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राजस्थान एनआरएचएम कार्मिक समस्या समाधान समिति

 
 

 

''Mamtamai Maa Kaali ki Jai"/ " Hare kei sahare ki jai"  / "Khatu wale Naresh ki jai'' 

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''द्वेष ईर्ष्या व क्रोध  से ग्रसित व्यक्ति अफवाह को जन्म देते है, कुन्ठित-बुद्धिहीन व्यक्ति उसको फैलाते है और मुर्ख उसे सत्य मान लेते है'' 

'' जुल्म सहने वाला जुल्म करने वाले से ज्यादा बड़ा गुन्हागार है, क्योकि खामोशी से जुल्म सह कर वो गुन्हागार के हौसले और भी बुलन्द करता है ,जिससे प्रेरित हो गुन्हागार और भी बडे और भी घिनौने जुल्म करता है ''

''सम्विधा प्रथा केन्सर के समान एक गंभीर प्रशासनिक बीमारी है , जो आज भी आधुनिक भारत मे इन्सानो को गुलाम बनाने की घिनौनी पद्ध्ति है'' 

दिनांक 06/07/2014 :                             लिस्ट इन वेटिंग : स्ट्राइक इन वेटिंग 

 

गत माह से ही इस भर्ती से जुड़े लोगो द्वारा दो चीजो का बड़ी ही बेसब्री से इन्तजार हो रहा हैं. जोइनिंग लिस्ट का और स्ट्राइक की घोषणा का. आइये जाने दोनों ही महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े तथ्य.  

लिस्ट इन वेटिंग : 28 जून से कभी भी जारी हो सकने वाली लिस्ट एक दम से कही गायब हो गई. जानकार सूत्रों से पता चला की जारी होने के लिए पूरी तरह से तैयार लिस्ट को मुख्यमंत्री महोदया जी या स्वास्थ्य मंत्री जी  के मौखिक आदेश पर रोका गया हैं. इसलिए 1 जुलाई से ही यूनियन के प्रतिनिधि स्वास्थ्य मंत्री जी से व्यक्तिगत मीटिंग करने की जुगत लगा रहे हैं. व्यक्तिगत मीटिंग के लिए पहले मंत्री जी ने 3 जुलाई का समय दिया फिर 4 जुलाई का पर दिल्ली से जयपुर आने के प्रोग्राम में बदलाव के कारण दोनों की दिन की मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा कैंसिल कर दि गयी. अब जल्द की किसी दिन यूनियन के मात्र 2 प्रतिनिधि स्वास्थ्य मंत्री जी से व्यक्तिगत मुलाक़ात कर दो टुक प्रशन करेंगे की लिस्ट जारी करने की अल्प अवधि की नियत समय सीमा का आश्वाशन दिया जाए ताकि नियत समय सीमा के बाद संविदाकर्मियो द्वारा किये जाने वाले आन्दोलन की जिम्मेदारी सरकार की हो.

स्ट्राइक इन वेटिंग : यूनियन का नजरिया स्ट्राइक के प्रति बिलकुल साफ़ हैं. हमारी लिस्ट जारी होते होते रुकी हैं यदि सरकार चाहती हैं की इस लिस्ट को बजट में की जाने वाली घोषणा के स्वरुप पूरा किया जाये तो यूनियन को लिस्ट का इन्तजार करने से कोई परहेज नहीं हैं. परन्तु यदि किसी अन्य को लिस्ट से ज्यादा स्ट्राइक की जल्दी हो तो उसे यूनियन की और से स्ट्राइक करने के लिए पूरा सहयोग मिलेगा.

यूनियन के अतिरिक्त यदि कोई और स्ट्राइक की जिम्मेदारी लेने को तैयार हो तो यह तो हमारे लिए बहूत ही ख़ुशी की बात होगी. हम दो अलग अलग टीम में बट कर काम कर सकते हैं. ऐसी परिस्थिति में निम्नानुसार कार्य बाट दिए जायेगे.

टीम यूनियन : समस्त कूटनैतिक प्रयासों द्वारा अटकी हुई लिस्ट जारी करवाना.

टीम स्ट्राइक : निम्न स्तर पर स्ट्राइक की तैयारी करना.

  • प्रदेश के संविदाकर्मियो को स्ट्राइक के लिए तैयार करना.
  • जयपुर में उचित धरना स्थल का चुनाव करना व परमिशन लेना.
  • जयपुर के धरना स्थल पर उपस्थित रहने हेतु लोगो का इंतजाम.
  • प्रदेश/जिला/ब्लाक के धरना स्थल हेतु परमिशन.
  • प्रदेश/जिला/ब्लाक के धरना हेतु आर्थिक व्यवस्थता (सर्वाधिक महत्वपूर्ण)
  • अधिकारियो से लगातार वार्ता का इंतजाम
  • स्वास्थ्य मंत्री जी/ मुख्य मंत्री महोदया जी से वार्ता का प्रबंध/ मध्यस्थ की भुमिका
  • प्रिंट मीडिया व डिजिटल मीडिया से सहयोग (अति महत्वपूर्ण) 

दिनांक 29/06/2014 :                             बदलते परिवेश : बदलती रणनीति

जैसा की सभी साथियों को आभास हुआ होगा की पिछले 3 दिनों में जो अनापेक्षित घटनाक्रम हुए हैंl उसे देखते हुए हमें लगभग हर प्रकार की परिस्थिति के लिए शीघ्र ही स्वयं को तैयार करना होगाl इस बदलते हुए परिवेश में यूनियन ने अपनी गतिविधियों को बदलने की रणनीति तैयार की हैंl  जिसमे आप सभी साथियों के सहयोग की अपेक्षा रखी जा रही हैंl

आवश्यक कार्यो की प्रकृति के अनुसार हम अपने प्रयासों को कुछ टीम में विभक्त करने जा रहे हैंl

  1. जयपुर : अभिनीत भारद्वाज एवं साथी - जयपुर से सम्बंधित सभी कार्य जैसे सचिवालय एवं स्वास्थ्य भवन में अपनी भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मिल कर हर पल की खबर लेना व भर्ती से सम्बंधित अडचनों को समझना जिस से उनका निवारण किया जा सकेl इसके अतिरिक्त इस टीम का एक महत्वपूर्ण कार्य यह भी हैं की यदि किसी प्रकार के अनिष्ठ की आशंका हो तो तुरन्त आपात टीम को रिपोर्ट करना जिस से प्रतिक्रिया स्वरुप आन्दोलन का सूत्रपात किया जा सकेl फिलहाल अभी तक जो सूचना हमें अधिकारियो द्वारा दि गई हैं उसके अनुसार भर्ती की लिस्ट तैयार हैं व slp वापस लेते ही जुलाई माह में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दि जाएगीl  
  2. जोधपुर : भंवर लाल विशनोई एवं साथी - इस टीम के भी दो कार्य होंगेl पहला कार्य होगा पूर्व आई जी दुआ साहब से मिल कर राजेंद्र राठौर साहब से व्यक्तिगत मुलाक़ात के लिए समय तय करनाl ज्ञात रहे की पूर्व आई जी दुआ साहब की मध्यस्थता से ही संविदा कर्मियों की स्ट्राइक समाप्त की गई थीl कल उनसे इस सम्बन्ध में बात भी की गयी हैंl उनका कहना हैं की क्यों की उनके कारण ही स्ट्राइक समाप्त की गयी थी तो अब यह उनकी इज्जत का प्रशन हैंl और वे इस बाबत सरकार से ठोस नतीजा निकलवा कर ही रहेंगेl                                                                               इस टीम का दूसरा कार्य प्रतिकुल परिस्थितियों के लिए अधिवक्ता यशपाल खिलेरी से मिल कर हाल ही में उनके द्वारा न्यायालय में 10 वर्षो की संविदा नौकरी के पश्चात नियमितीकरण के जारी किये गए आदेश का हवाला देते हुए इस बात का पता करना हैं की क्या किसी प्रकार यह आदेश 3-5 साल तक संविदा का दंश झेल चुके कार्मिको पर भी लागु करवाया जा सकता हैं अथवा किसी अन्य प्रकार के न्यायिक पक्ष की संभावना तलाश करनाl
  3. आपात टीम : मनफूल पुनिया एवं साथी - अनिष्ठ की आशंका होने पर या भर्ती प्रक्रिया के संपन्न ना होने की परिस्थितियों में सम्पूर्ण राजस्थान के संविदाकर्मियो/ फ्रेशर को आन्दोलन के लिए तैयार रखनाl इनकी तैयारी इस स्तर की होनी चाहिए की जिस दिन परिस्थितिया प्रतिकुल नजर आये उसके अगले दिन ही जयपुर में लोगो को इकठ्ठा किया जा सकेl आन्दोलन की परिस्थिती में पहले दिन से ही कन्ट्रोल रूम (साथियों को फोन पर जानकारी देने हेतु) से सम्बंधित समस्त जिम्मेदारी जी आपात टीम की ही होगीl   
  4. मैनेजमेंट टीम : देवाराम चौधरी एवं साथी - सभी टीम अपने अपने स्वयं के कार्य की जानकारी व निर्देशो के सम्बन्ध में मैनेजमेंट टीम से संपर्क बनाये रखेगीl इसके अतिरिक्त वेब को समस्त जानकारी प्रदान करने की जिम्मेदारी भी मैनेजमेंट टीम की ही होगीl   

दिनांक 29/06/2014 :                     संविदाकर्मियो के मामले में जवाब का अन्तिम मौका  

राजस्थान उच्च न्यायलय, जोधपुर ने 10 वर्ष से अधिक अवधि से कार्यरत संविदाकर्मियो के मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाव पेश करने का अन्तिम मौका दिया हैंl उच्च न्यायलय के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास ने कहा की राज्य सरकार जवाब नहीं देती हैं तो वह मामलो को बिना किसी जवाब के अन्तिम रूप से तय कर दिया जायेगाl बीकानेर निवासी बिंद्रा व अन्य की और से दायर याचिका में कहा गया की की उनको वर्ष 2002 में राज्य सरकार की और से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता के पद पर निर्धारित चयन प्रक्रिया अपनाकर नियमानुसार नियुक्त किया गया थाl नियुक्ति तिथि से वह लगातार बिना किसी अवरोध के नियमित ड्यूटी कर रही हैl उनकी नियुक्ति डयूटी चार्ज व पद दायित्व नियमित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता के सामान हैंl मात्र वेतन के अलावा सब कुछ सामान हैं l नियमितीकरण के अभाव में उनका भविष्य अधरझूल में हैं और वे सेवा परिलाभ से वंचित हैंl याचिगण वर्ष 2002 से मात्र 3500 रुपए प्रतिमाह पर अपनी संतोषप्रद सेवाए दे रही हैंl

राज्य सरकार की हठधर्मिता और शोषण निति के कारण संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा हैंl याचिकाकर्ताओ के अधिवक्ता यशपाल खिलेरी के तर्कों से सहमत होते हुए हाई कोर्ट ने गत सुनवाई पर अतिरिक्त महाधिवक्ता को नोटिस थमाते हुए जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थेl लेकिन जवाब पेश नहीं किये जाने पर हाई कोर्ट ने 8 जुलाई को अन्तिम सुनवाई करने के निर्देश दिए हैंl  

शीर्ष अदालत ने दिए थे निर्देश - गौर तलब हैं की सुप्रीम कोर्ट ने 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके अस्थाई कर्मचारियों को एक साथ नियमित करने के लिए उमा देवी बनाम केरल राज्य मामले में अहम् फैसला दे रखा हैंl पूर्व में उच्च न्यायलय ने भी सुप्रीम कोर्ट की सवैधानिक पीठ के आधार पर राज्य सरकार को इन संविदाकर्मियो को दो माह में नियमित करने के निर्देश दिए थेl

चिकित्सा विभाग में भी हलचल - उधर उच्च न्यायलय के अंतरिम आदेश के बाद राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल हुई हैंl चिकित्सा विभाग के अति. निदेशक (प्रशा.) ने राज्य के समस्त प्रमुख चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आदेश जारी कर विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मियों, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, नर्स ग्रेड-ll, पीएचएन, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नाम व संख्या भेजने के लिए निर्देशित किया हैंl

राज्य सरकार जब कोर्ट से निर्देश प्राप्त होने पर भी संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति नहीं दे रही हैं तो शेष संविदाकर्मियो के लिए राज्य सरकार ने शायद ही कुछ भला सोचा होl मेरा मानना यह हैं की यदि सरकार हमें नियमित करना ही चाहती तो उसे संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमो में किये जा रहे बदलाव जैसी बड़ी प्रक्रिया के बारे में यूनियन से कुछ भी छुपाने की आवयश्कता ही नहीं थीl परन्तु जिस प्रकार राज्य सरकार रणनीति तैयार कर रही हैं बहुत संभव हैं की राज्य सरकार यदि हमें नियमित नहीं करती हैं तो हमें भी उक्त कोर्ट केस के आधार पर राज्य सरकार पर नियमितीकरण हेतु केस कर देना चाहिएl                      


दिनांक 29/06/2014 :                     जेएनवीयू में अनुबंध पर लगे 200 कर्मचारियों को हटाने का फैसला 
bhaskar news|Jun 29, 2014, 06:54AM IST 

जेएनवीयू में अनुबंध पर लगे 200 कर्मचारियों को हटाने का फैसला
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय प्रशासन ठेके पर लगे 200 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर चुका है। बजट फाइनलाइजिंग कमेटी की सिफारिश पर एक जुलाई से स्वीकृत पदों के बजाय आवश्यकता के आधार पर लगाए गए ठेकाकर्मियों की छुट्टी कर दी जाएगी। इससे केंद्रीय कार्यालय के विभागों से लेकर परीक्षा व गोपनीय शाखा की व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी। वहीं हॉस्टलों में सफाई, मैस व अटेंडेंट के कार्यों के संचालन पर भी असर पड़ेगा। हालांकि विवि प्रशासन ठेकाकर्मियों को हटाए जाने के बाद व्यवस्थाएं बिगडऩे पर राज्य सरकार को अवगत करवाकर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कर्मचारी लगाने की बात कह रहा है। इसमें भी नए कर्मचारियों को अनुभव नहीं होने से व्यवस्थाएं ढर्रे पर लाने में मुश्किल होगी।

संकाय सुनाने लगे 30 जून से कॉलेज नहीं आने का फरमान

विवि की ओर से जारी आदेशों के आधार पर विभिन्न संकायों की ओर से अपने यहां ठेके पर लगे कर्मचारियों को 30 जून के बाद नौकरी पर नहीं आने के लिए कहा जाने लगा है। संकायों के अलावा चीफ वार्डन व केंद्रीय कार्यालयों में लगे ठेका कर्मचारियों को भी हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। कुलसचिव के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश पर इस प्रक्रिया में करीब दो सौ से अधिक ठेकाकर्मी हटाए जा रहे हैं। इसके बाद जहां व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी, वहां के लिए राज्य सरकार को लिखकर भेजेंगे और स्वीकृति मिलने पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे। उधर, ठेकाकर्मियों को हटाए जाने के संबंध में गठित कमेटी की शनिवार को कुलसचिव कार्यालय में बैठक हुई। इसमें सिंडीकेट के दो सदस्यों की गैरमौजूदगी की वजह से अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। अब अगली बैठक सोमवार को होगी, जिसमें इस निर्णय पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

यूनिवर्सिटी के सभी विभागों में व्यवस्थाएं गड़बड़ाने की आशंका

परीक्षा शाखा: 65 में से 40 से अधिक ठेकाकर्मियों के हटने से बिगड़ेगी व्यवस्था विवि परीक्षा शाखा के कुल 65 कर्मचारियों में से 40 से ज्यादा ठेकाकर्मी हैं। इन कर्मचारियों को हटाए जाने से परीक्षा संचालन का सबसे महत्वपूर्ण काम प्रभावित होना तय है। हटाए जाने वाले कर्मचारियों को वर्षों का अनुभव है। रिशफलिंग में आने वाले कर्मचारियों में अनुभव की कमी होने से बिगड़े हालात में सुधार मुश्किल होगा।

केंद्रीय कार्यालय: एकल खिड़की पर काम करने वालों सहित 50 से अधिक ठेकाकर्मी
केंद्रीय कार्यालय के विभागों में 50 से अधिक ठेकाकर्मियों को आवश्यकता के आधार पर लगाया गया है। एकल खिड़की पर सेवाएं देने वाले कर्मचारी भी स्वीकृत पदों पर नहीं लगे हैं। विभागों के अनेक महत्वपूर्ण काम भी इनके भरोसे हैं। 

गोपनीय शाखा: कॉपियां लाने-ले जाने वाले ड्राइवर हटने से प्रभावित होगा कामकाज
गोपनीय शाखा व कुलपति के पास लगे ड्राइवरों में से कुछ ठेकाकर्मी हैं। विवि में आयोजित परीक्षाओं के परिणाम अभी घोषित किए जाने हैं। ऐसे में गोपनीय शाखा के कर्मचारियों को हटाने से इस काम पर भी असर पड़ेगा। कॉपियां लाने-ले जाने सहित अन्य अनेक कार्यों में भी ड्राइवर अपनी सेवाएं देते हैं।

हॉस्टल: सफाई, मैस व अटेंडेंट का
काम होगा प्रभावित

सभी हॉस्टलों में सफाई, मैस व अटेंडेंट का कार्य संभालने वाले अस्वीकृत पदों पर लगे हैं। इनके हटने से हॉस्टल की व्यवस्थाएं बिगड़ेंगी। खासतौर से गल्र्स हॉस्टल में छात्राओं को आने व जाने से पहले स्वीकृति लेनी होती है। यह व्यवस्था संभालने वाले भी हटेंगे।

आगे क्या

शेष बचे कर्मचारियों की रिशफलिंग होगी
स्वीकृत पदों में से खाली पड़े पदों पर जिन ठेका कर्मचारियों को रखा जाएगा, उनकी रिशफलिंग कर जरूरी स्थानों पर लगाया जाएगा। इसके बाद जितने कर्मचारियों की जरूरत होगी, उसकी सरकार से स्वीकृति मांगी जाएगी।
- गोविंदसिंह चारण, कुलसचिव, जेएनवीयू

संभाग स्तरीय विवि बनने के बाद स्टाफ बढ़ाने की बजाय घटाने का निर्णय

जेएनवीयू में स्वीकृत ठेकाकर्मियों के पद एक आवासीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर हैं। ये पद उस समय स्वीकृत किए गए थे जब जेएनवीयू केवल जिला स्तरीय विवि हुआ करता था। दो साल पहले जेएनवीयू को संभागीय विवि का दर्जा दे दिया गया, जिससे 25 हजार विद्यार्थियों की स्ट्रेंथ बढ़कर आज 1.50 लाख विद्यार्थियों की हो चुकी है। ऐसे में स्टाफ बढ़ाने की आवश्यकता थी, जबकि बीएफसी के निर्णय पर स्टाफ घटाना समझ से परे है। इससे विवि का कामकाज प्रभावित होगा।


दिनांक 28/06/2014 :                 क्या यह सच में खुश खबरी हैं या फिर कुछ और ???????????????? 

संविदा कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सरकारी कर्मचारियों जैसी मिलेंगी सुविधाएं

bhaskar news|Jun 28, 2014, 00:34AM IST

 

जयपुर. राज्य तथा केंद्र सरकार की योजनाओं में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को अब नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। इस आदेश से वर्ष 2007 से कार्यरत करीब एक लाख से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अब तक एनआरएचएम, नरेगा और अन्य योजनाओं में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को सिर्फ यात्रा भत्ता और साल में 15 दिन का अवकाश मिलता था। नए संविदा नियुक्ति नियमों में छुट्टियां 15 से बढ़ाकर 20 की गई है। इसके अलावा यात्रा भत्ते में भी इजाफा किया गया है। इसके अलावा पीएफ, मेडिक्लेम, जीपीएफ और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं पहली बार दी जाएंगी। 
वसुंधरा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में संविदा कर्मियों के लिए मॉडल गाइडलाइन तैयार की थी। लेकिन इसके बाद आई गहलोत सरकार ने 2011 में इस पर रोक लगा दी। उस दौरान नियमित भर्ती पर ज्यादा जोर दिया गया और एनआरएचएम और अन्य कई सरकारी योजनाओं में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित सेवा में नियोजित किया गया। शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से जारी परिपत्र में यह भी कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के संचालन में जहां निजी क्षेत्र की कुशलता की जरूरत महसूस होगी वहां ठेका श्रमिकों की भर्ती की जाएगी। इसका एक मतलब यह भी है की मौजूदा सरकार नियमित भर्तियों की जगह कम समय के लिए ठेका कर्मियों की भर्ती से ही काम चलाएगी।

यह फायदा मिलेगा
> मेडिक्लेम, पीएफ, यात्रा भत्ता, ग्रेच्युटी, साल में 20 दिन छुट्टी और 180 दिनों का मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
> 1 लाख से ज्यादा संविदा कर्मियों को होगा लाभ

 

2012 से नहीं मिला इंक्रीमेंट

इधर राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए नियम और शर्तें तो जारी कर दी। लेकिन एनआरएचएम और नरेगा में काम कर रहे करीब 35 हजार संविदा कर्मचारियों को 2012 से इंक्रीमेंट नहीं दिया गया है।

 


मेरी राय - जहा सभी लोगो द्वारा यह उम्मीद लगायी जा रही थी की जल्द ही हमारी भर्ती पूरी हो सकती हैं वही लिस्ट के स्थान पर कल राजस्थान राज्य सरकार के वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष गर्ग जी के द्वारा गहलोत सरकार द्वारा यूनियन के साथ समझोते में तय किये गए संविदा कर्मियों के लिए सेवा नियमो का संशोधित स्वरुप प्रस्तुत कर दिया गया. इस घटनाक्रम से निम्न आशंकाए जन्म लेती हैं.
  • कल दिनांक 27/06/2014 को वित्त विभाग द्वारा सेवा नियमो में जो बदलाव किये गए ये अनायास ही नहीं हो सकते इसके लिए एक बहूत ही जटिल प्रक्रिया की गयी होगी. बिलकुल वैसी ही जैसी बहूत दिनों से हम अपनी लिस्ट जारी होने के बारे में सुन रहे थे. की अभी फाइल यहाँ हैं या वहा हैं. ... अब फाइल इसके पास जाएगी. फिर उसके पास जाएगी. ................ भर्ती से सम्बंधित इस प्रकार की प्रक्रिया के बारे में हम वर्षो से परिचित रहे हैं.
  • स्ट्राइक के बाद से ही स्वास्थ्य भवन व सचिवालय में भर्ती से सम्बंधित अधिकारियो से लगातार संपर्क बना कर रखा गया था. ऐसे में हमें संविदाकर्मियो के विषय में होने वाली प्रत्येक हलचल की जानकारी प्राप्त होती रहती हैं. 
  • तो अब सवाल यह उठता हैं की जब हमें अपनी भर्ती से सम्बंधित फाइल के बारे में पल पल की जानकारी थी तो फिर यह कैसे संभव हुआ की वित्त विभाग द्वारा संविदाकर्मियो के सेवा नियमो में किये गए इतने बड़े बदलाव के बारे में हमें कोई जानकारी ही प्राप्त नहीं हो सकी.
  • सबसे ज्यादा ख़ास बात तो यह हैं की हमारे किसी अधिकारी या मंत्री जी ने भी इतनी बड़ी बात हमें नहीं बताई.
  • ऐसा नहीं हैं की यूनियन इस कार्य से सदा अनभिज्ञ रही हैं परन्तु इस समय स्ट्राइक के बाद से ही ऐसे किसी भी कार्य की जानकारी हमैं किसी भी सरकारी सूत्र से प्राप्त नहीं हो सकी.
  • मुझे यह स्वीकार करने में तनिक भी परेशानी नहीं हो रही हैं की यूनियन की इतने बड़े सेवा नियम संशोधन से अनभिज्ञता का कारण अधिकारियो/मंत्री जी से जानकारी नहीं ले पाना हैं.
  • इसके अतिरिक्त यदि सरकार संविदाकर्मियो के सेवा नियमो में बदलाव हमें बता कर करती तो सरकार की नियत पर विश्वास भी किया जा सकता था. परन्तु सरकार ने जिस प्रकार सभी से छुपा कर ख़ुफ़िया तरीके से इन नियमो में संशोधन किया हैं जिस कारण सरकार की नियत पर शक किया जा सकता हैं. हो सकता हैं की सरकार की भर्ती को किसी बहाने से उलझा दे.
     

