय रूप से भाग लिया.
  • रात्रि कालीन धरने की असफलता - हमारी स्ट्राइक का कोई दबाव सरकार पर नहीं बन रहा था तो इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण था की कुल संविदाकर्मियो (एनआरएचएम संविदा + मेडिकल कॉलेज) की संख्या के मात्र 20% ही हर जिले में दिन के समय धरना स्थल पर उपस्थित होते थे जिनमे फ्रेशर भी शामिल होते थे. परन्तु रात में तो स्थिति यह थी की कई जिलो में तो रात को लोगो के धरना स्थल पर ना रुकने के कारण रात्रि कालीन धरना ही नहीं रखा गया व कुछ जिलो में कुछ दिनों बाद रात्रि कालीन धरना समाप्त ही करना पड़ा. सबसे बड़ी समस्या यह थी की लोगो की यह न्यून संख्या इंटेलिजेंस द्वारा रोजाना सरकार को सूचित की जाती थी जिस से सरकार को हमारे आन्दोलन की कमजोरी का पता लग चूका था.

                                     हमारे आन्दोलन के समाप्त होने का सबसे बड़ा कारण यही लोग थे जो सामूहिक अवकाश पर होने के बाद भी धरना स्थल पर उपस्थित नहीं हुए. जबकि सभी लोगो को 18 फरवरी से ही 24 घंटे धरना स्थल पर उपस्थित रहना था. जिससे सरकार पर इतना प्रेशर बनता की सरकार को हमारी मांगो के आगे झुकना ही पड़ता. यदि कोई व्यक्ति आन्दोलन के दौरान कम से कम 13 दिन भी धरना स्थल पर रात को नहीं सोया तो उसे ही इस आन्दोलन के टूटने का जिम्मेदार माना जाये. और यदि ऐसा कोई व्यक्ति अपने आप को जिला या प्रदेश का प्रतिनिधि समझता हैं तो इसका अर्थ यह हैं की उसे पूरा यकीन हैं की उसके जिले में सभी लोग मुर्ख हैं.

  •  प्रदेश स्तरीय धरने पर लोगो का ना आना - आन्दोलन जारी रखने के लिए जिलो के धरना को मजबूत बनाना जरुरी था परन्तु जब हर कोशिश के बाद भी जिले के धरना स्थलो पर 85% लोगो को लाया नहीं जा सका तब जिलो के स्थान पर प्रदेश के धरने के सर्वाधिक महत्त्व को देखते हुए प्रत्येक जिले से 2 लोगो को जयपुर धरना स्थल पर बुलाया गया परन्तु किसी भी जिले से कोई नहीं आया. जिसके बाद दिनांक 24 फरवरी को हर जिले से 5 लोगो को जयपुर धरने पर बुलाया गया जिस से प्रदेश स्तरीय धरने पर संख्या बल बड़ा कर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता परन्तु किसी भी जिले से 5 लोग जयपुर नहीं पहुचे.   
  • जिला प्रतिनिधियों का असामंजस्य - दिनांक 24 फरवरी को सभी जिले के प्रतिनिधियों को स्ट्राइक की आगे की रूप रेखा तैयार करने के लिए जयपुर बुलाया गया परन्तु जो नतीजे सामने आये वो बड़े ही निराशाजनक रहे. निम्न जिलो की जिला कार्यकारिणी से कोई भी सदस्य जयपुर नहीं पहुचा. जिस से यह पता चला की यह आन्दोलन कितना गैर जिम्मेदाराना तरीके से चल रहा हैं.

         कोटा, बारां, बूंदी, करोली, धोलपुर, दौसा, अलवर, टोंक, भीलवाडा, चुरू, हनुमानगढ़, बांसवाडा, उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमन्द, प्रतापगढ़.

  • विधायको के समर्थन पत्र न ले पाना - सभी जिलो की कार्यकारिणी को इस संबंध में सूचित किया जा चूका था की सभी लोग अपने अपने जिलो के विधायको से समर्थन पत्र ले कर उनसे विधानसभा सत्र में अपने मुद्दे को गर्मजोशी से उठाने का आग्रह करे परन्तु कोटा के अतिरिक्त किसी भी अन्य जिलो के विधायको के समर्थन पत्र प्रदेश कार्यकारिणी को प्राप्त नहीं हुए.
  • संकल्प पत्र की उपेक्षा - दिनांक 22 फरवरी को सभी जिलो से एक संकल्प पत्र भरने का आग्रह किया गया था जिससे कोई भी संविदाकर्मी इस आन्दोलन को बिच में छोड़ कर ना जाये परन्तु प्रदेश कार्यकारणी को आज दिनांक तक भी किसी भी जिले से वो संकल्प पत्र प्राप्त नहीं हुए.
  • आमरण अनशन से विमुखता - जब यह महसूस किया जाने लगा की सरकार अपने आन्दोलन के बावजूद अपनी भर्ती पूरी करने को लेकर कोई नीति तैयार नहीं कर रही हैं तब अपने आखिरी हथियार के रूप में राजस्थान के सभी 33 जिलो को दिनांक 26 फरवरी को आमरण अनशन शुरू करने हेतु निवेदन किया गया था परन्तु दो दिन बाद भी पूरे राजस्थान के 33 जिलो में से मात्र 3 जिले ही आमरण अनशन शुरू कर पाए जिस से यह स्पष्ट हो गया की इस आन्दोलन को लेकर लोगो में हवाई बातें बहूत ज्यादा हैं परन्तु धरातल पर मजबूती बहूत कम हैं.   