दिनांक 22/06/2014 :                              भर्ती प्रक्रिया के सम्बन्ध में   

सरकार का भर्ती पूरा करने का दावा - जैसा की आप सभी जानते हैं की सरकार दावा कर रही हैं की वो जल्द ही इस भर्ती को पूरा कर देगी. इसके लिए भर्ती की समस्याओ के निस्तारण हेतु गठित की गई स्थाई समिति ने दिनांक 18/06/2014 को श्याम एस अग्रवाल जी की अध्यक्षता में एक मीटिंग की गई. इस मीटिंग में भर्ती हेतु कुछ ठोस निर्णय भी लिए गये थे.

DOP में भर्ती नियम संसोधन - फिलहाल DOP से किसी भी प्रकार के निर्देश जारी नहीं हुए हैं. और रही उम्मीदों की बात तो वो तो हमने पिछले एक साल से भी अधिक समय से लगा ही रखी हैं. अब देखना यह हैं की DOP में भर्ती नियमो में संसोधन कब तक होता हैं.

SLP वापस लेना - फिलहाल अपनी SLP भी सुप्रीम कोर्ट से वापस नहीं ली गई हैं. जिस दिन भी सुप्रीम कोर्ट में slp वापस लेने के लिए एफिडेविट देंगे उस के 4 से 5 दिन में slp वापस हो जाएगी.

जब DOP व slp का काम हो जायेगा उसके एक हफ्ते में ही लिस्ट निकाली जा सकती हैं परन्तु फिर भी सब कुछ सरकार की नियत पर ही निर्भर होगा.

बीकानेर संभाग से अनुरोध - बीकानेर संभाग (चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर)के सभी संविदा कर्मचारियों/ फ्रेशर से अनुरोध हैं की वे सरकार से अधिक से अधिक संपर्क बनाने व जल्द से जल्द इस भर्ती प्रक्रिया के निस्तारण करने हेतु निवेदन करे. इसके अतिरिक्त हमारी एक टीम जयपुर में भी SLP व DOP से सम्बंधित सभी क्रिया कलापों पर बराबर नजर रखे हुए हैं व जल्द ही वे जयपुर में सभी सम्बंधित अधिकारियो से मिल कर उनसे भर्ती के सम्बन्ध में अब तक हुए क्रिया कलाप की जानकारी ले कर भर्ती प्रक्रिया को गति देने का प्रयत्न करेंगे.   

आन्दोलन - उम्मीद होने के बाद भी हमें एक बात बिलकुल नहीं भूलनी चाहिए की यदि सरकार एक निर्धारित समय तक भी लिस्ट नहीं निकालती हैं और यदि अनिश्चितता के आसार तैयार हो तो हमें भी आन्दोलन के लिए तैयार रहना होगा.


दिनांक 19/06/2014 :                     कल की बैठक का असर : क्या हमें खुश होना चाहिए????  

कल श्याम एस अग्रवाल जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूनियन द्वारा की गयी मांग के अनुसार ही निर्णय लिया गया. 15% बोनस अंको द्वारा भर्ती किये जाने की खबर ने सभी संविदा नर्सेज/फ्रेशर में बधाई देने का सिलसिला शुरू कर दिया. तो क्या सच में संकट की घडिया समाप्त हो चुकी हैं ?????????????

दिनांक 18/06/2014 की बैठक का नतीजा - नर्सेज यूनियन की मांगो के अनुरूप 15% बोनस अंको पर भर्ती को मिली मंजूरी.

भर्ती हेतु प्रस्तावित अग्रिम कार्यवाई  -

  • सुप्रीम कोर्ट से विभिन्न विभागों द्वारा SLP वापस लेने हेतु निर्देश दिए गए.
  • भर्ती की फाइल को DOP (Department of Personal) भेजा जायेगा जहा पर उच्च न्यायलय जोधपुर के 15% बोनस अंको के फैसले के अनुरूप अपने भर्ती नियम के पैर 18 व 19 में आंशिक संसोधन किया जायेगा.
  • सुप्रीम कोर्ट से SLP वापस लेने व DOP में भर्ती नियम संसोधन के बाद 15% बोनस अंको के आधार पर भर्ती शुरू कर दि जाएगी.

संशय - सरकार द्वारा लिए गए उक्त फैसलों से सभी संविदा/फ्रेशर नर्सेज में ख़ुशी की लहर हैं. परन्तु ऐसा पहले भी कई बार हो चुका हैं की किनारे पर आते ही हमारी नौका को कोई सरकारी लहर डूबा देती हैं.  

  • 15% बोनस अंको पर भर्ती की मांग सिर्फ नर्सेज की थी तो कैसे सरकार बाकी सभी कैडर की भर्ती 15% से कर सकती हैं.
  • जब तक सुप्रीम कोर्ट में SLP थी तब तक इस भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता था परन्तु एक बार जब इस भर्ती से सम्बंधित SLP वापस ले ली जाएगी तब इसे रद्द दिया जा सकता है.
  • अब सब कुछ सरकार की नियत पर निर्भर हैं. और किसी संशय में वर्षो तक बैठे रहने से अच्छा हैं की जो होना हैं थोडा जल्दी से हो जाये.
  • साथियों संशय अभी भी हैं. भले ही सरकार हमे कितना भी आश्वस्त करे पर हमें अपनी पूरी तैयारी कर के रखनी हैं. ऐसे नहीं तो वैसे भर्ती तो पूरी करवा ही लेंगे.   

दिनांक 18/06/2014 :          कल बीकानेर आएगी सरकार, सरप्राइज विजिट करेंगी मुख्यमंत्री  

 

बीकानेर| सरकार 19 जून को बीकानेर संभाग के दौरे पर आ रही है लेकिन मुख्यमंत्री के मिनिट टू मिनिट प्रोग्राम का इंतजार हो रहा है। यह तय है कि मुख्यमंत्री मंत्री वसुंधराराजे अपने दस दिन के कार्यक्रम के दौरान सरप्राइज विजिट करेंगी लेकिन उनका अधिकृत कार्यक्रम अब तक जारी नहीं हुआ है। 
मुख्यमंत्री वसुंधराराजे 19 जून को दोपहर बीकानेर पहुंचेंगी। अपराह्न तीन बजे वेटनरी विश्वविद्यालय के सभा कक्ष में वे कार्यक्रम को लेकर मंत्री, प्रमुख सचिव, शासन सचिव, सचिवों व प्रमुख अधिकारियों को ब्रिफिंग देंगी। 20 जून से मंत्रियों के दौरे शुरू हो जाएंगे। सीएम का करीब चार-छह दिन बीकानेर प्रवास माना जा रहा है। इस दौरान संभवतया वे गजनेर पैलेस में ठहरेंगी और वहीं से संभाग की गतिविधियों पर नजर रखेंगी। सरप्राइज विजिट को देखते हुए संभावित स्थलों पर तैयारी रखी जा रही है। इसमें पीबीएम अस्पताल, चौखूंटी और पूगल रोड ओवर ब्रिज भी शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री ग्रामीण क्षेत्रों में भी जाएंगी। उनका श्रीडूंगरगढ़, लूणकरणसर और खाजूवाला जाने का कार्यक्रम बन सकता है। लूणकरणसर में सीएम 24 को जनसुनवाई कर सकती हैं। इसे देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मंत्री सभी पंचायत समिति क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और जनसुनवाई भी करेंगे। बीकानेर ब्लॉक की जनसुनवाई 23 जून को अरुण चतुर्वेदी डूंगर कॉलेज में करेंगे। 28 जून की रात तक सभी मंत्री बीकानेर पहुंच जाएंगे। 29 जून को वेटरनरी विवि में ही मुख्यमंत्री उनसे फीड बैक लेंगी। बैठक में केबिनेट नोट तैयार होगा। केबिनेट की बैठक 30 जून को रखी गई है।

 

 

सरकार के बीकानेर दौरे के दौरान सभी साथियों से निवेदन है की वे मुख्यमंत्री महोदया व चिकित्सा मंत्री जी से मिल कर अलग अलग मांगे न रख कर निर्धारित प्रारूप में सामान मांग पत्र (Click Here To Download) सौपे.


दिनांक 18/06/2014 :                             भर्ती हेतु गठित स्थाई समिति की बैठक  

आज श्याम एस. अग्रवाल जी की अध्यक्षता में अटकी हुयी भर्ती की समस्या के निराकरण हेतु बैठक का आयोजन किया गया. आज पूरे दिन सभी संविदाकर्मी बैठक के समाप्त होने का इन्तजार करते रहे. परन्तु बैठक की समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार के मीटिंग मिनट्स जारी नहीं किये गए. सूत्रों से जानकारी लेने पर पता चला की दिनांक 09/06/2014 को राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन, संविदा नर्सेज मेडिकल कॉलेज, जयपुर व बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन की अग्रिम पंक्ति के संघर्षशील लोग देवाराम चौधरी, रमाकांत शर्मा, महेश मीना, अभिनीत भारद्वाज, दीपक मीणा, साजन सियाग, शिवराज चारण, मनीराम चौधरी, मुकेश धाकड़, सीताराम चौधरी, प्रमोद मीणा व अन्य ने जयपुर जा कर चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र सिंह जी राठौर जी व इस भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मुलाक़ात कर जो मांगे मांगी थी उन पर सकारात्मक निर्णय लिया गया हैं.

इस बैठक के अतिरिक्त ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा एक आदेश भी जारी किया गया जिस से प्रतीत होता हैं की सरकार इस भर्ती की वरीयता सूचि उच्च न्यायलय, जोधपुर के आदेशानुसार 15% बोनस अंको द्वारा जारी की जा सकती हैं और पूर्व में 30 पर लगे लोगो की संख्या का आंकलन करना चाहती हैं. परन्तु जैसा की आपको बताया गया हैं इस बैठक के नतीजे के सम्बन्ध में किसी प्रकार के दस्तावेज प्राप्त नहीं किये गए हैं. उम्मीद हैं की आने वाले निकट समय में ही इस बैठक की समस्त कार्यवाही की जानकरी प्राप्त कर ली जाएगी.        

 


दिनांक 18/06/2014 :                         जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, अजमेर 

जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, अजमेर में urgent temporary basis पर लगे ऐसे नर्सेज जिन्हें नौकरी करते हुए एक वर्ष हो चुका हैं उन्हें नौकरी से निकालने के लिए एक आदेश जारी किया गया हैं.

प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक कार्यालय, जवाहर लाल नेहरु आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संलग्न चिकित्सालय, अजमेर द्वारा दिनांक 11 जून 2014 को जारी किये गए आदेश में सुबोध अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा द्वारा विडियो कांफ्रेंस के दौरान दिए गए निर्देशों को आधार माना गया हैं.

इस आदेश के अनुसार यदि किसी भी urgent temporary basis पर लगे ऐसे नर्सेज जिन्हें एक वर्ष का समय हो चुका हैं इनकी सेवाए समाप्त कर कर रिक्त पदों को नॉन गवर्मेंट आर्गेनाईजेशन के भरने का प्रस्ताव रखा गया हैं. इस समस्या के निस्तारण के लिए जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के दिनेश मीना ने अपने साथियों के साथ मिल कर जोधपुर हाई कोर्ट से स्टे की मांग कर रहे हैं. यदि किसी साथी को स्टे से सम्बंधित जानकारी लेनी हो तो वे अधिक जानकारी के लिए दिनेश मीना (7877301250) से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर ले.


दिनांक 14/06/2014 :                        आन्दोलन की रणनीति : पिछली गलतियों से सबक 

आन्दोलन की संभावित परिस्थितियों के मद्देनज़र हमें अपने अगले आन्दोलन की तैय्यारी शुरू कर देनी चाहिए. इसके लिए सबसे पहले पिछले आन्दोलन की गलतियों का विषलेक्षण कर उन्हें सुधारा जाना चाहिए. आन्दोलन संचालन हेतु प्रमुख रणनीतिकार के रूप में मुझसे बहूत बड़ी बड़ी गलतिया हुई हैं. और शायद मेरी ही कुछ बड़ी गलतियों के कारण हमें अभी तक नियुक्ति नहीं मिली हैं और इसकी समस्त जिम्मेदारी मेरी हैं. और भविष्य में इनकी पुर्न्राव्रत्ति ना हो इसके लिए इन गलतियों का विषलेक्षण किया जाना चाहिए.

गलतिया :-

  • आन्दोलन का विकेन्द्रीयकरण :- इस आन्दोलन हेतु जयपुर में सरकार से सिर्फ 40 के धरने की अनुमति ही प्राप्त की जा सकी. जिस से धरना व आन्दोलन जयपुर में केन्द्रित होने की अपेक्षा जिलो व ब्लाक स्तर पर विकेन्द्रित हो गया.
  • जयपुर आन्दोलन का कमजोर होना :- इस आन्दोलन के नतीजे सिर्फ और सिर्फ जयपुर में किये जाने वाले क्रिया कलापों से ही प्राप्त होने थे परन्तु जयपुर का आन्दोलन इतना मजबूत नहीं था की कोई स्पस्ट नतीजा दे सके. इसके विभिन्न कारण थे.
  • जयपुर धरने के लिए बैकअप ना होना :- जयपुर धरने की सबसे बड़ी लाचारी यह रही की जितने लोग शुरू में जयपुर धरने पर आये मुख्यतः वे ही अन्तिम दिन तक जयपुर धरने का हिस्सा बने रहे. बार बार बुलाने पर भी कोई जयपुर नहीं आया.
  • गुटबाजी :- बहुत कम लोगो को ही इस बात की जानकारी हैं की इस बार का आन्दोलन विशेष रूप से जयपुर का आन्दोलन पूर्णतः गुटबाजी से त्रस्त था. एक गुट विशेष के लोगो ने अपने संभाग/जिले/ब्लाक के लोगो को जयपुर से जान बुझ कर दूर रखा. इन लोगो ने जयपुर आन्दोलन में ओपचारिकतावश  मात्र सांकेतिक भुमिका ही निभाई थी. जिसका प्रभाव जयपुर धरने में जिलो की प्रतिभागिता, जयपुर धरना स्थल पर रात्रि विश्राम, धरना स्थल के रख रखाव सम्बन्धी क्रिया कलाप, स्वयं की सहमति से आन्दोलन समाप्ति के बाद भी दोषारोपण  व वित्तीय प्रबंधन में पूर्ण रूप से देखा गया.
  • वित्तीय प्रबंध (जयपुर) :- सभी जिलो में धरना होने के कारण जयपुर को अपने स्तर पर वित्तीय प्रबंध करने थे. परन्तु जयपुर के हालात बहुत कमजोर होने से जयपुर अपने स्तर पर वित्तीय प्रबंध नहीं कर सका. जिसकी सारी जिम्मेदारी यूनियन के ऊपर आ गयी. ऐसे में यूनियन ने प्रदेश एक सभी जिलो से वित्तीय सहायत की मांग की. ऐसे में एक गुट विशेष के सभी जिले पीछे हट गए. और जो शेष रहे उनकी मदद से जयपुर में आन्दोलन को जारी रखा गया.

प्रस्तावित सुधार :-

  • आन्दोलन का केन्द्रीयकरण :- इस बार इस आन्दोलन को पूर्णतः जयपुर में ही केन्द्रित किया जाना चाहिए. यदि कम लोगो की अनुमति भी मिले तो भी बारी बारी से संभाग/जिले द्वारा जयपुर में आन्दोलन का संचालन किया जाये. इसके अभ्यास के लिए अभी से ही संभाग/जिले वार हर सप्ताह जयपुर आ कर क्रिया कलापों का संचालन जाना चाहिए.
  • जयपुर आन्दोलन को मजबुती :- जिला स्तर के  ऐसे सभी क्रिया कलापों को नहीं करना चाहिए जिसमे सभी लोगो का भाग लेना जरूरी हो व जिसके लिए वित्तीय प्रबंध किये जाये जैसे धरना आदि. जिला स्तर पर मात्र कुछ लोगो द्वारा ज्ञापन आदि जैसे कार्यो का संपादन ही किया जाना चाहिए. इस प्रकार बहूत सारे लोगो को एक साथ अलग अलग जगह व्यस्त रखने से अच्छा हैं की बारी बारी से सभी जिले/संभाग जयपुर में आन्दोलन का संचालन करे.
  • जयपुर आन्दोलन के लिए बैकअप :- यदि जिला/ब्लाक स्तर पर धरने का आयोजन नहीं किया जाये तो बारी बारी से सभी जिले/संभाग जयपुर के आन्दोलन को बैकअप दे सकेंगे और इस प्रकार जयपुर का आन्दोलन कभी भी कमजोर नहीं पड़ सकता.
  • गुटबाजी :- गुटबाजी का मुख्य कारण होता हैं स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करना एवं गुटबाजी का मुख्य उद्देश्य होता हैं दुसरे को निचा साबित करना. यदि दो गुटों को एक साथ काम करने को मजबूर किया जाये तो वे दोनों गुट ही पूरे आन्दोलन को खोखला कर देते हैं. इसके लिए एक कार्य किया जा सकता हैं. की या दोनों गुटों को एक साथ बैठ कर काम ही ना करने दिया जाये. अर्थात एक पूरे कार्य की आंशिक जिम्मेदारी दोनों गुटों को देने से अच्छा हैं की किसी आंशिक कार्य की पूर्ण जिम्मेदारी ही गुट को दे दि जाये. इसका समाधान भी संभाग/जिला स्तर पर जयपुर के आन्दोलन का पूर्ण संचालन द्वारा किया जा सकता हैं.
  • वित्तीय प्रबंध (जयपुर) :- जयपुर आन्दोलन के दौरान यह सिद्ध हो चुका हैं की क्रिया कलापों का वित्तीय प्रबंध मात्र जयपुर से नहीं किया जा सकता हैं और गुटबाजी के चलते प्रदेश के सभी जिले जयपुर के लिए वित्तीय प्रबंध भी नहीं करेंगे. तो इसका यही उपाय हैं की जो जिला/संभाग जिस समय जयपुर के आन्दोलन का संचालन करेगा उस समय के संचालन व समस्त वित्तीय प्रबंध उन्हें ही करने होंगे. इस प्रकार सभी जिलो, संभागो व गुटों को अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने का पूरा पूरा मौका मिलेगा.

जयपुर में आन्दोलन व स्ट्राइक के लिए फ्रेशर सबसे ज्यादा उतावले हैं परन्तु स्ट्राइक का फैसला सिर्फ और सिर्फ संविदाकर्मियो को ही लेना हैं. अतः सभी संविदाकर्मियो से अपील हैं की वे इसके सम्बन्ध में www.facebook.com/jagonurses पर अपने विचार रखे. वो लोग भी आन्दोलन के संचालको पर प्रशन उठाते रहते हैं जिन्होंने आन्दोलन के दौरान जयपुर धरना स्थल की शक्ल तक नहीं देखी. तो इस प्रकार के फ़ोकट आलोचकों से विचलित न हो. अपितु आन्दोलन की रुपरेखा हेतु कर्मठ साथियों को इकठ्ठा करे. 


दिनांक 13/06/2014 : सोमवार को मंत्री जी से हुई मुलाक़ात में तुरन्त ही लिस्ट जारी करने के आदेश बनाने के सम्बन्ध में जो बात हुई थी उसका फीडबैक लेने पर पता चला की ऐसा कोई आदेश आज दिनांक तक नहीं बनाया गया हैं.

जबकि सोमवार को जितनी तत्परता से क्रिया कलाप हुए उस से तो यही लगता था की मंगलवार तक लिस्ट जारी करने सम्बन्धी आदेश जारी कर दिए जायेंगे. परन्तु इस बार फिर से हर बार की तरह वही हुआ. जयपुर से वापस आने के बाद जयपुर स्वास्थ्य भवन या निदेशालय में कोई काम हुआ हो ऐसी जानकारी प्राप्त नहीं हुई हैं. सभी लोगो से निवेदन हैं की बहुत ज्यादा आशावादी ना बने. जब तक लिस्ट जारी नहीं हो जाती स्वयं को संघर्ष हेतु तत्पर रखे. और प्रत्येक बार बुलाये जाने पर जयपुर आये. इस भर्ती का परिणाम जयपुर के संघर्ष से ही प्राप्त होगा.


दिनांक 12/06/2014 :                    20 जून से सरकार बीकानेर में : बीकानेर संभाग के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी  

जैसा की आप सभी साथियों को पता हैं की सरकार 20 जून से बीकानेर संभाग में होगी. इस दौरान बीकानेर संभाग के संविदा कर्मचारियों व फ्रेशर पर स्वतः ही अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी. अतः निम्न कार्यकारिणीयो में शामिल महानुभावो से निवेदन है की आपस में मिल कर या वार्ता कर के तुरंत ही अपनी रणनीति तैयार करे.

बीकानेर संभाग -

बीकानेर की जिला कार्यकारिणी

चुरू की जिला कार्यकारिणी (चिकित्सा मंत्री जी का गृह जिला होने के कारण विशेष ध्यान दे )

हनुमानगढ़ जिला कार्यकारिणी

गंगानगर की जिला कार्यकारिणी

बीकानेर मेडिकल कॉलेज की जिला कार्यकारिणी


दिनांक 10/06/2014 :                           कल की मीटिंग : एक उम्मीद भरा दिन  

बहुत दिनों तक इन्तजार करने के बाद भी जब संघर्ष करने के लिए कोई आगे नहीं आया तब कल दिनांक 09/06/2014 को राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन, संविदा नर्सेज मेडिकल कॉलेज, जयपुर व बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन की अग्रिम पंक्ति के संघर्षशील लोग देवाराम चौधरी, रमाकांत शर्मा, महेश मीना, अभिनीत भारद्वाज, दीपक मीणा, साजन सियाग, शिवराज चारण, मनीराम चौधरी, मुकेश धाकड़, सीताराम चौधरी, प्रमोद मीणा व अन्य ने जयपुर जा कर चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र सिंह जी राठौर जी व इस भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मुलाक़ात की.

कल सुबह ही सभी लोग चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौर जी के निवास पर इकठ्ठा हुए. जहा पर राजेंद्र सिंह जी राठौर साहब ने जैसे ही बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन के महेश मीना को देखा तो वे भड़क गए (महेश मीना ने उनके साथ कोई गलत सुलूक नहीं किया पर उनके रोज रोज आने से भी मंत्री जी नाराज हो गए थे परन्तु उनका रोज जाना भी बहूत जरूरी था) . उन्होंने किसी भी प्रकार की बातचीत करने से मना कर दिया. जिस से सभी लोगो में निराश हो गए. जिसके तुरंत बाद अभिनीत भारद्वाज व देवाराम चौधरी जी ने उनसे विनम्र निवेदन किया की आपके कहने से हमने स्ट्राइक तोड़ी थी. और हम यह जानने आये हैं की लिस्ट जारी करने के आपके वायदे को आप कब तक पूरा कर पाएंगे. जिसके जवाब में मंत्री जी ने भी विनम्र शब्दों का प्रयोग किया और कहा की अभी स्वास्थ्य भवन में एक मीटिंग हैं आप लोग भी 2 बजे स्वास्थ्य भवन में आ जाये जैसे ही मीटिंग ख़त्म होगी अपन लोग वही बैठ कर तसल्ली से बात करेंगे.

जिसके बाद सभी साथीगण स्वास्थ्य भवन व सचिवालय में अपनी भर्ती से सम्बंधित सभी अधिकारियो से मिले. जिनसे यही जानकारी प्राप्त हुई की यदि मंत्री जी आदेश बना दे तो तुरंत ही आपकी लिस्ट जारी की जा सकती हैं. इसके बाद मीटिंग के बाद मंत्री जी ने सभी से मुलाक़ात की और बात करते करते उन्होंने नीरज के. पवन जी को बुलवा लिया. नीरज के. पवन जी से उन्होंने कहा की जल्द से जल्द लिस्ट कैसे जारी की जा सकती हैं इस पर नीरज के. पवन जी ने कहा की इसके लिए आपको लिस्ट जारी करने का  आदेश बनाना पड़ेगा तब मंत्री जी ने दीपक उप्रेती जी को भी फोन कर कर वही बुलवा लिया व कहा की आज से ही लिस्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं. इस प्रकार मंत्री जी ने जल्द से जल्द लिस्ट जारी करने के लिए प्रक्रिया शुरू करवाई.

आज तक इस प्रकार के बहुत से आश्वासन हमें मिलते रहे हैं और प्रक्रियाओ में उलझाया गया हैं इसलिए जब तक लिस्ट जारी नहीं हो जाती तब तक हमें संघर्ष प्रक्रिया जारी रखनी होगी.

वे सभी नेतागण महोदय जो अपने अपने घरो व गृह जिलो से बैठे बैठे ही इस आन्दोलन का संचालन कर रहे हैं उन्हें भी अपने घरो से बाहर निकल कर जयपुर तक आना चाहिए. आप चाहे कोई सलाह देना चाहो, कोई आलोचना करना चाहो घर बैठे बहते इन्टरनेट या फ़ोन पर मत करो. यहाँ जयपुर आ कर करो.


दिनांक 07/06/2014 : स्ट्राइक समाप्त होने के कुछ समय बाद से ही यह महसूस किया जाने लगा था की भर्ती से सम्बंधित संघर्ष को आगे बढाने के लिए कुछ नए लोगो को आगे आना होगा. इसलिए आचार संहिता समाप्त होने के बाद जितने भी प्रयास यूनियन द्वारा किये गए उनके बारे में कभी किसी को बताया नहीं गया. इसके पीछे कारण यह था की जब लोगो को लगेगा की इस भर्ती पूरा करने के लिए को भी प्रयास नहीं कर रहा हैं तब कुछ संविदाकर्मी तो इतने गैरतमंद होंगे जो आगे बढ कर जयपुर तक इस आन्दोलन में अग्रणी भुमिका निभाएंगे और ऐसी परिस्थिति में अपना आन्दोलन और भी ज्यादा मजबूत हो जाता. 

परन्तु इस बार फिर से वही हुआ. लोग आगे आते तो हैं पर सिर्फ आलोचना करने, सलाह देने या फिर भर्ती से सम्बंधित खबर लेने. ऐसे में जो लोग थोड़ी बहुत लीडरशिप करते भी हैं तो वो अपने जिलो से बाहर नहीं निकलते हैं जबकि इस आन्दोलन को जयपुर में गति देना ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं.

ऐसे संविदाकर्मी जो जयपुर तक इस आन्दोलन को मजबूत बना सके उन सभी का इन्तजार हैं और जब तक यूनियन को ऐसे लोग नहीं मिल जाते तब तक क्रांतिकारियों की एक मात्र टीम का एक बार फिर से स्वागत हैं.

आचार संहिता के बाद के आन्दोलन के प्रथम चरण में कल सोमवार से सभी जिले के लोग यथासंभव अपने क्षेत्र के विधायको व सांसदों से मुलाक़ात कर उन्हें अपने ही स्तर पर इस भर्ती को पूरा करने हेतु ज्ञापन दे. जिले से योग्य व्यक्ति एक टीम के रूप में कार्य करे व जिन सांसदों व विधायको को ज्ञापन दिया जाये उनका ब्यौरा व ज्ञापन की कॉपी nrhm-rajasthan-union@gmail.com तथा jagonurses@gmail.com पर आवयशक रूप से मेल कर दे.

नोट -

ज्ञापन जिला कलेक्टर, विधायक, सांसद और भाजपा जिला अध्यक्ष को दिया जाये. 

ज्ञापन विधायक, सांसद के अतिरिक्त मुख्यमंत्री महोदय, चिकित्सा मंत्री जी आदि के नाम अनिवार्य रूप से दिए जाये.                


दिनांक 04/06/2014 :                           बहुत हो चुका आराम ............... अब और हरामखोरी नहीं

फरवरी में हुए आन्दोलन से हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ परन्तु इसका यह अर्थ नहीं हैं की हमारा आन्दोलन व्यर्थ रहा. जरूरत हैं तो सिर्फ उस आन्दोलन के परिणाम प्राप्त करने की.

आन्दोलन के समय जो विश्वास हमें दिया गया था. उसके बाद मुख्यमंत्री जी, चिकित्सा मंत्री जी सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकारियो से पूर्व की भांति मजबुत सामंजस्य बना कर इस भर्ती को पूरा करने के प्रयास किये जाने थे.

जिन लोगो के प्रयास के कारण इस भर्ती का प्रारूप तय हुआ. जिन लोगो के प्रयास के कारण हमारी भर्ती प्रक्रिया बनी. जिन लोगो के प्रयास के कारण हमारा वेरिफिकेशन हुआ. जिन लोगो के प्रयास के कारण इस भर्ती को रद्द नहीं किया जाने दिया गया. जिन लोगो के प्रयास के कारण इतने बड़े आन्दोलन का संचालन किया जा सका. जिन लोगो के प्रयास के कारण जयपुर जैसी जगह पर जहा बार बार बुलाये जाने के बाद भी 8200 संविदाकर्मियो में से मात्र 20 कर्मचारी ही 24X7 उपस्थित रहे उस स्थान पर दिन रात लगातार अपने गृह जिले से दूर रह कर आन्दोलन के केंद्र के रूप में संचालन किया जा सका. ऐसे लोगो से मेरा निवेदन हैं की वे जाग्रत हो. बाकी लोग आपको श्रम करते देख कर आपके अथक प्रयासों में कमिया ही निकाल सकते हैं.

भर्ती प्रक्रिया को पुनः जीवित करने के लिए अन्य निकम्मे लोगो को बहुत समय दिया जा चुका हैं परन्तु कोई अन्य व्यक्ति प्रयास करने का इच्छुक ही नहीं हैं. सभी को आदत हैं अपने घर बैठ कर मैच देखने की. और उस पर ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रतिक्रिया देने की.

मैं अपने राज्य के सभी कर्मठ संविदाकर्मियो व फ्रेशर भाइयो से पुनः आग्रह करता हु की वे इस महत्वपूर्ण समय में इस भर्ती को अकर्मण्य लोगो के भरोसे ना छोड़े. मुझे राजस्थान के सभी क्रन्तिकारी संविदाकर्मियो व फ्रेशर से यह पूरी उम्मीद हैं की वे हमें निराश नहीं करेंगे. आप सभी भाई यदि तैयार हो तो आगे की रणनीति पर अमल किया जा सकता हैं.    


दिनांक 12/05/2014 : आज एसएमएस अस्पताल के ऑडिटोरियम में अन्तरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौर जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे. जहा एनआरएचएम कर्मी अजय शर्मा (भीलवाडा) भी पूरे समय उपस्थित थे. चिकित्सा मंत्री जी ने 33 नर्सेज को श्रेष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने भाषण में नर्सेज के योगदान व चिकित्सकीय एवं सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में भी बताया परन्तु उनसे अटकी हुयी भर्तियो के बारे में पूछे जाने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

अपने पूरे भाषण में उन्होंने कही भी अटकी हुयी भर्तियो के संबंध में एक शब्द भी नहीं कहा ......... पूछे जाने पर भी नहीं. तो अब हम इसका क्या अर्थ निकाले ...... क्या मंत्री जी भूल गए की उन्होंने इतने लोगो के बिच एक नर्स बहन से सर पर हाथ रख कर क्या कसम खाई थी. या भाजपा भी कांग्रेस के सामान विकास कार्यो के रूप में मात्र निर्जीव निर्माण कार्यो को ही प्राथमिकता देगी. 

चिकित्सा मंत्री ने दी नर्सिंग निदेशालय की सैद्धांतिक सहमति

Surendra Swami|May 12, 2014, 17:45PM IST
 
चिकित्सा मंत्री ने दी नर्सिंग निदेशालय की सैद्धांतिक सहमति
 
जयपुर। चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार करके राजस्थान प्रदेश लगे बीमारु का कलंक हटाया जाएगा। सुधार के लिए प्रयास तेज कर दिए है। वे सोमवार को एसएमएस अस्पताल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
 
राठौड़ ने नर्सिंग संवर्ग के लिए अलग से स्वास्थ्य निदेशालय खोलने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। उन्होंने राज्य की सरकारी नर्सिंग संस्थानों में इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मापदंडों को पूरे करने के लिए भवन, छात्रावास के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति दी है।
 
इस मौके पर चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ.बी.आर.मीणा, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुभाष नेपालिया, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) दिनेश जांगिड़, एसएमएस अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ.मानप्रकाश शर्मा, राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार जोगेन्दर शर्मा समेत अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

इन्हे मिला राज्य फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड :
चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने नर्सिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय व सराहनीय कार्य के लिए फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड दिया गया। जिसमें स्निग्धा थोमस (जयपुर), देवी सिंह ( चूरू), भैंरु प्रकाश मीणा (बूंदी), अशोक डिन्डोर(डूंगरपुर), अब्दुल जब्बार(चित्तौडगढ), भरत कुमार यादव (बांसवाड़ा), अशोक कुमार शर्मा (झालावाड़), चंद्र प्रकाश शर्मा( बांरा), दिनेश कुमार शर्मा (टोंक), अनिल कुमार अरोड़ा ( गंगानगर), कैलाश चंद्र शर्मा (हिंडोन सिटी), परमेश्वर कुमार (अजमेर), आइदान राम चौधरी (सिरोही), नाना लाल कुमावत ( राजसमंद), मुरलीधर शर्मा (जोधपुर), कौशल्या दैवी( जालौर), गुरुदयाल सैनी( झूंझुनू), नरेश निनामा ( प्रतापगढ़), रविन्द्र जीत सिंह भाटिया (कोटा), मंगलाराम विश्नोई (बाड़मेर), गौरी सक्सेना ( दौसा), अनिता बोई ( हनुमानगढ़), बुलाकी राम सैनी (भरतपुर), निर्मला देवी (सवाईमाधोपुर), फूलवती मीणा (धोलपुर), सरोज स्वामी ( बीकानेर), रमेश चंद्र यादव (सीकर), अफाक अहमद नकवी (जयपुर), रामधन बारठ (जैसलमेर), उत्सव सोमानी ( भीलवाड़ा), नवल किशोर शर्मा (अलवर), भूपेन्द्र शक्तावत (उदयपुर) एवं अचंबा थोमस (पाली)। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


दिनांक 02/05/2014 : राज्य में आचार संहिता में राहत मिलने के साथ ही अब हमें फिर से अपनी अटकी हुई भर्ती को पूरा करने के प्रयास करने होंगे.

> प्रत्येक जिले के ऐसे लोग जो संघर्षशील हैं व जिन्होंने फरवरी के आन्दोलन में सराहनीय योगदान दिया था. उन्हें फिर से इकट्ठा करना होगा.

> ऐसे लोगो से ध्यान हटाना होगा जो अपने गृह जिले या घर में ही बैठे रह कर मोबाइल फोन या इन्टरनेट द्वारा ही आन्दोलन में अपना योगदान देना चाहते हैं.

> पिछले आन्दोलन में अपने घर से दूर जयपुर में दिन रात सड़क पर पड़े रह कर इस आन्दोलन को असली गति देने वाले क्रांतिकारियों को इस बार आगे आ कर नेतृत्व करना होगा.

> सबसे पहले वार्ता का दौर फिर से शुरू करना होगा.

- जिले वार वार्ता में जिले के लोगो को जिले के विधायको, CMHO, जिला कलेक्टर आदि के माध्यम से ज्ञापन देने होंगे.

- प्रदेश स्तरीय वार्ता में मुख्यमंत्री महोदया, प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियो, विधायको, प्रशासनिक अधिकारियो को ज्ञापन देने होंगे.

- हर बार ज्ञापन दे कर इस भर्ती को पूर्ण करने सम्बन्धी मुद्दों को शीघ्रता से निस्तारण करने का आग्रह करने के बाद न्यूज़ पेपर में भी प्रेस नोट दे. प्रिंट मीडिया के अतिरिक्त राष्ट्रिय अथवा प्रादेशिक न्यूज़ चेनल में भी अपनी न्यूज़ देनी होगी.

फिलहाल आन्दोलन में भाग लेने हेतु सक्षम लोगो को उनके पिछले आन्दोलन में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर चयनित किया जा रहा हैं. शीघ्र ही इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा. 


दिनांक 30/04/2014 : आज सुप्रीम कोर्ट में हमारे केस की सुनवाई हुई. परन्तु जैसा की आज तक होता आया हैं आज भी कोर्ट में कुछ नहीं हुआ. और इसी प्रकार आने वाली तारीख पर भी कुछ होने की उम्मीद नहीं हैं. अब जब की आचार संहिता से पर्याप्त राहत मिल चुकी हैं. अब यदि सरकार चाहे तो कुछ हो सकता हैं. परन्तु हमारे प्रयास के बिना सरकार हमें कुछ भी नहीं देगी. इसलिए प्रत्येक वह साथी जिसे लगता हैं की इस आन्दोलन को नए नेतृत्व की जरूरत हैं नई दिशा की जरूरत हैं वो आगे आये.

वे सभी संविदाकर्मी/फ्रेशर जो अपने घरो व जिलो में बैठे रह कर बातें करने के अलावा भी कुछ करना चाहते हैं वे nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर अपना विस्तृत परिचय दे. सरकार से लगातार वार्ता का दौर बनाये रखना होगा अन्यथा सब कुछ हमारे साथ से निकल जायेगा और यह भर्ती सिर्फ ख्वाबो में ही रह जाएगी.  

ITEM NO.85 REGISTRAR COURT.1 SECTION XV

            S U P R E M E   C O U R T   O F   I N D I A
                         RECORD OF PROCEEDINGS

                   BEFORE THE REGISTRAR SANJIV JAIN

Petition(s) for Special Leave to Appeal (Civil) No(s).32008-32009/2013

STATE OF RAJASTHAN & ORS                          Petitioner(s)

                 VERSUS

ARCHANA ETC.                                      Respondent(s)
(With prayer for interim relief and office report)
WITH SLP(C) NO. 3026 of 2014
(With office report)
SLP(C) NO. 33653 of 2013
(With prayer for interim relief and office report)
SLP(C) NO. 34246 of 2013
(With prayer for interim relief and office report)
SLP(C) NO. 39720 of 2013
(With prayer for interim relief and office report)

Date: 21/02/2014  These Petitions were called on for hearing today.


For Petitioner(s)
                        Mr. Shiv Mangal Sharma, Adv.
                        Mr. Akshat Anand, Adv.
                     Ms. Ruchi Kohli,Adv.
                        Mr. S.S. Shamshery, Adv.
                     Mr. Sarad Kumar Singhania, Adv.
                        Ms. Sanjoli Mittal, Adv.
                     Ms. Aishwarya Bhati, Adv.


For Respondent(s)


           UPON hearing counsel the Court made the following
                               O R D E R

SLP(C) No.32008/2013
        Notices issued to both the respondents have not been received  back.
 Fresh steps be taken for service on respondent  Nos.1  and  2  through  the
concerned District Court besides other postal means.
SLP(C) NO. 34246 of 2013
        Respondent No.2 has been served  but  none  has   appeared  nor  any
steps have been taken on his behalf.
Item No.85                              -2-

        Respondent Nos.1, 3 and 4 are yet to  be  served.   Fresh  steps  be
taken for service on the said respondents
through the concerned District Court besides other postal means.
SLP(C) NO. 39720 of 2013
        Respondent Nos.1 to 3 have been served.
        The learned Advocate, Mr. Akshat Anand, appearing on behalf  of  Ms.
Ruchi Kohli, Advocate-on-Record seeks four weeks' time to  file  vakalatnama
and counter affidavit in respect  of  respondent  Nos.1  to  3  -  State  of
Rajasthan. Vakalatnama be filed.  Counter affidavit  be  filed  within  four
weeks thereafter.
        Respondent Nos.4 to 9 are yet to be served.  Fresh  steps  be  taken
for service on the said respondents through  the  concerned  District  Court
besides other postal means.
SLP(C) NO. 33653 of 2013
        The office report indicates that process fee and spare  copies  have
not been filed.  Let it be filed within two weeks.  Notice be issued to  the
respondents thereafter.
SLP(C) NO. 3026 of 2014
        Service report in respect of all the five respondents is awaited.
        List again on 30.4.2014.


|                             |               |(SANJIV JAIN)                    |
|                             |               |REGISTRAR                        |


rd  

दिनांक 17/04/2014 :                     हो गया मतदान ................ अब भर्ती का क्या ????? 

28 फरवरी को सरकार द्वारा भर्ती पूरी किये जाने का आश्वाशन दिए जाने के पश्चात समस्त विभागों के संविदा कर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त की. जिसके बाद आचार संहिता लागू हो गई. इसके काफी समय बाद आज मतदान का दिवस भी आ गया. परन्तु हमारी अटकी हुई भर्ती से सम्बंधित कुछ सवाल हैं जिनका कोई जवाब अभी तक नहीं मिल पा रहा हैं.

> 28 फरवरी को स्ट्राइक टूटने के बाद आज दिनांक तक इस भर्ती को पूरा किये जाने के लिए क्या प्रयास किये गए?

> जिन लोगो ने 28 फरवरी को स्ट्राइक टूटने को उचित ठहराया था उन्होंने स्ट्राइक टूटने के बाद भर्ती पूरी करने के लिए क्या किया?

> जिन लोगो ने स्ट्राइक टूटने का विरोध किया था उन्होंने इस भर्ती को पूरा करने के लिए क्या किया?

> क्या किसी ने भी 28 फरवरी के बाद इस भर्ती के संबंध में किसी अधिकारी से या किसी राजनेता से मुलाक़ात की?

> क्या अब किसी के पास आगे की कार्य योजना हैं. ........ क्या अब "क्या नहीं करना हैं" के स्थान पर "अब क्या करना हैं" के विषय में बात कर सकते हैं.

> मेरा व्यक्तिगत विचार यह हैं की इस आन्दोलन को कुछ ऐसे लोगो की आवश्यकता हैं जो की गुट निरपेक्ष हो या फिर किसी भी गुट के हो, आरोप प्रयारोप के इस दौर में शामिल हो या ना हो, एनआरएचएम में हो या मेडिकल कॉलेज में हो या फिर फ्रेशर हो  .....  जिन्होंने इस आन्दोलन में अपना सर्वस्व दिया हो. ध्यान दे की यहाँ आन्दोलन स्थल से दूर बैठ कर इन्टरनेट पर या फ़ोन पर क्रांतिकारी बातें करने वाले लोगो की बात नहीं की जा रही हैं बल्कि उन लोगो की बातें की जा रही हैं जिन्होंने सशरीर उपस्थित हो कर आन्दोलन में अपना योगदान दिया था.

> वे लोग जो आन्दोलन के दौरान धरना स्थल पर अधिकतम रात को रुके हो, बुलाये जाने पर जयपुर आये हो, जिन्होंने रक्त दान किया हो. अधिकतम समय धरना स्थल पर उपस्थित रहे हो, धरने की व्यवस्था सँभालने में विशेष योगदान दिया हो. ......... ऐसे लोगो को अकर्मण्य लोगो से अलग रख कर अधिकारियो व नेताओ से लगातार संवाद स्थापित कर कर भर्ती को पूरा कराया जा सकता हैं.

> मैं माणिक मुखर्जी आप सभी से ऐसे कर्मण्य लोगो की जानकारी चाहता हु जिन्होंने कम से कम 80% दिनों तक धरना स्थल पर उपस्थित रह कर इस आन्दोलन में अपना अमूल्य योगदान दिया. ऐसे जिम्मेदार लोगो के साथ मिल कर इस भर्ती को पूरा करने के प्रयास किये जायेंगे जो संविदाकर्मियो के दोनों गुटों की राजनैतिक गतिविधियों से अलग रह कर अपना आन्दोलन चला सके. अपने जिले के ऐसे लोगो की सूचि nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर मेल करे. 


दिनांक 16/04/2014 :                      कल दिनांक 17/04/2014, मतदान का दिन 

कांग्रेस - कांग्रेस के पास हमें परमानेंट करने के लिए पर्याप्त समय व संसाधन थे. परन्तु हमारे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झूठ बोलने की व धोखा देने की सभी हदे पार कर दी. जिन लोगो को जानकारी नहीं हैं उनकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे की हमारी वेकेंसी के कोर्ट केस की सुनवाई से तुरंत पहले अशोक गहलोत जी की अनुकम्पा से एक वरिष्ठ न्यायाधीश महोदय का स्थानांतरण उच्च न्यायालय, जोधपुर किया गया. हमारी भर्ती से सम्बंधित केस की सुनवाई भी उन्ही से कराई गयी. अशोक गहलोत साहब के काफी करीबी रहे इन न्यायाधीश महोदय ने इस भर्ती को विकट परिस्थितियो में उलझा दिया. जिससे यह वेकेंसी आज तक अटकी ही हुई हैं. निवेदन हैं की कांग्रेस को वोट दे कर देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करे.