इन सभी बिन्दुओ से एक बात तो स्पष्ट हो गई थी की आन्दोलन में इतना दम नहीं हैं की आचार संहिता के 3 महीने के दौरान पुरे प्रदेश के 16000 संविदाकर्मियो को आन्दोलन पर बनाये रख सके. यह आन्दोलन मात्र प्रदेश प्रतिनिधियों का, रोज रात को धरना स्थल पर रुकने वाले सम्मानीय आंदोलनकारियो का, दिन भर आन्दोलन की रुपरेखा तैयार करने के लिए भाग दौड़ करने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओ का ही नहीं था वरन हर उस संविदाकर्मी का था जो इस भर्ती को पूरा होते हुए देखना चाहता था. परन्तु फिर भी अधिकांश लोगो ने इस आन्दोलन को धरना स्थल की अपेक्षा व्हाट्स एप्प, फेसबुक या मौखिक वार्ता में ही सहयोग दिया.

निर्णायक शब्द - हमारा यह आन्दोलन विफल कतई नहीं कहा जा सकता हैं क्यों की इस आन्दोलन में हमने सम्मिलित रूप से बहूत अच्छा प्रदर्शन किया हैं परन्तु तत्कालीन परिस्थितियों के मद्देनजर अगर इस आन्दोलन को एक मजबूत वार्ता के साथ आचार संहिता के लिए एक अल्प विराम नहीं दिया जाता तो यह आन्दोलन स्वतः ही नष्ट हो जाता और उस परिस्थिति में हम दुबारा से कभी कोई आन्दोलन भी नहीं कर पाते. परन्तु अब यदि हमारी एकता को नष्ट करने वाली खरपतवार को हटा दिया जाए तो आज भी हम इस स्थिति में हैं की आचार संहिता के बाद फिर से सही समय पर एक उग्र आन्दोलन कर सकते हैं या सरकार के लिस्ट जारी करने के आश्वासन की पूर्ति के लिए सरकार से लगातार संवाद बनाये रख कर लिस्ट जारी करवा सकते हैं.

हमारी एकता को नष्ट करने वाली खरपतवार के संबंध में सम्पूर्ण तथ्यों के साथ अगले लेख में पूरी जानकारी दी जाएगी.   


दिनांक 07/03/2014 :                                         स्ट्राइक किसने तोड़ी   

आज मैं आप सभी साथियों को यह बताना चाहूँगा की हमारी स्ट्राइक किसने तोड़ी. निचे दिए गए लैटर की कुल 4 प्रतियों पर सभी प्रतिनिधियों ने अपने हस्ताक्षर किये. इन्होने यह हस्ताक्षर चिकित्सा मंत्री जी से वार्ता के बाद नहीं अपितु वार्ता से पहले उस समय किये थे जब की राठौड़ साहब वार्ता के लिए चैम्बर में भी नहीं आये थे. इस पत्र पर हस्ताक्षर करने से पूर्व ही सभी प्रतिनिधियो को यह जानकारी दी जा चुकी थी की इन सभी बिन्दुओ पर मंत्री जी की सहमती हो जाएगी जिसके बाद स्ट्राइक कॉल ऑफ कर ली जाएगी. इस पत्र पर निम्न क्रमानुसार सभी प्रतिनिधियों ने सहमति पूर्वक अपने हस्ताक्षर किये.

इन सभी सदस्यों की मौखिक सहमति मिलने के बाद ही स्वास्थ्य मंत्री जी ने मीडिया को बुलाया तथा मीडिया के सामने भी सभी प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति दी. निचे दिए गए फोटो में सभी प्रतिनिधियो की सहमति के बाद सब साथ में खड़े हो कर मीडिया को संबोधित कर रहे हैं. नर्सेज के अतिरिक्त आयुष चिकित्सक, आयुष नर्सेज, फार्मासिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर व दो दिन पहले लैब सहायक वर्ग ने भी अपनी स्ट्राइक तोड़ दी. अधिकतर लोग यह सोच रहे होंगे की एक साथ इतने वर्गों के प्रतिनिधियों ने स्ट्राइक क्यों तोड़ दी. बहूत जल्द ही 1-2 द



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