भाजपा - भाजपा के पास भी हमारी भर्ती को पूरा करने का पर्याप्त समय था. भाजपा ने अपनी घोषणाओ के अनुरूप कोई भी कार्य नहीं किया इस से सिद्ध होता हैं की भाजपा भी मात्र सत्ता के लालच के लिए ही घोषणाए करती हैं. यथार्थ में इनके क्रिया कलाप का इनकी घोषणाओ से कोई लेना देना नहीं हैं. ठीक इसी प्रकार देश के प्रधानमंत्री पद के सबसे सशक्त प्रचारित उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी जी से भी लोगो ने कई काल्पनिक उम्मीदे लगा रखी हैं जिनके पीछे किसी भी प्रकार की वास्तविकता नहीं हैं.

आप - आम आदमी पार्टी को वोट देने या ना देने से शायद देश को कोई फर्क पड़े पर इतना कन्फर्म हैं की हमारी भर्ती पर कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला हैं. आम आदमी पार्टी ने सच में बहूत तेजी से प्रसिद्धि पाई हैं. और मुझे ऐसा लगता भी हैं की हो सकता हैं की आने वाले समय में यह पार्टी कांग्रेस व भाजपा के लिए एक बड़ी चुनोती पेश करेगी. परन्तु फिलहाल आप के पास भी हमारी अटकी हुई भर्ती को सुलझाने का विकल्प नहीं हैं.

निष्कर्ष - इस समय हमारी भर्ती भाजपा के हाथ में हैं. हमारा भला या बूरा जो भी होगा भाजपा के द्वारा ही होगा. परन्तु मन में एक संशय यह भी हैं की यदि भाजपा को यह भर्ती पूरी करनी ही होती तो वो हल हालत में लोकसभा चुनाव से पहले ही इस भर्ती को पूरा कर चुकी होती. कम से कम नर्सेज की भर्ती पूरा करने का आसान विकल्प तो भाजपा के पास था. ................ चुनाव चाहे कोई भी जीते पर अपनी भर्ती तो भगवान् भरोसे ही हैं.


दिनांक 16/04/2014 :          नर्स ग्रेड (द्वतीय) मामले में सरकार को प्रतिवेदन दे : हाई कोर्ट

हाई कोर्ट ने नर्स ग्रेड (द्वतीय) भर्ती 2013 में आरक्षित वर्ग को दोहरे आरक्षण लाभ सहित बोनस अंक के लिए अनुभव गणना की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2013 तय करने के मामले में सरकार को प्रार्थियो के प्रतिवेदन का निपटारा तीन महीने में तय करने के निर्देश दिए थे. न्यायाधीश मोहम्मद रफ़ीक ने यह आदेश हेमंत कुमार व अन्य की याचिका पर दिया. अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया की प्रार्थी 12 जुलाई 2010 को एनआरएचएम स्कीम में संविदा पर जीएनएम नियुक्त हुआ. सरकार ने इन्हें नियमित करने के लिए 26 जुलाई 2013 को नर्स ग्रेड (द्वतीय) के 15,773 पदों की भर्ती निकाली. चिकित्सा विभाग ने बोनस अंक में अनुभव की गणना के लिए अंतिम तिथि 28 फरवरी 2013 तय की. ऐसे में जब भर्ती प्रक्रिया लंबित हैं तो अंतिम तिथि तय करना गलत हैं. इससे अभ्यार्थियों के अनुभव की गणना सही नहीं होगी.

 

Date of query : 16/4/2014 Time : 8:23:07 PM
CW'4144' of 2014 - R 9851/2014
Petitioner : SUDHIR KUMAR SHARMA AND ORS
Respondent: STATE (MEDICAL AND HEALTH)ANR
Petitioner Advocate: PRADEEP MALIK G SHARMA
Respondent Advocate:  
Class Code : 0516 Registered on : 10/4/2014
Bench : SB Stage :
Listed in court No. 5 on 16/04/2014

Department Details

Dept Type Dept Code Dept Name
S 52 Medical and Health

 निम्न लोगो को जोइनिंग दिनांक के आधार पर 2 साल का ही बोनस मिला हैं इन्होने मिल कर यह यह केस दायर किया की इनके अनुभव की गणना अंतिम काउंसलिंग की दिनांक यानी 26 अगस्त 2013 तक की जाए. इस  केस से वे लोग ही लाभान्वित हो पाएंगे जिन्होंने यह केस दायर किया हैं.   

S.

C.NO.

APP. I.D.

CAT.

NAME

FATEHER  NAME

 

D.O.B

PARMANENT ADDRESS

POSTING PALCE

MOBILE NO.

EXP. ON DATE 27/02/2013

1

1241

06020013187

OBC

SITA RAM CHOUDHARY

BHANWAR LAL CHOUDHARY

 

16-04-82

A-10 KIRTI NAGAR BEHIND DEV NAGAR TONK ROAD JAIPUR-32018

S/C-DELWA PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9680828128

02-06-28

2

1186

06020016858

GEN

SUDHIR KUMAR SHARMA

DHARMENDRA KUMAR SHARMA

01-10-84

BRAHMANO KA MOHAKKA,VILL-AAMLODA,TEH-SHAHPURA.POST-DHAWALI DISST-JAIPUR-303806

S/C- JAISALASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9785074290

02-07-05

3

1148

06020016463

GEN

YUVRAJ SHARMA

OMPRAKASH SHARM

 

 

10-07-80

VPO-BHOJPURA KALAN VIA-JOBNER,TEH-PHULERA,DIST-JAIPUR-303328

S/C-LALASAR PHC-TOLIASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9983663555

02-07-00

4

1731

06020021089

GEN

AJAY KUMAR SHARMA

KAILASH CHANDRA SHARMA

20-08-80

MAIN MARKET,VILL-JATWARA,TEH-BASSI,DIST-JAIPUR-303305

S/C-BHINJHASAR PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

8094630009

02-07-02

5

4350

06020035382

OBC

HEMANT SAHU

BABU LAL SAHU

06-07-81

NEAR MIDDLE SCHOOL LAXMANGARH,TEH-LAXMANGARH,DIST-ALWAR-321607

S/C-JAJOTA PHC-BHADDUN,BLOCK-KISHANGARH  DIST-AJMER

8058862287

02-07-01

6

2635

06020021991

OBC

JITENDRA KUMAR

ATTAR SINGH YADAV

11-10-78

VILL-JAITPUR,POST-PARTAPUR,TEH-NEEMRANA,DIST-ALWAR-301704

S/C-KHAJPURAPHC-BHADDUN,CHC-KISHANGARH  DIST-AJMER

9413844623

02-06-29

7

1722

06020016556

OBC

SAHENDRA SINGH YADAV

MADA RAM YADAV

20-01-76

VILL-KALYANPURA,POST-KAMKAR DOPA,TEH-BEHROR,DIST-ALWAR-301701

S/C-KHANDACH PHC-HARMADA,CHC-KISHANGARH  DIST-AJMER

9950550626

02-07-00

8

7651

06020025786

OBC

PREM KUMARI BAGARIA

RAM SINGH BAGARIA

01-03-1981

WARD NO.1 KISHANGARH RENWAL,TEH-PHULERA,DIST-JAIPUR-303603

S/C-SATLERA,PHC-BIGGA,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9602930950

02-06-28

9

1838

06020021952

GEN

RISHI RAJ SINGH

RAM SINGH

25-08-80

VILL-TOLAWAS,POST-BAMANWAS KANKAR,TEH-THANAGAZI,DIST-ALWAR-301024

S/C-BUDIYA WAS PHC-NANGALWARI,CHC-THANAGAZI DIST-ALWAR

9672248151

02-07-03

10

2201

06020025107

GEN

SUMIT KUMAR

SUBHASH CHAND

25-07-83

VILL &,POST-MOTHUKA,TEH-KISHANGARAH BASS,DIST-ALWAR,301405

S/C-KEHRANI PHC-BHIWADI,BLOCK-TIJARA  DIST-ALWAR

9667827579

02-07-09

11

2129

06020019026

OBC

REWANT RAM SAHU

MEGHA  RAM SAHU

30-01-78

VILLKUNTA SAR,POST-SRIDUNGARGARH,TEH-SRIDUNGARGARH,DIST-BIKANER-331803

S/C-LODERA,PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

8848093577

02-06-11

12

1028

06020022773

GEN

ANJANA PAREEK

RAMESH CHAND PAREEK

01-12-85

VILL-ATABARA,POST-SOJAT CITY,TEH-SOJAT CITY,DIST-PALI-306104

CHC-SOJAT CITY  DIST-PALI

941322517

02-07-12

13

1941

06020022831

GEN

AVINASH CHANDRA SHARMA

PRAKASH CHANDRA SHARMA

06-07-79

SHEETAL MANDIR KE PASS,POST-KARULI,TEH-KARULI,DIST-KARULI-322241

CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9929006105

02-07-02

14

1496

06020015019

OBC

SUBHASH CHAND MEHTA

HANUMAN SINGH YADAV

04-08-79

DHANI-BHOMSING WALI VILL-MAHRUMPUR RAJPUT,POST-MOHANPURA,TEH-KOTPUTLI,DIST-JAIPUR-303108

S/C-AMRITWASI PHC-BIGGA,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9982051661

02-07-06

15

1337

06020017918

GEN

SHEKH AYAZ MOHAMMAD

JAMIL MOHAMMAD

27-04-1984

VILL-IMAM SAGAR JAIL ROAD,POST-JHALAWAR,TEH-JHALRAPATAN,DIST-JHALAWAR-326001

CHC-JHALRAPATAN DIST-JHALAWAR

9785714714

02-07-10

16

918

06020014277

GEN

SANJAY TIWARI

SURESH CHANDRA TIWARI

30-11-1983

64,MAHAVEER NAGAR 1 st DURGAPUR,TONK ROAD ,DIST-JAIPUR-302018

PHC-BILWA,CHC-SANGANER DIST-JAIPUR

9251631329

02-07-10

17

1929

06020017778

OBC

JAI PRAKASH SAINI

GOVIND RAM SAINI

07-08-1979

PUROHIT JI KI DHANI,NEAR THE WATER TANK,WARD NO.37,DIST-SIKAR-332001

S/C-MANKARASAR PHC-POONRASAR,CHC-SRIDUNGARGARH  DIST-BIKANER

9799525577

02-06-28

18

4965

06020041419

OBC

MAHENDRA BHUKAR

RAMLAL BHUKAR

04-12-1981

BALRAM NAGAR WARD NO.36,BEHIND OF POLICE LINE,DIST-SIKAR-332001

,CHC-KUDALDIST-SIKAR

9772166000

02-07-11

19

2608

06020021854

OBC

GHANSHYAM SWAMI

PURAN MAL SWAMI

02-05-83

VILL-DUNGA KA BAS,POST-KOLAHERA,TEH-THANAGAZI,DIST-ALWAR-301024

S/C-DWARAPUR,PHC-THANAGAZI,DIST-ALWAR

7665713513

02-07-10

20

3362

06020026921

OBC

RAMJAN MOHAMMED PINJARA

MUBARIK HUSSAIN

20-09-85

NEAR MAJSIDVILL-BHALTA,POST-BHALTA,TEH-AKLERA,DIST-JHALAWAR-326039

S/C-BORAKADI GUJRAN PHC-BHALTA,CHC-BAKANI  DIST-JHALAWAR

963667102

02-07-09

21

3134

06020025374

OBC

TEJPAL PATEL

MANI LAL PATEL

19-09-85

VILL-KALAL MOHLA,POST-KHAMERA,TEH-GHATOL/KHAMERA,DIST-BANSWARA-127027

S/C-MANDVADA,CHC-PINDWARA  DIST-SIROHI

9982590121

02-06-25

22

1270

06020013396

OBC

NITESH KUMAR SUMAN

BHAIRU LAL SUMAN

10-06-78

75,DHAKAR MOHALLA,DUNGERPURTEH-SANGOD,DIST-KOTA-325807

S/C-AMRIT KUWA PHC-KUNDANPUR,CHC-SANGOD  DIST-KOTA

8107496460

02-06-27                                              

23

1302

06020013641

OBC

PANKAJ SAINI

BHAIRAV PRAKASH

06-06-83

3-B-16 DADABARI EXT.,,DIST-KOTA-324009

S/C-GARDANA PHC-BALUHERA,CHC-SANGOD  DIST-KOTA

9928755080

02-06-27

24

844

06020013368

GEN

ARVIND KUMAR PARASAR

KAILASH CHAND PARASHAR

12-02-80

HOUSE NO.1219 CHOPRA FARM GALI NO.5 DADWARA KOTA JUNCTION,DIST-KOTA-324002

S/C-MANDAP PHC-KUNDANPUR,CHC-SANGOD  DIST-KOTA

9214304015

02-06-26

25

2285

06020026128

GEN

HIRENDRA GOUTAM

SATYA NARAYAN GOUTAM

10-08-80

VILL-GUJARO KA MOHALLA,PHOLAI,POST-PHOLAI,TEH-KESHAV RAI PATAN,DIST-BUNDI-323803

S/C-CHARANDA KHURD,PHC-SUMERGANJ MANDI,CHC-KAPREN  DIST-BUNDI

9829818787

02-07-12

26

1749

06020021272

GEN

NAVNEET KUMAR SHARMA

RAMGOPAL SHARMA

23-06-80

VILL-JALWAS VIA KARWAR,,TEH-NAINWAS,DIST-BUNDI-301024

S/C- CHOTRA KA KHEDAPHC-JALI JI KA BARANA,CHC-KAPERAN  DIST-BUNDI

9460175674

02-07-13

27

1288

06020013583

OBC

RAJESH  YADAV

RAMJI LAL YADAV

06-12-84

VILL-BICHPURI,POST & THE.-BEEJWAR NARUKA,,DIST-ALWAR-301406

 PHC-BAGSURI,CHC- PISANGAN DIST-AJMER

8696156207

02-07-10

28

1295

06020013615

OBC

RAJESH KUMAR

VISHMABHAR AHIR

10-07-80

VILL-,PATAN AHIR POST&,TEH-KOTKASIM,NANGAL SALIYA,DIST-ALWAR-301712

S/C-BHAWANI KHERA PHC-BAGSURI,CHC-  PISANGAN,DIST-AJMER

9166057592

02-07-08

29

2327

06020020158

OBC

PAWANENDRA KUMAR

KIRORI MAK

15-07-83

VILL-MAINPUR,POST-BASS MAINPUR,TEH-MUNDAWAR,DISTALWAR--301407

PHC-FATEHGARH,CHC-ARAIN  DIST-AJMER

9166282528

02-06-18

30

2876

06020023624

OBC

LAXMI NARAYAN KUMAWAT

BADRI LAL KUMAWAT

04-01-1985

VILL-RATHANJANA,POST-RATHANJANA,TEH-PRATAPGARH,DIST-PRATAPGARH-312623

S/CKAJLIKHEDA PHC-BARADIA,BLOCK-PRATAPGARH DIST-PRATAPGARH

9929257568

02-06-28

31

2621

06020021919

OBC

BABU LAL CHARAN

KANHYA LAL CHARAN

12-06-82

PATWAR GHAR KE PASS,VILL-GARWARA VIA BAKANI,,TEH-JHALRAPATAN,DIST-JHALAWAR-326022

S/C-THODIYA KHURD CHC-BAKANI, DIST-JHALAWAR

9983885747

02-07-08

32

1417

06020018466

GEN

SUJIT KUMAR LODHA

SAMPAT SINGH LODHA

01-11-1985

252 SADAR BAZAR,BISHNIYA,VILL-BISHNIYA,TEH-KOTRI ,DIST-BHILWARA-311702

S/C-DANTRA PHC-BISNIYA,CHCKOTRI-  DIST-BHILWARA

8502064913

02-07-05

33

851

06020009743

OBC

MAHENDRA KUMAR

KANARAM

01-07-80

HOUSE NO.24 B JOSHIYON KA BASS,VILL-KHOKHERA,TEH-SOJAT CITY,DIST-PALI-301024

S/C- JINAARDI,PHC-KANTALIYA,CHC-  KHARCHIDIST-PALI

9928270596

02-06-00

34

2483

06020028413

GEN

YOGESH SHARMA

PRAHLAD DUTT SHARMA

12-06-87

VILL-TITPURI,POST-TITPURI,TEH-KATHMAR,DIST-ALWAR-321605

S/C-SALWARI PHC-KALWARI,BLOCK-KHERLI  DIST-ALWAR

9799361110

02-07-10

35

2822

06020023290

OBC

DEMA RAM CHOUDHARY

HAPPA RAM

20-07-77

VILL-VERA NAVTARR,VIA-,POST-PARLU,TEH-PACHPADRA,DIST-BARMER-344027

S/C-SATTO,PHC-MAYAJLOR,DIST-JAISALMER

7568681850

02-07-02

36

3820

06020030518

OBC

ANDA RAM

NENA RAM

07-07-82

37,BERA BHADARAWAVILL-KHAKHARLAL,,POST-MELI,TEH-SIWANA,DIST-BARMER-344044

S/C-PHALSOOND BLOCK-POKHRAN  DIST-JASALMER

9001424225

02-07-04

37

1866

06020022228

GEN

RATAN SINGH NARUKA

HARI SINGH

26-06-77

VILL-MOKLEHERI,POST-GANDURA,TEH-LAXMANGARH,DIST-ALWAR-301021

S/C-GHAT PHC-BARODA MEO,BLOCK-LAXMANGARH-  DIST-ALWAR

7742834946

02-07-11

38

935

06020021115

GEN

REKHA JAIMINI

DAYA KRISHAN

27-06-85

NEAR WATER TANK SUMERGANJ MANDI,POST-INDERGARH,TEH-,INDERGARHDIST-BUNDI-323614

CHC- LAKHERI BLOCK-KAPREN.DIST-BUNDI

9887597131

02-07-11

39

1805

06020021760

GEN

PRADEEP KUMAR JOSHI

KAILASH CHANDRA JOSHI

28-09-82

10,NEAR PATWAR GHAR JOSI MOHALLA,TEH-JHALRAPATAN,DIST-JHALAWAR-326022

CHC-BAKANI  DIST-JHALAWAR

9414570946

02-07-09

 


दिनांक 06/04/2014 :                 कोर्ट केस के संबंध में महत्वपुर्ण तथ्य

SLP (Civil) 32008-32009 /2013 स्टेट ऑफ़ राजस्थान एवं अन्य बनाम अर्चना व अन्य में सरकार की और से रूचि कोहली इस केस की पैरवी कर रही हैं. जबकि अर्चना की और से आज तक कोई भी वकील पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं पंहुचा हैं. ठीक इसी प्रकार स्टेट ऑफ़ राजस्थान एवं अन्य बनाम महेंद्र कुमार व अन्य के केस में भी महेंद्र कुमार की पैरवी करने के लिए कोई भी वकील उपस्थित नहीं हो रहे हैं जिस कारण सुप्रीम कोर्ट की और से इस केस का नतीजा नहीं आ पा रहा हैं और हमारी भर्ती पूरी नहीं हो पा रही हैं.

सभी साथियों से अनुरोध हैं की यदि आप में से किसी को अर्चना या महेंद्र कुमार की जानकारी हो तो कृपया कर यह महत्वपुर्ण जानकारी उपलब्ध कराये. जिस से उन दोनों से मिल कर उनकी राय ली जा सके व इस केस की अग्रिम तारीख 30 अप्रेल 2014 को इस केस का निस्तारण करवाया जा सके. यदि ऐसा होना संभव होता हैं तो इस केस के निस्तारण के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को इस भर्ती को शीघ्र ही पूरा किये जाने के संबंध में नोटिस भी जारी करवाया जा सकता हैं.  

अर्चना व महेंद्र कुमार के संबंध में शीघ्र ही 9828438990 पर जानकारी देने का प्रयत्न करे. इसके साथ ही nrhm.rajasthan.union@gmail.com व jagonurses@gmail.com पर भी सुचना उपलब्ध करवाने का प्रयत्न करे. 


दिनांक 22/03/2014 :                    इतना सन्नाटा क्यों हैं भाई ...........

स्ट्राइक करने का मकसद अभी भी अधुरा हैं और जब तक यह पूरा नहीं हो जाता मन्त्रियों व अधिकारियो से वार्ता का क्रम टूटना नहीं चाहिए. परन्तु जब से स्ट्राइक टूटी हैं कोई ख़ास हलचल नहीं हो रही हैं. और जब से आचार संहिता लगी हैं तब से तो जैसे सन्नाटा ही छा गया हैं. सभी नेता व अधिकारी भी यही चाहते हैं की कोई भी कर्मचारी उन्हें तंग ना करे. आप सभी को अच्छी तरह से याद होगा की जब तक हम अपनी फाइल का पीछा करते हैं सिर्फ तभी तक हमारी फाइल चलायमान रहती हैं और जैसे ही हम चुपचाप बैठते हैं तो फाइल की चाल भी रूक जाती हैं.

तो सभी साथियों से निवेदन हैं की चाहे हमें नतीजा कुछ भी मिले हमे अपने प्रयासों को विराम नहीं देना चाहिए. कोशिश करते रहना होगा. और एक ख़ास बात आज कल सोशल मीडिया पर कुछ फ्रेशर यूनियन भी अपना अस्तित्व दर्शा रही हैं. हो सकता हैं की आचार संहिता में हम संविदाकर्मियो पर कुछ बन्दिशे लग जाती हो पर फ्रेशर के लिए तो ऐसी कोई भी मजबूरी नहीं हैं. तो यदि संविदाकर्मी कुछ भी नहीं कर सकते तो उन्हें इस भर्ती को पूरा कराने की लिए फ्रेशर यूनियन का भरपूर साथ देना चाहिए.


दिनांक 21/03/2014 :                                स्ट्राइक तो टूटी ............... पर हम क्यों टूटे.

यदि आप के परिवार पर या आप के परिवार के प्रतिष्ठित व्यक्ति पर कोई बहूत ही गलत आरोप लगा दे. तो आप क्या करेंगे. ........ क्या आप उस आरोप को स्वीकार कर लेंगे. या उसकी सफाई देंगे. जाहिर तौर पर आप सफाई ही देंगे और प्रत्येक वह व्यक्ति जिस पर गलत आरोप लगाये जाते हैं उसके पास यह अधिकार हैं की वह अपनी सफाई दे. भले ही सभी को उस पर पूरा भरोसा हो.

कितने संगठन थे जिन्होंने समान परिस्थितियों में समान मौखिक आश्वासन पर स्ट्राइक तोड़ी.

नर्सेज

नरेगा

फार्मासिस्ट

लैब सहायक

आयुष चिकित्सक

आयुष नर्सेज

कंप्यूटर ऑपरेटर

                        तो क्या सभी संगठनो के शीर्ष नेतृत्व ने कुछ गलत किया. इतना बड़ा फैसला बगैर सोचे समझे ही ले लिए होगा. और यदि सभी ने एक जैसा फैसला लिया सभी सदस्यों की सर्व सम्मति से ही स्ट्राइक तोड़ी गयी तो सिर्फ नर्सेज के शीर्ष नेतृत्व में शामिल 7 लोगो में से सिर्फ एक पर ही ऐसे फिजूल के आरोप क्यों लगे.

आज इस आरोप के प्रमुख सूत्रधार अजय मेहरा (कोटा) नाम के व्यक्ति के बारे जानकारी साझा करते हैं. इस व्यक्ति की एक ही खासियत हैं. की झूठ बोलने में ना तो इसकी जुबान लडखडाती हैं और ना ही इसे झूठ बोलने में किसी प्रकार की शर्म महसूस होती हैं.

स्वयं को बहूत बड़ा  नेता समझने वाला यह व्यक्ति इस भर्ती को पूरा करने के लिए कुछ नहीं करता बल्कि जो कुछ करता हैं वह मात्र न्यूज़ पेपर में अपने नाम के लिए, संस्था/यूनियन में अपने पद के लिए, मीडिया में आने के लिए ही करता हैं. यह व्यक्ति पुरे वर्ष निष्क्रिय पडा रहता हैं. कितना भी बुलाया जाए किसी मीटिंग में नहीं आता.

  • ना ही ईसने पल्स पोलियो में काली पट्टी बाँधने के प्रोग्राम में किसी भी स्तर पर सक्रीय योगदान दिया.
  • ना ही ईसने एक दिन के सामूहिक अवकाश के प्रोग्राम में किसी भी स्तर पर सहयोग किया.
  • ना ही इस व्यक्ति ने प्रदेश की सामूहिक महारैली के प्रोग्राम में किसी भी स्तर पर सक्रीय भूमिका निभाई.
  • ना ही यह व्यक्ति बुलाये जाने पर 8 फरवरी को जयपुर आया जहा पर एनआरएचएम के दोनों गुटों को एक कर के स्ट्राइक की कार्य योजना तय की जानी थी. जबकि इसके लिए तो ख़ास तौर पर इस व्यक्ति ने जयपुर आने के लिए आश्वश्त किया था.
  • और हद तो तब हो गयी जब 12 फरवरी को पूरे प्रदेश में स्ट्राइक करने के संबंध में इसने CMHO को लैटर दिए जाने के लिए बुलाये जाने पर इसने 4-5 सम्मानीय लोगो का नाम लेकर झूठ कहा की ये लोग तो तैयार ही नहीं हैं. धरना प्रदर्शन कर के क्या करेंगे. तब तुरंत में उन सभी लोगो से फ़ोन पर बात की गयी तब इस झूठे और मक्कार व्यक्ति की पोल खुली की सभी लोग तैयार थे परन्तु यही पीछे हट रहा था. और पीछे हटने का कारण यह था की इन महाशय को स्वयं के संभाग में खुद का नाम सबसे आगे रखना था. इसके बाद इस व्यक्ति से कहा गया की तुम अपने नाम से न्यूज़ पेपर में न्यूज़ लगाओ. अपने नाम को आगे रखो पर जब पूरा जिला/संभाग/प्रदेश स्ट्राइक करने को तैयार हैं तो तुम क्यों पसर रहे हो. इस प्रकार नाम का लालच देने पर व अन्य को पीछे रखने की शर्त पर यह महाशय साथ आने तो तैयार हुए. और बात सिर्फ सभी को साथ रखने की थी अन्यथा यदि इस एक आदमी को छोड़ भी देते तो भी इस आन्दोलन पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता.
  • और आन्दोलन में शामिल होने के बाद भी 24 फरवरी को इन महाशय को जयपुर बुलाया गया परन्तु इन्होने आने के लिए पक्का आश्वाशन देने के बाद भी यह नहीं आए. खैर इनके ना आने से कभी आन्दोलन को कोई फर्क नहीं पड़ा परन्तु बात यह हैं की जब इनको कही आना जाना ही नहीं होता तो झूठ बोलने की जरूरत क्या थी. अपने जिले में रात्रि कालीन धरना बंद कर के आमरण अनशन की घोषणा कर के खुद आमरण अनशन शुरू करने की जगह बिना बिलाए ही अपने एक "विशेष कर्त्तव्य" की पूर्ति के लिए जयपुर आ गया.
  • जब इसे पता चला की आचार संहिता से पहले की आखिरी बैठक सरकार के साथ होने जा रही हैं और यूनियन के सभी सदस्य तात्कालीन परिस्थितियों के मद्देनजर ज्वाइन करने की घोषणा करेंगे. और वह आकर यह व्यक्ति पूरे दिन की हर बैठक में काफी गंभीर सदस्य की भाँती शामिल भी हुआ. स्ट्राइक टूटने के एक दिन पहले ही इसे पता था की अगले दिन स्ट्राइक वापस ले ली जाएगी. परन्तु यह शांत रहा. फिर अगले दिन स्वास्थ्य भवन की वार्ता में कोर ग्रुप का मेम्बर ना होते हुए भी मीडिया के सामने आने के लिए मीटिंग में बैठ गया. जहा से इसे यह कह कर रवाना किया गया की भाई आप कौर ग्रुप में नहीं हो. इसलिए आपको मंत्री जी यहाँ बैठने नहीं देंगे जैसा की हर बार होता आया हैं.

बस इस बात पर ये महोदय भड़क गए और इन्होने वही से अपनी तैयार शुरू कर ली. मीटिंग के समाप्त होते ही जैसे ही स्ट्राइक वापस लेने की घोषणा हुयी ये साहब कहने लगे की सरकार ने देवाराम को बाड़मेर की रिफाइनरी दे दी हैं इसलिए देवाराम ने स्ट्राइक तोड़ दी.

इन महाशय का रिकॉर्ड ही कुछ ऐसा हैं. इन्हें करना धरना कुछ भी नहीं होता और हर बार स्ट्राइक वापस लेने पर ये देवाराम का नाम लेकर उस पर जो इच्छा हो वह आरोप लगा देते हैं.

  • जैसे की इन्होने 2011 की स्ट्राइक की समाप्ति की घोषणा पर कहा था की देवाराम को सरकार ने पेट्रोल पंप दे दिया हैं.
  • 2014 की स्ट्राइक वापस लेते ही बगैर देवाराम से बात हुए ही कह दिया की देवाराम को रिफाइनरी मिल गयी इसलिए स्ट्राइक वापस ले ली गई. इस व्यक्ति को स्वयं की राजनैतिक पहचान बनाने की इतनी महत्वकांक्षा हैं की क्ष्रम कर के, मेहनत कर के, सभी की सामूहिक योजना में भाग ले कर, सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा यह व्यक्ति सिर्फ झूठ और दोषारोपण कर कर ही अपनी राजनीती करना चाहता हैं.
  • इस महाशय ने स्ट्राइक के दौरान जुड़े किसी भी व्हाट्स एप्प ग्रुप पर कभी भी कोई मेसेज नहीं दिया परन्तु जैसे ही स्ट्राइक वापस ली गयी ये अपनी फॉर्म में आ गया और दिन रात लोगो को झूठ बोल बोल कर भड़काने में लगा रहा. 

अजय मेहरा जैसे लोगो की वजह से ही हम संगठित नहीं हो पाते. ऐसे लोगो की वजह से ही सभी को नकारात्मक सन्देश जाता हैं. जब तक हम नियमित नहीं हो जाते संघर्ष जारी रहेगा परन्तु ऐसे लोगो के कारण हमारा संगठित होना बहूत मुश्किल हो जाता हैं. और संघर्ष करना कठिनतम हो जाता हैं. आगे से यदि फिर कोई बड़ा कदम उठाने के लिए सभी को एक जुट होना पड़ा तो ऐसे लोगो का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा. 


 

 

दिनांक 16/03/2014 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुll  

 

 

 

 

 

 


सभी के पास खुशिया हैं, सभी के पास रंग हैंl 
मेरे पास संविदा का दंश हैं, परिस्थितिया भी तंग हैंl 
राज्य स्तरीय मेरिट में आकर, सोचा में बच गयाl 
7 साल से जूझ रहा हु, संविदा में ऐसा फस गयाl 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

नियमित होने की उम्मीद, लगभग हर साल आती हैंl
कर के मुझसे छल कपट, फिर लौट जाती हैंl
उनको हैं कुर्सी की चिंता, के चुनाव आने वाले हैंl
घर की व्यथा क्या कहू मैं, रोटी के भी लाले हैंl

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

मेरी ही नौकरी हैं ये, जो तुमसे मांग रहा हु मैंl 
विश्वासघाती का छोड़ा था दामन, अब तुम्हारा थाम रहा हु मैंl 
चाहे जीतो या हारो चुनाव में, तुम्हारा फिर भी मान होगाl 
जो न मिली नौकरी तो, किसे मेरे परिवार का ध्यान होगाl 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं हुl 

जागो नर्सेज की विनती हैं तुमसे, सुनलो मेरी यह पुकारl 
ससम्मान जी सकू मैं, कर दो मुझ पर यह उपकारl 
वरना पहले भी रोष में थे हम, फिर वही आक्रोश होगाl 
अभी अभी बता चूका हु में, फिर न मेरा कोई दोष होगाl 

हैं आज मेरे देश की होली, मगर में खुश नहीं हुl 
हैं सारे समाज की होली, मगर में खुश नहीं 
हुl 

दिनांक 16/03/2014  

चुनाव की तैयारिया राजनैतिक दल भी करेंगे ..... 

सरकार भी करेगी ........ 

और हम भी करेंगे ।

नेताओ को उनके राजनैतिक दल से मतलब होगा , उनकी कुर्सी से मतलब होगा .... 

पर मुझे अपने परिवार का पेट पालना हैं, और जो राजनैतिक दल मुझे मेरे परिवार का पेट पालने नहीं देगा ....

उसके झूठे सच्चे प्रलोभन मेरे किसी काम के नहीं हैं. ..........

यदि मेरा कोई साथी किसी राजनैतिक दल का कर्मठ कार्यकर्त्ता हैं तो में आपसे क्षमा प्रार्थी हु की मेरे लिए इस वक़्त मेरा परिवार ही सब कुछ हैं.

और वैसे भी जो मेरा परिवार नहीं चला सकता वो देश क्या चलाएगा !!!!

मैं कौन सा भीख मांग रहा हु ! 

राजस्थान की स्टेट लेवल की मेरिट से संविदा पर लगा था !

7 साल से संविदा पर एक बिना पड़े लिखे बेलदार से कम मानदेय पर कार्य कर रहा हु !

जब की सरकार के पास 2 साल से अधिक संविदा पर कार्य करवाने का कोई अधिकार नहीं हैं !!!!

तो आज 7 साल गुजरने के बाद भी क्या मुझे मेरा हक मांगने का भी अधिकार नहीं हैं?

 


दिनांक 12/03/2014 : कल के लेख में झालावाड मेडिकल कॉलेज के वैभव जोशी जी के बारे में लिखा गया की उन्होंने स्ट्राइक टूटने से पहले ही ज्वाइन कर लिया था जबकि ऐसा नहीं था वैभव जोशी जी ने स्वयं जानकारी देते हुए बताया की उन्होंने स्ट्राइक टूटने के बाद दिनांक 1 मार्च को ही ज्वाइन किया था पहले ज्वाइन करने वाले लोगो के नाम पूछे जाने पर उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया हमें खेद हैं की हमने बगैर पुष्टि किये ही वैभव जोशी का नाम लिखा. आगे भविष्य में भी हम वैभव जोशी जी द्वारा इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा रखते हैं.


दिनांक 11/03/2014 :                                         स्ट्राइक क्यों तोड़ी   

आप सभी साथियों को यह बताना चाहूँगा की हमारी राजस्थान सयुंक्त संविदा नर्सेज संघर्ष समिति के सभी 7 प्रतिनिधि सदस्यों ने सामूहिक सहमति से यह स्ट्राइक क्यों तोड़ी.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी का भर्ती पूरी करने से साफ़ इन्कार - दिनांक 25 फरवरी को मुख्यमंत्री जी ने झालावाड में व दिनांक 26 फरवरी को बारां में मुख्यमंत्री जी ने हमारी प्रतिनिधियों को आचार संहिता से पहले भर्ती पूरी करने के बारे में साफ़ साफ़ शब्दों में कहा की आपका काम नहीं होने वाला आपको भलाई इसी में हैं की आप चुपचाप ज्वाइन कर लो.

कभी भी कोई राजनेता लोगो के काम करने से मना नहीं करता और चुनाव के वक़्त तो बिलकुल भी नहीं. फिर भी मुख्यमंत्री जी ने हमें साफ़ साफ़ शब्दों में मना कर दिया. इसलिए इस स्ट्राइक का विश्लेष्ण करना बहूत जरूरी हो गया था. और जब अपनी स्ट्राइक का विशलेषण किया गया तो हमारी स्ट्राइक की ऐसी बहूत सारी कमजोरिया सामने आई जिनके बारे में सरकार को बहूत अच्छी तरह पता था.

हमारी स्ट्राइक की कमजोरिया - हमारी स्ट्राइक में कुछ ऐसी कमजोरिया थी जिन के बारे में स्ट्राइक टूटने के डर से व लोगो के हतोत्साहित होने के डर से  लोगो को जानकारी नहीं दी जा रही थी जैसे.

  •  आचार संहिता -  सभी लोगो को यही जानकारी दी जा रही थी की हम आचार संहिता के बाद भी स्ट्राइक पर बने रहेंगे ताकि सरकार के पास हमारी तरफ से यही मेसेज जाये की हम आचार संहिता में भी तब तक स्ट्राइक पर बने रहेंगे जब तक की लिस्ट जारी नहीं हो जाती. परन्तु हकीक़त यह थी की वकील से हुई वार्ता के अनुसार यदि 16000 नर्सेज आचार संहिता के बाद भी स्ट्राइक पर बने रहे तो सरकार इन 16000 कर्मचारियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेगी. परन्तु यदि लोगो का टूटना शुरू हो गया तो आचार संहिता के बाद स्ट्राइक बिना किसी समझोता वार्ता के अपने आप समाप्त हो जाएगी जिसका सबसे बड़ा नुक्सान यह होगा की अगली बार कभी भी इस स्तर की स्ट्राइक नहीं हो पाएगी.
  • अनिश्चितकालीन धरने की सीमित परमिशन - भले ही हम लोगो ने अनिश्चितकालीन अवकाश की घोषणा की थी परन्तु हकीकत यह हैं की हमारे पास धरने पर बैठने के लिए सिर्फ 5 मार्च तक की ही परमिशन थी. सभी आला दर्जे के जानकार सूत्रों से यह जानकारी ली जा चुकी थी की आचार संहिता के चलते यह परमिशन किसी भी कीमत पर आगे नहीं बड सकती. मौजूदा अधिकारी बिगड़ती चिकित्सकीय व्यवस्थाओ व आचार संहिता का हवाला दे कर इस धरने व अनिश्चितकालीन अवकाश की परमिशन निरस्त कर देंगे. और ऐसा होते ही सभी संविदाकर्मी तुरंत ही ज्वाइन कर लेते जिस से यह आन्दोलन बगैर किसी समझौता वार्ता के ही समाप्त हो जाता और सरकार हमारी कमजोरी भांप कर फिर कभी हमारी भर्ती पूरी करने की चेष्टा भी नहीं करती और ना ही हम फिर से इतना मजबूत आन्दोलन खड़ा कर पाते.
  • मेडिकल कॉलेजो का स्ट्राइक से पीछे हटना - सरकार को एनआरएचएम कर्मियों की स्ट्राइक से इतना फर्क नहीं पड़ रहा था जितना की मेडिकल कॉलेजों की स्ट्राइक से. इसका कारण यह हैं की मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था बिगड़ने पर बात दबती नहीं हैं अपितु न्यूज़ पेपर की हेड लाइन बन जाती हैं जब की ग्रामीण क्षेत्रो में चिकित्सा व्यवस्था, टीकाकरण व्यवस्था बिगड़ने पर भी अधिकारी कागजो में झूठी रिपोर्ट पेश कर देते हैं की व्यवस्था सँभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई हैं. ऐसे में मेडिकल कॉलेजों के पीछे हटने से हमारी स्ट्राइक का सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता और आचार संहिता में 3 महीने तक हमारी कोई सुनवाई नहीं होने से निराश संविदाकर्मी अपने आप स्ट्राइक से पीछे हटते जाते. इसलिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों को स्ट्राइक में बना कर रखना एक चुनोतिपूर्ण कार्य हो गया था.
  1.  झालावाड मेडिकल कॉलेज - झालावाड मेडिकल कॉलेज के लोगो ने 25 फरवरी को ही ज्वाइन करने का मानस बना लिया व टर्मिनेशन आर्डर लोगो के घर पहुचने के बाद से ही  लोगो ने 26 फरवरी से ज्वाइन करना भी शुरू कर दिया. झालावाड मेडिकल कॉलेज के लोगो को  प्रतिनिधियों ने काफी समझाने का प्रयास किया. परन्तु उन्हें इस आन्दोलन से ज्यादा ज्वाइन करने की फ़िक्र थी. और 30 से 35 लोग अपनी स्ट्राइक टूटने से पहले ही ज्वाइन भी कर चुके थे.
  2. कोटा मेडिकल कॉलेज - कोटा मेडिकल कॉलेज तो अंत तक स्ट्राइक पर उतरा ही नहीं. उनका कहना था की उनका अनुबंध समाप्त हो चूका हैं और इसे प्रशासन द्वारा आगे बढाया भी नहीं जा रहा हैं. जिसके चलते वे फिलहाल रिकॉर्ड के अनुसार नौकरी पर ही नहीं हैं और यदि स्ट्राइक करते हैं तो प्रशासन द्वारा बगैर नोटिस दिए ही उनकी सेवा समाप्त की जा सकती हैं. परन्तु इसके बाद भी कोटा मेडिकल कॉलेज के वैभव गौतम जी ने इस स्ट्राइक में अपना सक्रीय योगदान दिया.
  3. जोधपुर मेडिकल कॉलेज - जोधपुर मेडिकल कॉलेज के संविदा नर्सेज एसोसिएशन के अध्यक्ष घमंडा राम जी दिनांक 25 फरवरी से ही किसी भी प्रकार की वार्ता में इस स्ट्राइक को समाप्त करने के प्रयास कर रहे थे. जब सभी प्रतिनिधि इस स्ट्राइक को सफल बनाने का प्रयास कर रहे थे तब घमंडा राम जी इस स्ट्राइक को येन केन प्रकारेण किसी भी प्रकार से समाप्त करना चाहते थे. उनका कहना था की जोधपुर मेडिकल कॉलेज का स्टाफ किसी भी कीमत पर स्ट्राइक पर रुकना नहीं चाहता हैं. और काफी स्टाफ तो ज्वाइन भी कर चूका था.
  4. अजमेर मेडिकल कॉलेज - अजमेर मेडिकल कॉलेज के अर्जेंट टेम्परेरी बेसिस पर लगे लोगो को बोनस अंक का लाभ नहीं मिलने के कारण वे लोग भी आचार संहिता से पहले ज्वाइन करने का मानस बना चुके थे.
  • गद्दार संविदाकर्मी - एक बार आप सभी से गद्दार संविदाकर्मियो की लिस्ट मांगी गयी थी जिसके प्रत्युत्तर में हमें हर जिले के ऐसे लोगो की सूचि प्राप्त हुई जो सामूहिक अवकाश पर नहीं थे. इन गद्दार लोगो की संख्या इतनी ज्यादा थी की हम सभी चकित हो गए. इस लिस्ट को सार्वजानिक किये जाने पर लोगो के उत्साह भंग होने का डर से कभी इस लिस्ट को वेब पर प्रकाशित नहीं किया गया. इसके अतिरिक्त पल्स पोलियो के अभियान में भी लगभग 5 से 10 संविदाकर्मियों ने सक्रीय रूप से भाग लिया.
  • रात्रि कालीन धरने की असफलता - हमारी स्ट्राइक का कोई दबाव सरकार पर नहीं बन रहा था तो इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण था की कुल संविदाकर्मियो (एनआरएचएम संविदा + मेडिकल कॉलेज) की संख्या के मात्र 20% ही हर जिले में दिन के समय धरना स्थल पर उपस्थित होते थे जिनमे फ्रेशर भी शामिल होते थे. परन्तु रात में तो स्थिति यह थी की कई जिलो में तो रात को लोगो के धरना स्थल पर ना रुकने के कारण रात्रि कालीन धरना ही नहीं रखा गया व कुछ जिलो में कुछ दिनों बाद रात्रि कालीन धरना समाप्त ही करना पड़ा. सबसे बड़ी समस्या यह थी की लोगो की यह न्यून संख्या इंटेलिजेंस द्वारा रोजाना सरकार को सूचित की जाती थी जिस से सरकार को हमारे आन्दोलन की कमजोरी का पता लग चूका था.

                                     हमारे आन्दोलन के समाप्त होने का सबसे बड़ा कारण यही लोग थे जो सामूहिक अवकाश पर होने के बाद भी धरना स्थल पर उपस्थित नहीं हुए. जबकि सभी लोगो को 18 फरवरी से ही 24 घंटे धरना स्थल पर उपस्थित रहना था. जिससे सरकार पर इतना प्रेशर बनता की सरकार को हमारी मांगो के आगे झुकना ही पड़ता. यदि कोई व्यक्ति आन्दोलन के दौरान कम से कम 13 दिन भी धरना स्थल पर रात को नहीं सोया तो उसे ही इस आन्दोलन के टूटने का जिम्मेदार माना जाये. और यदि ऐसा कोई व्यक्ति अपने आप को जिला या प्रदेश का प्रतिनिधि समझता हैं तो इसका अर्थ यह हैं की उसे पूरा यकीन हैं की उसके जिले में सभी लोग मुर्ख हैं.

  •  प्रदेश स्तरीय धरने पर लोगो का ना आना - आन्दोलन जारी रखने के लिए जिलो के धरना को मजबूत बनाना जरुरी था परन्तु जब हर कोशिश के बाद भी जिले के धरना स्थलो पर 85% लोगो को लाया नहीं जा सका तब जिलो के स्थान पर प्रदेश के धरने के सर्वाधिक महत्त्व को देखते हुए प्रत्येक जिले से 2 लोगो को जयपुर धरना स्थल पर बुलाया गया परन्तु किसी भी जिले से कोई नहीं आया. जिसके बाद दिनांक 24 फरवरी को हर जिले से 5 लोगो को जयपुर धरने पर बुलाया गया जिस से प्रदेश स्तरीय धरने पर संख्या बल बड़ा कर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता परन्तु किसी भी जिले से 5 लोग जयपुर नहीं पहुचे.   
  • जिला प्रतिनिधियों का असामंजस्य - दिनांक 24 फरवरी को सभी जिले के प्रतिनिधियों को स्ट्राइक की आगे की रूप रेखा तैयार करने के लिए जयपुर बुलाया गया परन्तु जो नतीजे सामने आये वो बड़े ही निराशाजनक रहे. निम्न जिलो की जिला कार्यकारिणी से कोई भी सदस्य जयपुर नहीं पहुचा. जिस से यह पता चला की यह आन्दोलन कितना गैर जिम्मेदाराना तरीके से चल रहा हैं.

         कोटा, बारां, बूंदी, करोली, धोलपुर, दौसा, अलवर, टोंक, भीलवाडा, चुरू, हनुमानगढ़, बांसवाडा, उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमन्द, प्रतापगढ़.

  • विधायको के समर्थन पत्र न ले पाना - सभी जिलो की कार्यकारिणी को इस संबंध में सूचित किया जा चूका था की सभी लोग अपने अपने जिलो के विधायको से समर्थन पत्र ले कर उनसे विधानसभा सत्र में अपने मुद्दे को गर्मजोशी से उठाने का आग्रह करे परन्तु कोटा के अतिरिक्त किसी भी अन्य जिलो के विधायको के समर्थन पत्र प्रदेश कार्यकारिणी को प्राप्त नहीं हुए.
  • संकल्प पत्र की उपेक्षा - दिनांक 22 फरवरी को सभी जिलो से एक संकल्प पत्र भरने का आग्रह किया गया था जिससे कोई भी संविदाकर्मी इस आन्दोलन को बिच में छोड़ कर ना जाये परन्तु प्रदेश कार्यकारणी को आज दिनांक तक भी किसी भी जिले से वो संकल्प पत्र प्राप्त नहीं हुए.
  • आमरण अनशन से विमुखता - जब यह महसूस किया जाने लगा की सरकार अपने आन्दोलन के बावजूद अपनी भर्ती पूरी करने को लेकर कोई नीति तैयार नहीं कर रही हैं तब अपने आखिरी हथियार के रूप में राजस्थान के सभी 33 जिलो को दिनांक 26 फरवरी को आमरण अनशन शुरू करने हेतु निवेदन किया गया था परन्तु दो दिन बाद भी पूरे राजस्थान के 33 जिलो में से मात्र 3 जिले ही आमरण अनशन शुरू कर पाए जिस से यह स्पष्ट हो गया की इस आन्दोलन को लेकर लोगो में हवाई बातें बहूत ज्यादा हैं परन्तु धरातल पर मजबूती बहूत कम हैं.   

इन सभी बिन्दुओ से एक बात तो स्पष्ट हो गई थी की आन्दोलन में इतना दम नहीं हैं की आचार संहिता के 3 महीने के दौरान पुरे प्रदेश के 16000 संविदाकर्मियो को आन्दोलन पर बनाये रख सके. यह आन्दोलन मात्र प्रदेश प्रतिनिधियों का, रोज रात को धरना स्थल पर रुकने वाले सम्मानीय आंदोलनकारियो का, दिन भर आन्दोलन की रुपरेखा तैयार करने के लिए भाग दौड़ करने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओ का ही नहीं था वरन हर उस संविदाकर्मी का था जो इस भर्ती को पूरा होते हुए देखना चाहता था. परन्तु फिर भी अधिकांश लोगो ने इस आन्दोलन को धरना स्थल की अपेक्षा व्हाट्स एप्प, फेसबुक या मौखिक वार्ता में ही सहयोग दिया.

निर्णायक शब्द - हमारा यह आन्दोलन विफल कतई नहीं कहा जा सकता हैं क्यों की इस आन्दोलन में हमने सम्मिलित रूप से बहूत अच्छा प्रदर्शन किया हैं परन्तु तत्कालीन परिस्थितियों के मद्देनजर अगर इस आन्दोलन को एक मजबूत वार्ता के साथ आचार संहिता के लिए एक अल्प विराम नहीं दिया जाता तो यह आन्दोलन स्वतः ही नष्ट हो जाता और उस परिस्थिति में हम दुबारा से कभी कोई आन्दोलन भी नहीं कर पाते. परन्तु अब यदि हमारी एकता को नष्ट करने वाली खरपतवार को हटा दिया जाए तो आज भी हम इस स्थिति में हैं की आचार संहिता के बाद फिर से सही समय पर एक उग्र आन्दोलन कर सकते हैं या सरकार के लिस्ट जारी करने के आश्वासन की पूर्ति के लिए सरकार से लगातार संवाद बनाये रख कर लिस्ट जारी करवा सकते हैं.

हमारी एकता को नष्ट करने वाली खरपतवार के संबंध में सम्पूर्ण तथ्यों के साथ अगले लेख में पूरी जानकारी दी जाएगी.   


दिनांक 07/03/2014 :                                         स्ट्राइक किसने तोड़ी   

आज मैं आप सभी साथियों को यह बताना चाहूँगा की हमारी स्ट्राइक किसने तोड़ी. निचे दिए गए लैटर की कुल 4 प्रतियों पर सभी प्रतिनिधियों ने अपने हस्ताक्षर किये. इन्होने यह हस्ताक्षर चिकित्सा मंत्री जी से वार्ता के बाद नहीं अपितु वार्ता से पहले उस समय किये थे जब की राठौड़ साहब वार्ता के लिए चैम्बर में भी नहीं आये थे. इस पत्र पर हस्ताक्षर करने से पूर्व ही सभी प्रतिनिधियो को यह जानकारी दी जा चुकी थी की इन सभी बिन्दुओ पर मंत्री जी की सहमती हो जाएगी जिसके बाद स्ट्राइक कॉल ऑफ कर ली जाएगी. इस पत्र पर निम्न क्रमानुसार सभी प्रतिनिधियों ने सहमति पूर्वक अपने हस्ताक्षर किये.

इन सभी सदस्यों की मौखिक सहमति मिलने के बाद ही स्वास्थ्य मंत्री जी ने मीडिया को बुलाया तथा मीडिया के सामने भी सभी प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति दी. निचे दिए गए फोटो में सभी प्रतिनिधियो की सहमति के बाद सब साथ में खड़े हो कर मीडिया को संबोधित कर रहे हैं. नर्सेज के अतिरिक्त आयुष चिकित्सक, आयुष नर्सेज, फार्मासिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर व दो दिन पहले लैब सहायक वर्ग ने भी अपनी स्ट्राइक तोड़ दी. अधिकतर लोग यह सोच रहे होंगे की एक साथ इतने वर्गों के प्रतिनिधियों ने स्ट्राइक क्यों तोड़ दी. बहूत जल्द ही 1-2 दिन में आप सभी साथियों को इस संबंध में भी जानकारी दी जाएगी की स्ट्राइक क्यों तोड़ी गयी.  

रमाकांत शर्मा           - 9251603103 - अध्यक्ष, एसएमएस मेडिकल कॉलेज संविदा नर्सेज यूनियन  

मुकेश खंडेलवाल       - 9828650058 - प्रदेश व. उपाध्यक्ष, राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एवं पेरामेडिकल कर्मचारी महासंघ   

हेमपाल सिंह जादोन - 9694093879 - प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एवं पेरामेडिकल कर्मचारी महासंघ

देवाराम चौधरी         - 9784814866 - प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन  

अभिनीत भारद्वाज     - 7737799838 - प्रदेश संरक्षक, राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन

अजय पूनिया            - 9783188444 - प्रदेश संरक्षक, राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एवं पेरामेडिकल कर्मचारी महासंघ

मनफूल पूनिया         - 8104403426 - कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन  

  

 


दिनांक 07/03/2014 : हमारे अधिकारियो जैसे अति. निदेशक (प्रशा.) व परियोजना निदेशक के बदलने से हमारे कुछ काम सुस्त हो गए हैं जिस कारण आज अभिनीत भारद्वाज व सीताराम चौधरी ने लिपिक वर्ग के कर्मचारियों से लड़ झगड़ कर दिनांक 12/02/2014 से 28/02/2014 तक सामूहिक अवकाश पर रहे नर्सेज का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करा लिया हैं. जिसके लिए उच्च स्तरीय अनुमति प्राप्त कर आर्डर जारी कर दिया गया हैं. पर संघर्ष सिर्फ इतने के लिए ही नहीं हैं. मंजील अभी दूर हैं. 


दिनांक 04/03/2014 

28 फरवरी को हुए समझोते की लिखित कॉपी आज अतिरिक्त मिशन निदेशक नीरज के. पवन जी से प्राप्त की गई कल से आचार संहिता लग रही हैं. बावजूद इसके यूनियन लिस्ट जारी कराने के लिए सभी प्रयास करती रहेगी. और हाँ ये वही आर्डर हैं जिसे प्राप्त करने के लिए यूनियन के देवाराम जी 28 फरवरी को हुई आखिरी वार्ता के तुरंत बाद नीरज के. पवन के पास बैठे रहे थे. आर्डर तो उसी दिन तैयार हो गए थे परन्तु आज इसे डिस्पैच कर जारी किया गया हैं. इसके अतिरिक्त और भी चीजे आप सभी के सामने लायी जाएँगी.

अब यदि किसी को ऐसा लगता हैं की सरकार से बगैर किसी लिखित समझौते के ही सामूहिक अवकाश को वापस ले लिए गया हैं तो उनकी यह भ्रान्ति भी दूर हो गयी होगी. और रही बात नियमित लिस्ट जारी होने की तो उसके लिए तो स्वास्थ्य मंत्री जी ने मीडिया में सबके सामने ही घोषणा कर दी थी. पर फिर भी यदि लिस्ट जारी नहीं होती हैं तो आप सभी भली भांति जानते हैं की आगे हमें क्या करना हैं.

यदि आप सब यह जानना चाहते हैं की आन्दोलन कैसे और क्यों समाप्त हुआ तो मैं आप सभी लोगो से यह वादा करता हु की इसके संबंध में आपको वह जानकारी वेब पर शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी जिसके बारे में अभी तक किसी को भी कुछ भी नहीं पता हैं.

 

 


दिनांक 28/02/2014 : आज की वार्ता में आन्दोलन की घोषणा के के बाद भी काफी देर तक देवाराम जी सहित 3 अन्य सदस्यों के प्रशासनात्मक क्रिया कलापो में व्यस्त होने से काफी देर तक उनसे वार्ता नहीं हो सकी जिस कारण आन्दोलन वापस लेने के सम्बन्ध में काफी संशय बने  राजस्थान सयुंक्त संविदा नर्सेज के बैनर तले आज आन्दोलन के 17वे दिन राज्य सरकार व राजस्थान सयुंक्त संविदा नर्सेज के प्रतिनिधि मण्डल के साथ स्वास्थ्य भवन में आज शाम को 5 बजे से 7:30 बजे तक चली वार्ता .चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र जी राठौड़ जी की अध्यक्षता में प्रमुख शासन सचिव दीपक उप्रेती, एनआरएचएम मिशन निदेशक सुनील जी धारीवाल, अति. मिशन निदेशक नीरज के. पवन के साथ नर्सेज प्रतिनिधि मण्डल की हुई वार्ता सकारात्मक रही. जिसमे हमारे प्रतिनिधि मण्डल ने अपनी वाजिब मांगो पर स्वास्थ्य मंत्री जी समेत सभी सम्बंधित अधिकारियो से सहमति प्राप्त की.

हमारी मांगो के रूप में सबसे महत्वपूर्ण मांग थी की किसी भी प्रकार से हमारी लिस्ट आचार संहिता से पहले जारी हो. जिसके प्रत्युत्तर में मंत्री जी ने कहा की यदि हम आपकी यह मांग मान ले तो क्या आप अपना आन्दोलन वापस ले सकते हैं. तब हमारे प्रतिनिधि मण्डल ने इस पर सहर्ष स्वीकृति दी. मंत्री जी ने कहा की आप हम पर भरोसा करो तो ही हम आप पर भरोसा कर सकते हैं. मंत्री जी ने हमारे प्रतिनिधि दल को आश्वस्त किया की आचार संहिता की स्थिति में भी हमारी जोइनिंग करवाई जा सकती हैं.

इसके अतिरिक्त सभी मांगे में राज्य सरकार द्वारा मान ली गई हैं. जिनका क्रियान्वयन इस मंगलवार तक होने की संभावना हैं.

वार्ता के बिंदु

राजस्थान सयुंक्त संविदा नर्सेज संघर्ष समिति के बैनर तले उपस्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, डिस्पेंसरी, मेडिकल कॉलेज, झालावाड मेडिकल कॉलेज के अस्थाई/एनआरएचएम/संविदा/आरसीएच के एएनएम, नर्स ग्रेड-2, पीएचएन, आयुष कम्पाउण्डर आचार संहिता से पहले नियमित नियुक्ति की अपनी वाजिब मांग को लेकर दिनांक 12/02/2014 से आज दिनांक तक अनिश्चितकालीन अवकाश पर हैं.

 

वार्ता के बिंदु :-

 

1.     माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर की वृहद पीठ के फैसले के अनुसार एएनएम, नर्स ग्रेड-2, पीएचएन, आयुष कम्पाउण्डर को आचार संहिता से पहले नियमित नियुक्ति देने बाबत.

2.     संविदा नर्सेज के नए नियुक्त नर्स-II का मानदेय 13050/- हैं जबकि पुराने मेडिकल कॉलेज व ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत का मानदेय 7500/- ही दिया जा रहा हैं. जबकि समान कार्य व समान पद को देखते हुए मानदेय भी समान होना चाहिए या दिनांक 26/12/2011 के समझौते के अनुसार मध्य प्रदेश या बिहार पेटर्न के आधार पर राज्य के नर्सेज एएनएम, नर्स ग्रेड-2, पीएचएन का मानदेय लागु कर जल्द क्रियान्वियती करने बाबत.

3.     सामूहिक अवकाश पर रहे अस्थाई/एनआरएचएम/संविदा/आरसीएच एएनएम, नर्स ग्रेड-2, पीएचएन, आयुष कम्पाउण्डर पर की गई किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्यवाई वापस लिए जाने बाबत.

4.     सामूहिक अवकाश पर रहे नर्सेज कार्मिको की अवकाश अवधि को सवैतनिक आकस्मिक अवकाश में बदलने बाबत.

5.     संविदा नर्सेज की CPF व मेडिक्लेम पालिसी पूर्व सहमति के अनुसार लागू करने बाबत (संविदा कार्मिको की म्रत्यु संविदा अवधि में हो गयी हैं कोई क्षतिपूर्ति राशी प्राप्त नहीं हुई हैं इससे परिवार आर्थिक संकट में पड जाता हैं.)

6.     पूर्व सहमति के अनुसार संविदा नर्सेज के अनुबंध का विस्तार वार्षिक करने एवं लंबित 10% प्रतिवर्ष मानदेय अभिवृद्धि करने बाबत.

7.     नर्स-II व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को पूर्व में दिया जाने वाला ग्रामीण भत्ता व हार्ड ड्यूटी अलाउंस पूर्व में बंद कर दिया था वो पुनः दिलाने बाबत.

 नोट – बिंदु संख्या 5 से 7 तक पूर्व में भी सत्र 2011 में लिखित सहमति बनी थी. जबकि आज दिनांक तक भी उसकी क्रियांवियती नहीं हुई.

 उपरोक्त मांगो के सम्बन्ध में महोदय की सहमति के पश्चात समस्त बिन्दुओ पर आज ही लिखित आदेश प्रसारित करवाए जाने की कृपा करे.

 


दिनांक 27/02/2014 :                 हमारे आन्दोलन के समर्थन में नियमित नर्सेज करेंगे टोकन स्ट्राइक 

साथियों यह कोई छोटी बात नहीं हैं. हमारे नियमित नर्सेज ने हमारे आन्दोलन को समर्थन देते हुए राज्य सरकार को चेतावानि स्वरुप राज्यव्यापी एक दिन की टोकन स्ट्राइक करने का फैसला किया हैं. राजस्थान यूनाइटेड नर्सेज संघर्ष कोर कमेटी व राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश के पदाधिकारीयो ने सरकार को कल तक लिस्ट जारी करने का समय दिया हैं व हमारी लिस्ट जारी ना होने की स्थिति में दिनांक 1 मार्च 2014 को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक राज्यव्यापी कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया हैं.

साथियों राजस्थान यूनाइटेड नर्सेज संघर्ष कोर कमेटी के प्रांतीय मेम्बर सेक्रेटरी यजुवेंद्र जी ने व राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन के राजेंद्र राणा जी ने हमारे आन्दोलन के समर्थन में जो सराहनीय कदम उठाया हैं. इसके लिए हम ताउम्र उनके आभारी रहेंगे.

समाचार पत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आचार संहिता दिनांक 06 मार्च के बाद कभी भी लग सकती हैं. ऐसे में हमारे पास काफी समय हैं. सरकार पर प्रेशर बनाने के लिए. कल से प्रदेश स्तर पर आमरण अनशन शुरू किया जा रहा हैं. जिसके बाद सरकार से हर हालत में हमारी वार्ता होगी. और हर बार वार्ता में अपनी मांगे रखने से पहले हर प्रतिनिधि दल सरकार द्वारा आन्दोलन के दौरान लिए गए अनुशासनात्मक कार्यवाही को वापस लेने की मांग रखते हैं. और 15 अगस्त 1947 से देश की आजादी के बाद से आज तक हर कर्मचारी आन्दोलन में यही हुआ हैं की सरकार आमरण अनशन के दौरान की वार्ता में अपने द्वारा आन्दोलन के दौरान लिए गए सभी अनुशासनात्मक कार्यवाही को निरस्त कर देती हैं. जिसके बाद इस बात पर चर्चा होती हैं की आंदोलनकारियो की मुख्य मांग का क्या किया जा सकता हैं.

हो सकता हैं की हमारी मांग ना मानी जाये पर यह कभी नहीं हो सकता की आमरण अनशन के दौरान हुई वार्ता में सरकार द्वारा की गई सभी अनुशासनात्मक कार्यवाई वापस ना ली जाये तो साथियों जब आपको पता हैं की आपकी वर्तमान नौकरी को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं हैं तो संघर्ष में अपना पूरा जोर लगा दो.

सरकार द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की कार्यवाई की रत्ती भर भी चिंता मत करो. आचार संहिता से सम्बंधित विधिक राय भी ली जा चुकी हैं इसलिए आचार संहिता से भी डरने की कोई जरूरत नहीं हैं. अब हमारे पास क्या बचा हैं फ़िक्र करने के लिए जो हम इस आन्दोलन से विमुख हो सके. इस आन्दोलन से यदि कोई पीछे भी हटना चाहे तो इसके लिए तो कोई बहाना भी नहीं हैं. अब मुद्दे की बात यह हैं की यदि कोई साथी फट्टू नहीं हैं और थोडा सा भी दिल गुर्दा, हिम्मत हैं तो बेफिक्र हो कर इस आन्दोलन में भाग लो इस आन्दोलन को घर बैठ कर इन्टरनेट या फ़ोन पर नहीं बल्कि धरना स्थल पर सशरीर उपस्थित रह कर भाग ले.


दिनांक 27/02/2014 :                             आमरण अनशन का आगाज़ 

साथियों कल से राजस्थान के विभिन्न जिलो में आमरण अनशन का माहौल दिखने लगेगा. इसी के सम्बन्ध में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया हैं. की जिलो के स्थान पर प्रदेश स्तर पर आमरण अनशन ज्यादा मजबूत होना चाहिए इसलिए सभी जिलो के क्रांतिकारियों से यह अपील हैं की वे कल सुबह तक जयपुर पधार कर इस आन्दोलन को विकराल रूप देने में अपना सक्रीय योगदान दे और यदि कोई जिला अपने जिला स्तर पर भी आमरण अनशन करना चाहते हैं तो वे ऐसा भी कर सकते हैं.

अब जब हमें साफ़ दिख रहा हैं की पूर्व सरकार की भांति यह सरकार भी हमारे प्रति पूर्णतः उदासीन हैं तो अब हमारे पास आमरण अनशन के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं बचा हैं. हमारे चिकित्सा मंत्री जी ने जयपुर में हमारी नर्स बहन के सर पर हाथ रख कर जो कसम खाई थी की आचार संहिता से पहले वो हमारी भर्ती पूरी कर देंगे तो अब देखना यह हैं की चुरू जिले के राजेंद्र राठौर साहब अपने शब्दों का मान रखने में किस प्रकार कामयाब होते हैं.

इसके अतिरिक्त कल शाम को समाचार प्लस राजस्थान न्यूज़ चैनल पर राजस्थान सयुंक्त नर्सेज संघर्ष समिति के सदस्य हेमपाल जी जादौन (9694093879) के साथ लाइव बहस भी की गई थी. इस शानदार बहस में एंकर अमिताभ चक्रवर्ती जी ने कांग्रेस और भाजपा के नेताओ को आड़े हाथो लिया. उन्हें इस भर्ती व हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए काफी लताड़ा. इसके अतिरिक्त उन्होंने राज्य सरकार को 72 घंटे में इस भर्ती को पूरा करने हेतु चुनोती भी दी. भाई हेमपाल जादौन व सच्चे व योग्यतम एंकर अमिताभ चक्रवर्ती को इस लाइव बहस के लिए आभार.

आज महा शिवरात्रि होने से सभी जिले के धरना स्थलों पर शिव जी का रुद्राभिषेक किये जाने का प्रोग्राम रखा गया हैं. आज के इस पवन दिवस पर इस प्रकार के आयोजन से विशेष लाभ मिल सकते हैं.


दिनांक 26/02/2014 : साथियों सरकार के हमारे आन्दोलन के प्रति उदासीन रवैये को देखते हुए हमारे अजमेर जिले के साथीगण जिला स्तर पर आमरण अनशन करने की योजना बना रहे हैं. जिसके लिए उन्हें आज या कल में सुचना स्वरुप एक लैटर (Click here to Download) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीएमओ व कलेक्टर साहब को देना होगा. दिए गए प्रारूप को सभी जिला कार्यकारिणी के लैटर हेड पर लिख कर या प्रिंट निकाल कर देना होगा.

सभी जिला कार्यकारिणी के सदस्यों से अनुरोध हैं की वे कल तक अपने जुझारू लोगो की टीम तैयार कर के आमरण अनशन हेतु देवे व आज ही इसकी सुचना प्रेस व मीडिया को देवे.


दिनांक 25/02/2014 : कल स्टूडेंट्स नर्सेज एसोसिएशन (Samarthan Patr Download) ने भी हमारे आन्दोलन को अपना समर्थन देते हुए संविदा नर्सेज के स्थान पर उनसे करवाए जा रहे कार्य का बहिष्कार करने की घोषणा की. इनके इस प्रकार के सहयोग से निश्चित रूप से हमारी स्थिति और मजबूत होगी.

सभी जिले/संभाग के प्रतिनिधियों से निवेदन हैं की सभी जिलो व मेडिकल कॉलेज से सम्बंधित नर्सिंग इंस्टिट्यूट से जुड़े नर्सिंग स्टूडेंट्स व राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन (RRNA) के प्रतिनिधियों को आज ही अपने धरना स्थल पर बुला कर उनसे समर्थन ले व कल से कार्य के बहिष्कार सम्बंधित न्यूज़ उनके द्वारा प्रेस व मीडिया में प्रेषित कराये. जयपुर में यह समर्थन लिया जा चुका हैं. उन्होंने कल से कार्य बहिष्कार की सहमति भी दी हैं.   

 


दिनांक 25/02/2014 :            राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन ने दिया समर्थन (Click here to Download)

आज हमारे नियमित वरिष्ठजनो राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन (RRNA) के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेंद्र जी राणा जी ने हमारे आन्दोलन का लिखित रूप से समर्थन दिया हैं. जिसमे उन्होंने राज्य सरकार से निवेदन किया हैं की वह हमारी भर्ती प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करे वरना मजबूरन RRNA को हमारे हितो की रक्षा के लिए कार्य का बहिष्कार करना पड़ेगा.

सभी साथियों से निवेदन हैं की इसी समर्थन पत्र के आधार पर अपने अपने जिले के नियमित नर्सेज एसोसिएशन से समर्थन प्राप्त करे व इसकी न्यूज़ सम्बंधित नियमित नर्सेज एसोसिएशन के लैटर हेड पर प्रेस नोट में रूप में प्रेस को देवे. आज ही इस कार्य को प्रथम वरीयता देते हुए शीघ्रता से पूर्ण करे.


दिनांक 25/02/2014 : आज चिकित्सा मंत्री जी का चुरू व हनुमानगढ़ का दौरा हैं. सभी संविदाकर्मी व फ्रेशर उनसे मिले. सभी लोग सफ़ेद यूनिफार्म में एप्रिन पहन कर मिले. हाथ में भीख का कटोरा और गले में तख्ती लटका कर मिले. तख्ती पर हमारी लिस्ट जारी करने के बारे में लिखा होना चाहिए.

इसी प्रकार मुख्यमंत्री महोदया जी का आज और कल दो दिन दौरा हैं इन दो दिनों में वो जोधपुर, उदयपुर, बारां व झालावाड में रहेगी. उनसे भी मिल उन्हें याद दिलाये की उन्होंने किस प्रकार सरकार में आने से पहले 2 महीने में लिस्ट जारी करने का वादा किया था याद रखे की यदि आप भीख मांगने का प्रोग्राम बना रहे हैं तो यह प्रोग्राम गुप्त हो. यदि आप वह भिखारी के वेश में जायेंगे तो मंत्री जी के आने के पहले ही आपको वहा से हटा दिया जायेगा. इसलिए जब तक मंत्री जी ना आ जाये हाथ में कटोरा ना ले व आपकी तख्ती भी छुपी होई होनी चाहिए. मंत्री जी के आते ही अपना रोल दिखाना हैं.

 

स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा कसम खा कर यह आश्वासन दिया गया की हर हालत में आचार संहिता से पहले नर्सेज की लिस्ट जारी कर दी जाएगी. परन्तु इस बाबत मंत्री जी की अभी तक हमारे प्रतिनिधि दल से कोई वार्ता नहीं हुई हैं. इसलिए इस आन्दोलन को बनाये रखना हैं. जब तक सरकार द्वारा भर्ती पूरी करने  हेतु  किसी प्रकार  का ठोस कदम नहीं उठा लिया जाता और जब तक हमारा प्रदेश नेतृत्व अपने आन्दोलन को वापस लेने के लिए यूनियन की वेब द्वारा अधिकृत सूचना जारी नहीं करता हैं. तब तक हमें आन्दोलन को बनाये रखना हैं. किसी भी प्रकार की मीडिया द्वारा या किसी भी व्यक्ति द्वारा फैलाई न्यूज़ को अधिकृत ना माने. ............................... आन्दोलन जारी हैं. ............ और सफल होने तक जारी ही रहेगा. 


दिनांक 24/02/2014 : आज जब हमारे प्रितिनिधि राजस्थान नर्सिंग काउन्सिल में चिकित्सा मंत्री राजेंद्र जी राठौर जी से भीख मांगने पहुचे तो उन्होंने हमारे प्रतिनिधि के सर पर हाथ फेरते हुए कहा की तुम्हारा काम आचार संहिता से पहले हो जाएगा. पर जब शाम को लैब सहायक नीरज पवन जी से मिलने गए तो उन्होंने कहा की आचार संहिता लगने के बाद देखते हैं कि नर्सेज का क्या होता हैं. अर्थात वे एक तरह की धमकी दे रहे थे की देखता हु नर्सेज की भर्ती कैसे होती हैं. कितना विरोधाभास हैं हमारे स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र जी राठौर जी के बयान मैं और नीरज पवन जी के बयान में.

साथियों इस आन्दोलन को और तीव्र करने के लिए कल हमारे कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मनफूल जी पूनिया बहूत ही प्रतिष्ठित वकील से यह जानकारी लेंगे की आचार संहिता में आन्दोलन को जारी कैसे रखना हैं.


दिनांक 24/02/2014 :                     लिस्ट जारी होने तक जारी रहेगा आन्दोलन

राजस्थान संविदा सयुंक्त संघर्ष समिति तब तक आन्दोलन जारी रखेगी जब तक की हमारी लिस्ट जारी नहीं हो जाती. हर एक संविदाकर्मी व बेरोजगार इस सयुंक्त संघर्ष समिति का सदस्य होने के नाते इस आन्दोलन से तब तक पीछे नहीं हट सकता जब तक की हमारी लिस्ट जारी नहीं हो जाती हैं.

हो सकता हैं की मीडिया किसी प्रकार की गलत न्यूज़ पब्लिश कर दे या किसी न्यूज़ को इस तरह से पब्लिश करे की हम लोग ऐसा सोचने लगे की हमारा आन्दोलन समाप्त हो गया हैं परन्तु इस वेब द्वारा प्रसारित सुचना को ही अधिकृत माना जाए.


दिनांक 24/02/2014 :                राजस्थान संविदा नर्सेज सयुंक्त संघर्ष समिति जयपुर में मांगेंगे भीख

आज हमारे आन्दोलनकारी जयपुर में सबसे पहले एक दल के रूप में मुख्यमन्त्री जी से मिलने CM हाउस पहुचे. परन्तु उनकी मुलाक़ात मुख्यमन्त्री महोदया जी से नहीं हो सकी. मुख्यमन्त्री जी की अनुपस्थिति में भंवर लाल जी विश्नोई, रामावतार जी व माधव सिंह जी व अन्य ओ एस डी के. के. पाठक जी से मुलाक़ात की जिन्होंने जानकारी दी की इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बनाई गयी समिति जल्द ही इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर देगी.

इसके बाद भंवर लाल जी विश्नोई जी , रामावतार जी, रवि जी, दीपक जी , मुकेश धाकड़ जी, मो. हारून जी, नेमी चंद जी, साजिद जी, रमजान जी व रवि जी राजस्थान नर्सिंग काउन्सिल के नए भवन के शिलान्यास समारोह में स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र सिंह जी राठौड के सम्मुख लोगो से भीख मांग कर अपनी भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी किये जाने की मांग करेंगे. इसके पश्चात यह दल स्वास्थ्य भवन जा कर वहा के अधिकारियो व कर्मचारियों से भीख मांगेंगे.


दिनांक 23/02/2014 :    स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र राठौर जी से हुई वार्ता व जयपुर के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने दिया आन्दोलन को समर्थन

स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र राठौर जी से वार्ता - आज का दिन बहूत महत्वपूर्ण रहा. आज शाम को बेरोजगार नर्सेज के एक दल के साथ साजन सियाग जी स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र सिंह जी राठौर साहब से मिलने पहुचे. जहा पर काफी देर तक उनकी वार्ता हुयी. वार्ता के दौरान मंत्री जी ने कहा की आप लोगो ने काफी समय से नौकरशाही को ही सब कुछ मान रखा हैं. आप लोग अधिकारियो से तो वार्ता करते हो पर मुझसे नहीं. तब उन्हें बताया गया की जिस किसी ने भी यूनियन को वार्ता के लिए कॉल किया हमने वार्ता का प्रस्ताव सहर्ष स्वीकार किया. परन्तु वार्ता का मकसद लिस्ट जारी करने के मुद्दे पर ना होकर मात्र आन्दोलन को समाप्त करने का ही रहा था.

इसके बाद मंत्री जी ने साजन सियाग जी तसल्ली वार्ता कर उन्हें कहा की आप की उम्र में तो मैं MLA बन गया था. मैं मेहनत करना जानता हु. और आपकी लिस्ट जारी करने के जितने प्रयास में कर रहा हु उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. बस यह मानो के मैं आप लोगो के साथ धरने पर ही नहीं बैठा इसके अतिरिक्त बाकी सब कुछ मैं आपके पक्ष में ही कर रहा हु. लिस्ट जारी करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा की बहूत शीघ्र ही यह लिस्ट जारी कर दी जाएगी.

जयपुर के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने दिया समर्थन - आज जयपुर एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स (जार्ड) ने राजस्थान संविदा नर्सेज सयुंक्त संघर्ष समिति के आन्दोलन को लिखित समर्थन दिया व सरकार से हमारे पक्ष में इस भर्ती को जल्दी ही पूरा करने की मांग की और भर्ती जल्दी पूरी नहीं होने पर हमारे आन्दोलन के समर्थन देने की लिखित चेतावनी भी सरकार को दि.

साथियों हमें हमारे नियमित कैडर के साथियों का समर्थन अभी तक नहीं मिला हैं. मात्र बीकानेर  के नियमित नर्सिंग स्टाफ ने हमारे लिए 2 घंटे की टोकन स्ट्राइक की. इसी प्रकार का समर्थन हमें सवाई माधोपुर के नियमित स्टाफ ने भी दिया. जिसके लिए हम जीवन पर्यंत उनके आभारी रहेंगे. परन्तु इसके अतिरिक्त किसी भी जिले के या प्रदेश के प्रतिनिधियों ने मात्र हवाई बातें ही की हैं. हमारे कैडर के सभी प्रमुख प्रतिनिधियों की असली सूरत शीघ्र ही हमारे सामने होगी. साथियों हमें किसी भी प्रकार आश्वाशन की नहीं अपितु ठोस समर्थन की जरूरत हैं. जो हमें हमारे नियमित नर्सेज प्रतिनिधियो से तो नहीं मिला परन्तु जयपुर एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स (जार्ड) के डॉ. गोविन्द शर्मा व डॉ. राजवेन्द्र सिंह जी  से मिला. इस प्रकार के ठोस समर्थन के बाद यह बात तो साफ़ हैं की यदि अब सरकार से लड़ना भी पड़ा तब भी यदि जार्ड हमारे साथ बने रहे तो भी हम सरकार से भी निश्चित रूप से जीत जायेंगे.


दिनांक 23/02/2014 : आज सुबह सुबह माधव सिंह मीना जी के नेतृत्व में हमारे फ्रेशर साथी चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौर  जी से मिले व हुई वार्ता में सभी साथियों ने मंत्री जी से जल्द ही लिस्ट जारी करने की गुज़ारिश की जिसके बाद चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौर  जी ने कहा की आपकी लिस्ट पर बहूत जोर शोर से काम चल रहा हैं और निश्चित रूप से आपकी लिस्ट हर हाल में आचार संहिता से पहले जारी हो जाएगी.

साथियों हर प्रकार के सरकारी सूत्रों से यह जानकारी लगातार प्राप्त हो रही हैं की हमारी लिस्ट बहूत जल्दी ही जारी होने वाली हैं परन्तु हमें हमेशा से संशय रहा जिस कारण हमने कभी इस प्रकार की सुचना को पब्लिश नहीं किया परन्तु चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौड जी के शब्द एक अलग ही महत्त्व रखते हैं.

                                        परन्तु इसका तात्पर्य यह नहीं हैं की हम निश्चिंत हो जाए हमारा आन्दोलन अनवरत जारी ही रहेगा. आज हम निर्णायक मोड पर आ पहुचे हैं व निर्णायक रणनीति के लिए  कल दिनांक 24/02/2014 को दोपहर 12 बजे एस एम एस मेडिकल कॉलेज के बाहर पार्क में  सभी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष व जिले के जिलाध्यक्ष मय 5 अन्य व्यक्ति जयपुर पहुचे.

 


दिनांक 23/02/2014 : स्पष्ट निर्देश :-

  • कोई भी संविदा कर्मचारी पल्स पोलियो में ड्यूटी नहीं करेगा. यदि कोई गद्दार ड्यूटी पर जाये तो उसका नाम, पद, पद स्थान, मोबाइल न.  एक लिस्ट में बना कर  अपने जिला अध्यक्ष को दे. तथा nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर मेल करे. मेल के सब्जेक्ट में  जिले का नाम, गद्दार लिस्ट लिखे. उदा. jaipur gaddar list, jodhpur gaddar list.
  • यह आन्दोलन लोगो के कहने पर किया गया हैं. तो लोगो को इस आन्दोलन में ही बने रहना होगा. सभी लोगो के घर और रिश्तेदार हैं. घर पर काम होने या किसी रिश्तेदार का काम या किसी की बीमारी या शादी जैसे बहाने सभी के पास हो सकते हैं. यदि आप की स्वयं के नज़रो में इज्जत हैं या आप बेशर्म नहीं हैं तो महा अवकाश के दौरान धरने पर ही रहे. जो धरने पर नहीं हैं वो बाकी सब को बेवकूफ और खुद को ज्यादा चालाक समझ रहे हैं.
  • धरने पर आने का मतलब हाजिरी लगाना नहीं हैं. पुरे दिन धरने पर ही बैठे. इधर उधर घुम फिर कर टाइम पास ना करे. वरना लाइफ पास हो जाएगी और हम फ़ैल.
  • हमसे यदि सरकार कोई वार्ता करेगी तो जयपुर में उपस्थित प्रतिनिधियों से ही करेगी. यदि किसी स्थान का धरना सरकार पर सबसे ज्यादा दबाव बना सकता हैं तो वो जयपुर का धरना ही हैं. आप सभी को कई बार सूचित किया जा चूका हैं की प्रत्येक जिले से दो जिम्मेदार लोगो को जयपुर भेजे. पर एक भी जिले के जिलाध्यक्ष ने अभी तक इस प्रकार का कोई सहयोग नहीं दिया हैं. अब कल दिनांक 24/02/2014 को दोपहर 12 बजे एस एम एस मेडिकल कॉलेज के बाहर पार्क में  सभी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष व जिले के जिलाध्यक्ष मय 5 अन्य व्यक्ति जयपुर पहुचे.
  • यह राज्य स्तरीय महा अवकाश व धरना आप सभी लोगो से पूछ कर किया गया हैं पर अब इसकी सफलता के लिए हम सभी को एक सोचे समझे तरीके से प्लानिंग कर के चलना होगा और आप सभी को इसमें शामिल भी होना होगा. प्रदेश कार्यकारिणी जो भी फैसला ले उसमे सभी की भागीदारी सुनिश्चित करे. प्रदेश स्तर पर प्रदेश कार्यकारिणी व जिला स्तर पर जिला कार्यकारिणी ही अधिक मेहनत कर रहे हैं. बाकि लोग कहा हैं जिनके कहने पर यह आन्दोलन शुरू किया गया था. यह आन्दोलन गिने चुने लोगो का नहीं हैं. जब तक लिस्ट जारी नहीं होती प्रत्येक व्यक्ति को धरना स्थल पर ही रहना होगा वरना लिस्ट कभी जारी नहीं होगी.
  • हम अपने संघर्ष के निर्णायक दौर में हैं. अभी जोर लगा दिया तो तुरंत ही लिस्ट जारी हो जाएगी. सरकारी सूत्रों की माने तो लिस्ट कभी भी जारी की जा सकती हैं.

दिनांक 22/02/2014 : साथियों सरकार की हालत काफी खराब हैं. ऐसा अंदेशा हैं की सरकार ने हमारे आन्दोलन को समाप्त करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियो जैसे नीरज पवन जी को दी हैं. और जब तक नीरज पवन जी अपने आन्दोलन को तौड़ने का प्रयास कर रहे हैं. कोई सम्बंधित मंत्री जी हमसे वार्ता नहीं करेंगे. परन्तु जब नीरज पवन जी उनके समस्त कूटनैतिक उपाय करने के बाद भी अपने आन्दोलन को तौड़ने में विफल हो जायेंगे. तब मुख्यमन्त्री महोदया जी या चिकित्सा मंत्री जी अपने से वार्ता करेंगे और तब अपनी लिस्ट निकाली जाएगी.

अब चूँकि नीरज पवन जी इनती कम उम्र में भी इतने सफल सीनियर आई ए एस अधिकारी हैं. और उनके पास इतने बड़े बड़े आंदोलनों को सफलता पूर्वक तौड़ने का पर्याप्त अनुभव भी हैं. इसके साथ ही उन्होंने साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री भी ली हैं. और उनसे आज तक की गयी वार्ता में यही सिद्ध हुआ हैं की वो एक बहूत ही बेहतरीन साइकोलोजिस्ट हैं. इन सब बातो का तात्पर्य यह हैं की वे हमारे इस आन्दोलन को तौड़ने के लिए कई प्रकार के आश्चर्यजनक उपाय करेंगे. जिनके बारे में हम सोच भी नहीं सकते. इससे यह भी हो सकता हैं की हम सोचने को मजबूर होने लगे, अपने आप को कमजोर समझने लगे या हमारा धैर्य व संयम टूटने लगे.

परन्तु एक बात बिलकुल साफ़ हैं की नीरज पवन जी यदि अपने सारे प्रयासों के बाद भी हमारे आन्दोलन को तोड़ने में विफल रहे तो हर हालत में हमारी वार्ता चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौर जी या मुख्यमन्त्री वसुंधरा राजे जी से करवाई जाएगी. और यह भी तय हैं की वो हमें निराश नहीं करेंगे. वे तुरन्त हमारी लिस्ट जारी करवा देंगे.

अब मुद्दे की बात यह हैं की यदि हमने अपनी संविदा की नौकरी को फिर से ज्वाइन नहीं किया तो निश्चित रूप से हमें नियमित नियुक्ति मिलने के बाद नियमित कर्मचारी के तौर पर तो ज्वाइन करना ही पड़ेगा.

इसलिए नियमित होने के लिए सिर्फ एक काम ही करना हैं की चाहे जो हो अवकाश पर बने रहे ज्वाइन ना करे. अपना काम अपने आप हो जायेगा. और रही बात आचार संहिता की तो आचार संहिता के बाद ज्वाइन करना अनिवार्य नहीं हैं. परन्तु फिर भी यदि हमें नोटिस दे कर ज्वाइन करने का समय भी दे और उस समय में भी हम ज्वाइन ना करे तो क्या होगा ??????

तब भी 163 विधायको की यह राष्ट्र की सबसे मजबूत राज्य सरकार  16,000 कर्मचारियों को टर्मिनेट नहीं कर सकती. तो अब समझे की हमारी ताकत क्या हैं. यदि कोई भी ज्वाइन नही करे तो हम नियमित हो जायेंगे. थोड़े बहूत #*&%@_+ लोगो ने ज्वाइन कर भी लिया तब भी हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा. पर उन लोगो को फर्क जरूर पड़ेगा जो दर कर विचलित हो कर ज्वाइन कर लेंगे. जीवन पर्यन्त वे लोग हम लोगो की नजरो में गीरे ही रहेंगे.

पिक्चर अभी बाकी हैं मेरे दोस्त .    तो साथियों जिद करो   .................................      दुनिया बदलो !    


दिनांक 22/02/2014 : सभी लोगो को सूचित किया जाता हैं की किसी भी प्रकार की अनाधिकृत सुचना से भ्रमित ना होवे. हमारा आन्दोलन लिस्ट जारी होने तक जारी रहेगा. इसके अतिरिक्त इस आन्दोलन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए निम्न बिन्दुओ पर अनिवार्य रूप से ध्यान देवे.

  • कोई भी एनआरएचएम /अस्थाई/संविदाकर्मी पल्स पोलियो में कार्य नहीं करेगा. यदि धरना स्थल पर बूथ लगाया जाये तो सिर्फ धरना स्थल पर पोलियो की दावा पिला सकते हैं. इसके अतिरिक्त कोई भी कही भी पोलियो की दवा नहीं पिलाएगा.
  • जिला/ब्लाक/मेडिकल कॉलेज स्तर पर समस्त आंदोलनकारियो/ अवकाश पर रहे कर्मचारियों की लिस्ट जिसमे उनका नाम/पद/पद स्थान/ मोबाइल न. हो आज ही बनाये और लिस्ट बना कर एक मेल nrhm.rajasthan.union@gmail.com पर करे.
  • सभी जिले के प्रतिनिधियों से आग्रह किया जाता हैं की वे जयपुर धरने पर रात्रि काल में भी संख्या बल बनाये रखने के लिए अपने अपने जिलो से 2-3 लोगो को 2 दिनों के लिए भेजे. इस बारे में वे प्रदेश कार्यकारिणी से लगातार संपर्क बना कर उन्हें सूचित करते रहे.
  • सभी ब्लाक/जिला कार्य कारिणी के सदस्यों के नाम, पद, पद स्थान, मोबाइल न. की एक लिस्ट बना कर आज ही मेल करे.
  • अपने प्रत्येक आन्दोलनकारी से एक संकल्प पत्र अनिवार्य रूप से निम्न प्रारूप में भरवा कर अपने प्रदेश कार्यकारिणी को भेजे. इस संकल्प पत्र से हमारी एकता और हमारी ताकत बढेगी. जिस से सरकार पर  लिस्ट जारी ना करने की सूरत में भी अपनी एकता और अपनी ताकत से दबाव बनाया जा सकेगा व साथ ही हमारे लिए लम्बे अरसे से अग्रिम पंक्ति में रह कर अनवरत संघर्ष में लीन हमारे साथियों को संबल मिलेगा.

                                   राजस्थान सयुंक्त संविदा नर्सेज संघर्ष समिति

                                           संकल्प पत्र (संगठन के हितार्थ)

मैं ...................................... पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री .............................................. निवासी .........................   हस्ताक्षर - ............................

पद नर्स-II/एएनएम/पीएचएन पद स्थान .................................... पर एनआरएचएम/संविदा/अस्थाई पर कार्यरत हूँ.

मैं अपने पूरे होशो हवास में ईश्वर को साक्षी मान कर यह घोषणा करता/करती हूँ की जब तक नर्सिंग संवर्ग की सभी

वरीयता सूचिया एक साथ जारी नहीं हो जाती मैं नियमित नियुक्ति के उपरान्त भी कार्यभार ग्रहण नहीं करूँगा/करुँगी.

प्रदेश प्रतिनिधी मण्डल के किसी भी व्यक्ति विशेष पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही होने पर उनके साथ रहूँगा/रहूंगी.

इश्वर इस बात का साक्षी हैं.

नाम - ........................................................ पिता/पति का नाम - .........................................................

पद - .......................................................... पद स्थान - .....................................................................

मोबाइल न. - ................................................... हस्ताक्षर - ..................................................................

 

 


दिनांक 21/02/2014 : आज जयपुर धरना स्थल पर महा अवकाश के साथ ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज में झाड़ू लगा कर सरकार का ध्यान अपने आन्दोलन की और आकर्षित करने की कोशिश की गयी. इससे पहले आई भारी बारिश में भी सभी आन्दोलनकारी धरना स्थल पर ही डटे रहे. इस प्रकार के मनोबल से ही इस संघर्ष को जीता जा सकता हैं. यह मनोबल सिर्फ जयपुर धरना स्थल पर ही नहीं बल्कि राजस्थान के हर जिले में देखने को मिला.

बस अब जरूरत हैं तो इस आन्दोलन को बनाये रखने की. यदि बीकानेर के हमारे वरिष्ठ नियमित नर्सिंग स्टाफ के सामान राजस्थान के बाकी जिलो के नर्सिंग स्टाफ भी इसी प्रकार धरातल पर सहयोग करे तो हमें अपना लक्ष्य बहूत जल्दी ही मिल जाये. परन्तु ऐसा करने के लिए एक बहूत बड़ी सोच और सहयोग की भावना की जरूरत पड़ती हैं. इसी क्रम में हम फिर बीकानेर के नियमित नर्सिंग स्टाफ को हमारे समर्थन में कल दो घंटे का अवकाश किये जाने के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं. आपका बहूत बहूत धन्यवाद.


दिनांक 21/02/2014 : आज सयुंक्त नर्सेज संघर्ष समिति के तत्वाधान में 10वे दिन भी सामूहिक महा अवकाश जारी रहा. साथियों हम अपने संघर्ष के निर्णायक दौर में हैं. हमें याद हैं की हमसे पूर्व हमारे साथी जो की आरआरएचएम के अंतर्गत कार्यरत थे उन्होंने अपने नियमितीकरण के लिए 76 दिन का एतिहासिक आन्दोलन व सामूहिक अवकाश किया था. जिस से उन्हें स्थाई नौकरी का तौहफा मिला था. ज्ञात रहे की आज हमें सामूहिक अवकाश पर सिर्फ 10 दिन ही हुए हैं.

वे आन्दोलनकारी निश्चित रूप से हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं. आज वही हमारे वरिष्ठ साथी हमारा मार्ग दर्शन भी कर रहे हैं. वे स्पष्ट शब्दों में कहते हैं की यह सिर्फ आप लोगो का ही संघर्ष हैं और इसके लिए सिर्फ आप लोगो को ही एक जुट होकर संघर्ष करना हैं. सही बात हैं साथियों यह हमारी समस्या हैं और हमें इसके लिए मौलिक समर्थन तो मिल सकता हैं परन्तु किसी प्रकार के ठोस समर्थन की उम्मीद हम  भी नहीं कर रहे हैं. हमे विजय मिलेगी पर सिर्फ अपने संघर्ष से. तो साथियों आज अपना धैर्य व संयम बनाये रखे. हमें भी शीघ्र ही नियमित नियुक्ति का तौहफा मिलेगा.


दिनांक 21/02/2014 : संविदा नर्सेज किसी  भी प्रकार की चेतावनी से नहीं घबराये. हम लोग सभी नियमो को ध्यान में रख कर ही अपना आन्दोलन चला रहे हैं. पल्स पोलियो एक अति आवश्यक राष्ट्रिय प्रोग्राम हैं. हम भी आम लोगो से जुड़े इस महा अभियान में भाग लेना चाहते हैं इसी कारण हमने पिछली बार भी इस आन्दोलन का बहिष्कार नहीं किया था. अपितु काली पट्टी बांध कर पल्स पोलियो में पूरी जिम्मेदारी से जनहित में अपना काम किया. और तभी हमने इस आन्दोलन के लिए सरकार को चेतावनी भी दे दी थी परन्तु इतना समय बीतने बाद भी आज तक सरकार ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया. इसलिए मजबूरन हमें महा अवकाश पर उतरना पड़ा. हमारे महा अवकाश पर उतरने के बाद से होने वाली अव्यवस्था की समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की हैं. इसी के क्रम में हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं. और अब हम किसी भी हालत में अपने कदम पीछे नहीं ले जा सकते हैं. इसलिए हम अपने धरना स्थल पर पोलियो की दवा तो पिला सकते हैं परन्तु अपनी संविदा की नौकरी पर वापस नहीं जा सकते हैं.

अपने अपने धरना स्थल पर पोलियो की दवा पिलाने के लिए अपने जिले के RCHO साहब को लिखित जानकारी दे. जिसमें बूथ लगाने की अनुमति, पोलियो वैक्सीन, मार्कर, वैक्सीन कैरिएर, प्रमोशनल मटेरियल आदि की सप्लाई के बारे में लिख कर उनसे निशुल्क सेवा देने का निवेदन करे. इसके बाद इसकी जानकारी अपने जिले के समस्त न्यूज़ पेपर व न्यूज़ चैनल को दे.


दिनांक 20/02/2014 : संविदा नर्सेज सयुंक्त संघर्ष समिति, राजस्थान द्वारा अटकी हुए नर्सेज भर्ती के नतीजे घोषित करने की मांग को लेकर नवे दिन भी धरना व सामूहिक अवकाश जारी रहा. आज जयपुर धरने पर 50 व्यक्तियों द्वारा नैत्र दान का लिखित संकल्प लिया गया. जयपुर के हर समाचार पत्र में हमारे आन्दोलन की खबरों को प्रमुखता से छापा जा रहा हैं. जिसमे आंदोलनकारियो द्वारा किये जा रहे रक्त दान को सराहनीय बताया गया व अस्पतालों में हो रही अव्यवस्था का प्रमुखता से उल्लेख किया गया.

सरकार भारी दबाव में हैं जिसके चलते उन्हें हमारी मांग मानने को मजबूर होना ही पड़ेगा. इसके अतिरिक्त हमारे महा अवकाश के कारण पैदा हुयी चिकित्सकीय अव्यवस्था को सुचारू करने के लिए हमारे महा अवकाश को तोड़ने के लिए काफी प्रपंच भी रचे जा रहे हैं जिस कारण अफवाहों का बाज़ार भी काफी गरम हो रहा हैं. सभी साथियों से पुनः निवेदन हैं की किसी भी प्रकार की अफवाह में ना आये.

सर्व प्रथम हमारे प्रतिनिधियों को आन्दोलन नहीं तोड़ने की स्थिति में टर्मिनेट करने की धमकी दी गयी.

फिर हमारे जिला प्रतिनिधियों को आन्दोलन नहीं तोड़ने की स्थिति में टर्मिनेट करने की धमकी दी गयी.

फिर मीडिया के माध्यम से सभी संविदा कर्मचारियों को 18 फरवरी तक ज्वाइन नहीं करने पर टर्मिनेट करने की धमकी दी गयी. पर आज तक कोई टर्मिनेट नहीं हुआ. क्यों की यह सब तो सिर्फ प्रपंच थे हमारे आंदोलन को कुचलने के लिए. सरकार भी नियमो से बंधी हुयी हैं जिस कारण वो सेवा समाप्ति की सिर्फ धमकी ही दे सकती हैं. परन्तु वो कर कुछ भी नहीं सकते. हम नियमानुसार ही चल रहे हैं जिस से हम पर किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की जा सकती हैं.

इसी क्रम में नियमित नर्सेज संघठन के द्वारा भी बहूत से नर्सेज के नियमित नहीं हो पाने की गलत जानकारी फैलाई गयी. और भी बहूत सारे लोग या संस्थाए हमारे साथ सहयोग करने के नाम पर हमारे साथ जुड़ कर हमारे आन्दोलन को तोड़ने की कोशिश करेंगे पर हमेंअपनी लड़ाई खुद ही लड़नी हैं इसके लिए हमें किसी और से सहयोग की अपेक्षा भी नहीं करनी हैं. इस से अच्छा हैं की हमें अपने ही कम सक्रीय साथियों का सहयोग लेने के प्रयास करने चाहिए. और एक बात बिलकुल साफ़ हैं की जब तक लिस्ट जारी नहीं होती यह आन्दोलन जारी रहेगा.

कल बीकानेर जिले के नियमित कर्मचारियों ने नर्सेज की अटकी हुयी भर्ती पूरी करने की मांग को लेकर 2 घंटे 9 बजे से 11 बजे तक का कार्य बहिष्कार किया. इस प्रकार के प्रयास को कौरा आश्वासन नहीं माना जा सकता हैं. उनके इस सराहनीय प्रयास से लिए हम उनके सदा आभारी रहेंगे. 


दिनांक 19/02/2014 : आज का दिन काफी मिला जुला रहा. आज हमारे प्रतिनिधि दल की सरकारी पक्ष से किसी भी प्रकार की कोई वार्ता नहीं हुई. बावजूद इसके लोगो को कई प्रकार की भिन्न भिन्न प्रकार की अफवाहे प्राप्त होती रही. जब तक हमारे प्रतिनिधि दल द्वारा कोई घोषणा नहीं हो हर खबर को मात्र अफवाह ही माना जाये.

जब तक लिस्ट जारी नहीं होती यह संघर्ष जारी रहेगा. अभी तक कोई लिस्ट जारी होने के किसी भी प्रकार के आसार नहीं हैं. हमारे संघर्ष को रोकने के लिए सरकार द्वारा नित नए प्रयास किये जाते रहेंगे. पर हम इस आन्दोलन से पीछे नहीं हटेंगे. संविदाकर्मी अपनी वर्तमान नौकरी को त्यागने का मानस बना कर रखे क्यों की जब तक वे यह संविदा की नौकरी को नहीं छोड़ेंगे वे नियमित नियुक्ति कैसे ले सकेंगे.  जैसे ही इसके लिए सरकार से सहमति बनेगी इस वेब द्वारा आपको अधिकारिक सुचना प्रेक्षित कर दी जाएगी. आप सभी अपनी स्वयं की यूनियन पर एवं अपने स्वयं के प्रतिनिधियों पर अपना भरोसा बनाये रखे. इसके अतिरिक्त आप अपने प्रदेश के निम्न प्रतिनिधियों से भी आधिकारिक सूचना प्राप्त कर सकते हैं.

देवाराम चौधरी - 9784814866

हेमपाल सिंह जादोन - 9694093879 

रमाकांत शर्मा - 9251603103

अभिनीत भरद्वाज - 7737799838

अजय पूनिया - 9783188444

मनफूल पूनिया - 8104403426

मुकेश खंडेलवाल - 9828650058

पवन मीना - 9847926994


दिनांक 19/02/2014 : आज जयपुर धरना स्थल पर रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया. बहूत ही उत्साहपूर्ण वातावरण में सभी संविदा/फ्रेशर  नर्सेज ने इसमें बड चढ़ कर हिस्सा लिया. इसी कारण आज के ही  दिन में 50 लोगो ने स्वेच्छा से रक्त दान किया. इन सभी रक्त दानियो को नमन जिन्होंने सरकारी नौकरी पर ना होते हुए भी समाज की सेवा के लिए यह अमूल्य दान दिया हैं. इस रक्त का उपयोग जरूरतमंद महिलाओ के लिए होगा जिन्हें प्रसव के दौरान रक्त की कमी होगी.  


दिनांक 19/02/2014 : आज अपरिहार्य कारणों से दिनांक 20/02/2014 को जयपुर में होने वाली रैली का प्रोग्राम निरस्त किया जा रहा हैं. आगे की रणनीति के सम्बन्ध में सूचना शीघ्र ही जारी कर दी जाएगी.

कृपया कर आप सभी से अनुरोध हैं की इस रैली से सम्बंधित सभी बुकिंग तुरंत निरस्त कर दे. यह बहूत ही ज्यादा जरूरी हैं की हमें सरकार के रवैय्ये के अनुसार अपनी नीतियों में संशोधन करना होगा.

यह आन्दोलन लिस्ट जारी होने तक जारी रहेगा किसी भी प्रकार की अफवाहो पर ध्यान ना दे. 


दिनांक 19/02/2014 : प्रदेशव्यापी रैली से सम्बंधित सुचना -

  • 20/02/2014 को प्रदेश के सभी जिलो में धरना व अनिश्चितकालीन अवकाश जारी रखते हुए प्रदेश स्तरीय रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुचे.
  • रैली के लिए दिनांक 20/02/2014 को दोपहर 12 बजे नेहरु पार्क, टोंक फाटक पुलिया के पास एकत्रित हो.
  • रैली का आयोजन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नेहरु पार्क से धरना स्थल मेडिकल कॉलेज, जयपुर तक होगा.
  • रैली में आने वाले लोगो से प्रदेश प्रतिनिधि मण्डल की अपील हैं की रैली समाप्त होते ही स्वतः पुनः अपने जिलो के लिए तुरंत प्रस्थान करे और अपने जिलो में चल रहे धरने को मजबूत रखे.
  • रैली में आने के साथ जिला प्रतिनिधि से सयुंक्त संघर्ष समिति की अपील हैं की प्रदेश स्तरीय धरना एवं रैली के आयोजन हेतु कुछ वित्तीय सहायता 5,000 से 10,000 तक की राशि प्रदेश प्रतिनिधि मण्डल को लिखित प्राप्ति रसीद लेते हुए सुपुर्द करे.
  • अपने अपने जिलो में लौटते ही अनिश्चितकालीन आन्दोलन को और मजबूत बनाये.
  • अपने अपने जिलो से रवाना होने से पहले एक बार भंवर लाल विश्नोई जी से (9828968471, 9782480123) बात कर ले.

 

संविदा नर्सेज की सरकार को चेतावनी -

  • आज ही दिनांक 19/02/2014 को अपने CMHO/PMO/PRINCIPAL & CHIEF झालावाड मेडिकल कॉलेज सोसाइटी को एक पत्र (Click here to download) दो प्रतियों में देकर उसे डिस्पैच करवा कर इस लैटर की प्रति ले लेवे.
  • मांग पत्र - एक की बजाय दो सूत्रीय (Click here to download) ....... क्यों की संविदा नर्सेज की मांग तो एक सूत्रीय ही हैं जब की दूसरी मांग सरकार ने अपने लिए स्वयं पैदा की हैं.
  • दिनांक 20/02/2014 से चलने वाले विधान सभा सत्र के लिए अपने अपने क्षैत्रीय विधायको को अपने मांग पत्र के बारे में अवगत करवा दे. जिस से वे विधान सभा में अपने मुद्दे को उठा सके.
  • सभी जिला स्तरीय कार्यकारिणी से यह निवेदन हैं की वह अपने क्षेत्रीय नियमित नर्सेज एसोसिएशन को एक प्रार्थना पत्र (Click here to download) दे कर उनसे लिखित में पूर्ण सहयोग की मांग करे.

दिनांक 18/02/2014 : अतिरिक्त मिशन निदेशक नीरज पवन जी को टर्मिनेट टर्मिनेट खेलने का काफी शौक हैं. सबसे पहले इन्होने एनआरएचएम के प्रदेश के प्रतिनिधि दल के सदस्यों देवाराम चौधरी जी, हेमपाल जादोन जी, रमाकांत शर्मा जी, अजय पुनिया जी, अभिनीत भारद्वाज जी, मनफूल पुनिया जी को 8 वार्ताओ में टर्मिनेट करने की धमकीया दी. परन्तु इनमे से कोई भी नहीं झुका.

तब अतिरिक्त मिशन निदेशक नीरज पवन जी ने टर्मिनेट करने की धमकी दे कर डराने के लिए प्रत्येक जिले के 2 प्रतिनिधियों व प्रत्येक मेडिकल कॉलेज से एक एक प्रतिनिधियों को बुलवाया. नवी वार्ता करते हुए उन सभी को भी टर्मिनेट करने की धमकी दे कर डराने का प्रयास किया गया. परन्तु जिला प्रतिनिधियों में से भी जब वे किसी तो तोड़ ना सके तो उन्होंने अपने अगले कदम में प्रत्येक संविदाकर्मी को डराने का निर्णय लिया हैं.

प्रदेश के प्रतिनिधियों को डराया पर वो नहीं डरे, फिर जिले के प्रतिनिधियों को डराया पर वो भी नहीं डरे उन्होंने भी अपने हौसले अपने इरादे जाहिर किये अब आप सभी की बारी भी आने वाली हैं.

बस इतना याद रखना की अतिरिक्त मिशन निदेशक नीरज पवन जी वो अधिकारी हैं जो आज तक झूठ के बूते पर ही लड़ते आये हैं. इन्होने कभी अपनी कथनी अपनी करनी में सिद्ध नहीं की हैं.

इतने सारे लोगो को कभी टर्मिनेट नहीं किया जा सकता हैं. आप सभी को वार्निंग पर वार्निग ही मिलती रहेगी. कैसे भी कर के हम लोगो को कुछ और दिन अपना सामूहिक अवकाश बनाये रखना होगा. 21 से चलने वाले विधानसभा सत्र में हमें विधायको का भारी समर्थन मिलने वाला हैं. विधानसभा की कार्यवाही से हमें काफी आशाए हैं.

यदि कोई कार्यवाही होती भी हैं तो वो सभी के लिए तो हो ही नहीं सकती. यदि होगी तो सर्वप्रथम हमारी प्रदेश कार्य कारिणी पर होगी. उसके बाद ही किसी और पर आंच आएगी. सभी से अपील हैं की किसी भी प्रकार की गीदड़ भभकी से डरना मत. ना तो आज से पहले हमने कभी ऐसा तगडा विरोध पहले कभी किया हैं और ना ही फिर कभी कर पाएंगे.


दिनांक 18/02/2014 सभी जिलो की एक टीम जो क्षेत्रीय विधायको से मिलेगी वो कोशिश करे की विधायक महोदय अपने धरना स्थल तक आ कर हमे अपना संबोधन दे. इस से यह होगा की आज से 2 दिन बाद शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उन विधायको द्वारा हमारी भर्ती का मुद्दा जोर शोर से उठाया जायेगा. अपने विधायको से मिल कर उनसे कोई फ़ालतू बात ना कर के सिर्फ निम्न बिन्दुओ पर वार्ता करे.

  • हमारी लिस्ट तैयार हो चुकी हैं. जैसा की अधिकारियो से पता चला हैं  
  • सरकार की मंशा भी भर्ती को पूरा करने की हैं जैसा की मंत्री जी स्वयं कहते हैं.
  • भर्ती को पूरा करने में कोई कानूनी अड़चन भी नहीं हैं. जैसा की हाई कोर्ट, जोधपुर का निर्णय भी दिया जा चूका हैं.
  • सभी संविदाकर्मी व फ्रेशर भी हाई कोर्ट, जोधपुर के निर्णयानुसार भर्ती पूरी करने के लिए राजी भी हैं .
  • लिस्ट जारी करने में ज्यादा समय भी नहीं लगेगा जैसा की सरकार  की और से 11 फरवरी से ही कहा भी जा रहा हैं की सामूहिक अवकाश की घोषणा वापस लेते ही मात्र 3 दिनों में ही लिस्ट जारी कर दी जाएगी.

...................... तो फिर ऐसी क्या मजबूरी हैं की सामूहिक अवकाश की घोषणा करने के सातवे दिन भी लिस्ट का कही अता पता नहीं हैं. 


दिनांक 18/02/2014 सभी जिलो से आग्रह हैं की आज से ही कुछ क्रिया कलाप अनिवार्य रूप से शुरू कर दे जिस से इस आन्दोलन को और भी प्रभावशाली बनाया जा सके.

  • हर जिले में 24 घंटे धरना रखना हैं. हमेशा कुछ लोगो को धरना स्थल पर ही उपस्थित रहना होगा.
  • हर जिले में कुछ लोगो को एक टीम में सभी क्षेत्रीय विधायको से समर्थन पत्र लेने होंगे. और इसके लिए अपने पास सिर्फ आज और कल तक का ही समय हैं. क्यों की 20 फरवरी को कैबिनेट की मीटिंग हैं. जिसमे हमे मुद्दा उठाको ना होगा.
  • रोज शाम को 5 बजे निम्न महानुभावो को अपना मांग पत्र मेल करना होगा.
  1. श्री नरेन्द्र मोदी जी - webmaster@narendramodi.net, cm@gujaratindia.com www.narendramodi.in/citizen-wall/
  2. श्री राजनाथ सिंह जी - 38ashokroad@gmail.com, www.rajnathsingh.in/ask-a-question/

दिनांक 17/02/2014 : आज नवे चरण की वार्ता के लिए अतिरिक्त मिशन निदेशक नीरज पवन जी ने सम्पूर्ण राजस्थान के प्रत्येक जिले से दो दो प्रतिनिधियों को बुलवाया हुआ था. यह वार्ता दोपहर 1 बजे से 5:30 तक चली. साडे चार घंटे तक चली इस वार्ता में नीरज पवन जी द्वारा सिर्फ और सिर्फ इस अनिश्चितकालीन अवकाश को तोड़ने के लिए ही बात हुई.

नीरज पवन या सीधे तौर पर कहे की सरकार को फिलहाल किसी भी भर्ती को पूरा करने की कोई भी मंशा नहीं हैं. हम लोगो के इस अनिश्चितकालीन अवकाश पर रहने के कारण चिकित्सा सेवाए बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और पल्स पोलियो का प्रोग्राम भी नजदीक ही हैं जिस कारण प्रशासन सिर्फ इतना चाहता हैं की हम लोग कैसे भी एक बार काम पर लौट जाये तो बस प्रशासन का स्वार्थ सिद्ध हो जायेगा. हमें किसी भी हालत में यह अनिश्चितकालीन महा अवकाश को तोडना नहीं हैं. सरकार को हमारे आमरण अनशन से भी इतना फर्क नहीं पड़ेगा जितना की हमारे महा अवकाश से पड रहा हैं.

साडे चार घंटे तक चली इस वार्ता में राज्य के सभी जिलो से आये प्रतिनिधियों से पानी तक नहीं पूछा गया. क्या इतने बड़े अधिकारी इतना भी नहीं जानते की इतनी लम्बी वार्ता में लोगो को प्यास भी लग सकती हैं.

नीरज पवन (अति. मिशन निदेशक), यु.डी.खान(प्रोजेक्ट निदेशक) एवं के.एल.स्वामी (अति. निदेशक, प्रशा.) के साथ हुई इस वार्ता में सभी 33 जिलो से आये दो दो प्रतिनिधियों ने व सातो मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस मीटिंग में फिर से नीरज पवन जी ने अपने वही दाव खेले. पूर्व की भाति इस बार भी उन्होंने वही बात कही की "आप आज स्ट्राइक तोड़ो तो में मंत्री जी के हस्ताक्षर भर्ती फाइल पर करवा लूँगा."

परन्तु साथियों मुझे ख़ुशी हैं की हमारा कोई भी जिला प्रतिनिधि किसी भी प्रकार के झांसे में नहीं आया. तब फिर से नीरज पवन जी ने प्रदेश कार्यकारिणी के रूप में देवाराम चौधरी, अजय पूनिया, हेमपाल सिंह जादोन, अभिनीत भारद्वाज, मनफूल पुनिया, रमाकांत शर्मा को बुलाया गया उनसे हुई वार्ता में उन्होंने भी महा अवकाश वापस लेने से इनकार कर दिया.

इसलिए साथियों महा अवकाश तबतक जारी रहेगा जबतक लिस्ट जारी नहीं हो जाती.


दिनांक 17/02/2014 : जयपुर के धरना स्थल का विस्तृत प्रोग्राम देखे आज शाम को भास्कर लाइव पर. इसके अलावा राजस्थान के सभी प्रमुख न्यूज़ चैनल पर भी यह प्रोग्राम प्रसारित किया जायेगा. अभी तक सयुंक्त संघर्ष समिति के जिला प्रतिनिधि नीरज के. पवन (अतिरिक्त मिशन निदेशक), यु. डी. खान (परियोजना निदेशक) व के. एल. स्वामी (अति. निदेशक, प्रशा.) के साथ निदेशालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मीटिंग चल रही हैं. जहा पर हमारे संघर्ष समिति के प्रदेश कार्यकारिणी को भी अभी अभी मीटिंग के लिए बुलाया गया हैं.

वहा क्या हो रहा हैं हम सभी इस बात को जानते हैं ........................ वो लोग सिर्फ और सिर्फ इस आन्दोलन को समाप्त करने की साजिश ही कर रहे होंगे. अब देखते हैं की क्या होता हैं.


दिनांक 17/02/2014 :%



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